मऊ के साड़ी कारोबारियों से 10 करोड़ की धोखाधड़ी:माल लेकर पैसा नहीं दिया, हैदराबाद की फर्म के संचालक समेत तीन पर मुकदमा
ताज़ा खबरों से अपडेट रहने के लिए हमारे WhatsApp चैनल से जुड़ेंJoin करें →मऊ में मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट के आदेश पर धोखाधड़ी का एक मामला दर्ज किया गया है। यह मुकदमा हैदराबाद की एक फर्म के संचालक समेत तीन लोगों के खिलाफ दक्षिणटोला थाने में दर्ज हुआ है। साड़ी कारोबारी मुनव्वर अली की शिकायत पर यह कार्रवाई हुई है। आरोप है कि साड़ी कारोबार के नाम पर भुगतान रोकने, चेक बाउंस होने और धमकी देने के साथ मऊ के कई व्यापारियों से करोड़ों रुपये की धोखाधड़ी की गई है।
दक्षिणटोला थाना क्षेत्र के डोमनपुरा कसारी निवासी साड़ी कारोबारी मुनव्वर अली की शिकायत पर पुलिस ने तीन लोगों पर केस दर्ज किया है। इनमें इमरान नसीम, हैदराबाद निवासी समीउद्दीन खान और उनकी पत्नी शहीदा बेगम शामिल हैं। इन पर भारतीय न्याय संहिता की धारा 318(4), 351(3) और 352 के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है।
मामले की जांच उपनिरीक्षक हरिकेश यादव को सौंपी गई है। एफआईआर के मुताबिक, मुनव्वर अली 'इंसा कलेक्शन' नाम से साड़ी का व्यापार करते हैं। उन्होंने आरोप लगाया है कि इमरान नसीम मऊ और पूर्वांचल के हैंडलूम साड़ी व्यापारियों से माल लेकर दक्षिण भारत में सप्लाई करता था। इसी व्यापारिक संबंध के दौरान करीब साढ़े आठ लाख रुपये का साड़ी का माल हैदराबाद भेजा गया, लेकिन उसका भुगतान नहीं किया गया।
शिकायतकर्ता का कहना है कि जब भुगतान मांगा गया तो बार-बार आश्वासन दिया गया और चेक भी दिए गए। हालांकि, खाते में पर्याप्त पैसा न होने के कारण चेक बाउंस हो गए। एफआईआर में यह भी आरोप है कि आरोपियों की मिलीभगत से मऊ के 20 से ज्यादा साड़ी व्यापारियों के साथ धोखाधड़ी हुई है। करीब 10 करोड़ रुपये से ज्यादा की रकम का भुगतान अभी तक नहीं किया गया है।
मुनव्वर अली ने यह भी आरोप लगाया है कि अप्रैल 2026 में भुगतान मांगने पर उन्हें धमकी दी गई थी। एफआईआर के अनुसार, विवाद के दौरान लोहे की नुकीली कटारी दिखाकर डराने-धमकाने का भी आरोप है। शिकायतकर्ता ने बताया कि उन्होंने पहले स्थानीय थाने और फिर पुलिस अधीक्षक से मामले की शिकायत की थी। जब कोई कार्रवाई नहीं हुई, तो उन्होंने कोर्ट का दरवाजा खटखटाया।
कोर्ट के आदेश के बाद 17 सितंबर 2026 को दक्षिणटोला थाने में यह मुकदमा दर्ज किया गया। पूरे मामले पर थाना दक्षिण टोला थाना प्रभारी बसंत लाल ने बताया कि पुलिस विवेचना के दौरान लेनदेन, चेक और अन्य दस्तावेजों की जांच करेगी। एफआईआर में लगाए गए आरोपों की पुष्टि विवेचना के बाद ही स्पष्ट होगी।
📡 स्रोत: NewsData.io
🎙️ जनता का संदेश का मत
मूँ के साड़ी व्यापारियों को हुए 10 करोड़ की धोखाधड़ी के मामले से यह सिखने को मिलता है कि व्यापार में विश्वास और पारदर्शिता सबसे बड़ी पूंजी है। जब किसी को आर्थिक नुकसान हो, तो तुरंत कानूनी रास्ते अपनाएँ—किसी भी अवैध चाल से बचने के लिए दस्तावेज़ी साक्ष्य रखें और अदालत में शिकायत दर्ज करें। यह घटना हमें याद दिलाती है कि समाज में न्याय और जवाबदेही की संस्कृति को मजबूत करना हमारी सामूहिक जिम्मेदारी है, ताकि ऐसे अपराधों को रोका जा सके और पीड़ितों को न्याय मिल सके।