मऊ :दुर्गा पूजा को लेकर कोपागंज थाने में समितियों के साथ बैठक।||Mau:Meeting with committees at Kopaganj police station regarding Durga Puja.||
ताज़ा खबरों से अपडेट रहने के लिए हमारे WhatsApp चैनल से जुड़ेंJoin करें →मऊ : दुर्गा पूजा को लेकर कोपागंज थाने में समितियों के साथ बैठक। ●सीओ ने डीजे की आवाज नियंत्रित रखने के दिए निर्देश, सड़क और प्रकाश व्यवस्था दुरुस्त कराने पर जोर। दो टूक : मऊ जनपद के थाना कोपागंज में दुर्गा पूजा एवं आगामी धार्मिक आयोजनों को शांतिपूर्ण, सौहार्दपूर्ण और व्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने के उद्देश्य से कोपागंज थाना परिसर में दुर्गा पूजा समितियों के पदाधिकारियों एवं संबंधित विभागों के अधिकारियों के साथ बैठक आयोजित की गई।
बैठक में सुरक्षा व्यवस्था, यातायात, विद्युत व्यवस्था तथा नगर की मूलभूत सुविधाओं को लेकर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। क्षेत्राधिकारी घोसी सतेन्द्र भूषण तिवारी ने दुर्गा पूजा समितियों से अपील की कि पूजा एवं जुलूस के दौरान निर्धारित नियमों का पालन करें और डीजे को कम बेस एवं नियंत्रित आवाज में बजाया जाए, ताकि आसपास के लोगों को असुविधा न हो।
उन्होंने सभी समितियों से आपसी समन्वय बनाए रखने तथा किसी भी समस्या की स्थिति में तत्काल पुलिस को सूचना देने की बात कही। बैठक में सदर तहसीलदार शेषमणि ने भी समितियों से प्रशासन के निर्देशों का पालन करते हुए शांतिपूर्ण वातावरण में आयोजन संपन्न कराने की अपील की। वहीं कोपागंज नगर पंचायत अध्यक्ष प्रतिनिधि अरशद रेयाज ने नगर क्षेत्र में दुर्गा पूजा के मद्देनजर सड़कों के किनारे खराब पड़ी लाइटों को दुरुस्त कराने तथा आवश्यक स्थानों पर प्रकाश व्यवस्था बेहतर कराने की बात कही।
उन्होंने नगर की सड़कों को गड्ढामुक्त कराने पर भी जोर दिया, ताकि श्रद्धालुओं और आम लोगों को आवागमन में परेशानी न हो। बैठक में बिजली विभाग के जेई प्रवीण कुमार, थाना के हेड मुहर्रिर अजय कुमार पाण्डेय, कस्बा इंचार्ज अंकित सिंह, हेड कांस्टेबल राजकुमार पाल सहित कुर्थीजाफर नगर पंचायत अध्यक्ष जफर अहमद तथा विभिन्न दुर्गा पूजा समितियों के पदाधिकारी मौजूद रहे।
अधिकारियों ने सभी समितियों से प्रशासन एवं पुलिस के साथ समन्वय बनाकर पर्व को शांतिपूर्ण एवं सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न कराने की अपील की।
📡 स्रोत: NewsData.io
🎙️ जनता का संदेश का मत
दुर्गा पूजा के दौरान शोर-शराबे और अव्यवस्था को नियंत्रित करने के लिए पुलिस और समिति के बीच सहयोग से यह स्पष्ट होता है कि सांस्कृतिक कार्यक्रमों में शांति और व्यवस्था को प्राथमिकता देना समाज के लिए अनिवार्य है। यदि किसी भी प्रकार का असहमति उत्पन्न हो, तो संवाद और सामूहिक निर्णय से समाधान निकाला जा सकता है, जिससे सभी को एकजुट होकर आनंदित होने का अवसर मिलता है। यह उदाहरण हमें दिखाता है कि परस्पर सम्मान और सहमति से समाज में सद्भाव बना रहता है।