अपराध

मेरठ में मतदाता सूची से छूटे छह लाख नामों की होगी तलाश, घर-घर पहुंचेंगे कर्मचारी

लेखक: JKS News Desk अंतिम अपडेट: 12 अक्टूबर 2026
प्रकाशक: जनता का संदेश
मेरठ में मतदाता सूची से छूटे छह लाख नामों की होगी तलाश, घर-घर पहुंचेंगे कर्मचारी

मेरठ में मतदाता सूची से छूटे छह लाख नामों की होगी तलाश, घर-घर पहुंचेंगे कर्मचारी एक जनवरी 2027 को 18 वर्ष की आयु पूरी करने वाले युवा भी कर सकेंगे आवेदन, ऑनलाइन पंजीकरण की सुविधा उपलब्ध मेरठ। मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के बाद मेरठ जिले की सात विधानसभा क्षेत्रों में मतदाताओं की संख्या में करीब छह लाख की कमी दर्ज की गई है।

अब छूटे हुए और नए मतदाताओं को सूची में शामिल करने के लिए चुनाव आयोग ने अभियान चलाने के निर्देश दिए हैं। इसके तहत जिला प्रशासन विभिन्न सरकारी विभागों के कर्मचारियों की मदद से घर-घर जाकर पात्र मतदाताओं की तलाश कराएगा। एसआईआर के बाद मतदाता सूची में जनसंख्या के मुकाबले मतदाताओं का अनुपात (ईपी रेश्यो) और महिला-पुरुष मतदाताओं का अनुपात (जेंडर रेश्यो) निर्धारित मानकों के अनुरूप करने पर जोर दिया जा रहा है।

चुनाव आयोग ने इन अनुपातों में सुधार के लिए आवश्यक कदम उठाने के निर्देश दिए हैं। कई विभागों के कर्मचारी करेंगे सर्वे उप जिला निर्वाचन अधिकारी एवं एडीएम प्रशासन विजय वर्धन तोमर ने बताया कि महिला कल्याण, उच्च शिक्षा, माध्यमिक शिक्षा, चिकित्सा, दिव्यांगजन, ग्राम्य विकास और युवा कल्याण समेत विभिन्न विभागों के कर्मचारियों की मदद से छूटे हुए और नए मतदाताओं को चिह्नित किया जाएगा।

पात्र नागरिकों से भी मतदाता सूची में नाम जुड़वाने के लिए आवेदन करने की अपील की गई है। ऑनलाइन आवेदन की भी सुविधा जिन नागरिकों का नाम मतदाता सूची में शामिल नहीं है, वे ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। एक जनवरी 2027 को 18 वर्ष की आयु पूरी करने वाले युवा भी मतदाता बनने के लिए आवेदन कर सकेंगे।

इसके लिए चुनाव आयोग के ECINET मोबाइल एप, वोटर हेल्पलाइन एप और आधिकारिक वेबसाइट voters.eci.gov.in का उपयोग किया जा सकता है। प्रशासन का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि कोई भी पात्र नागरिक मतदाता सूची में नाम दर्ज कराने से वंचित न रहे और आगामी चुनावों में अपने मताधिकार का प्रयोग कर सके।

📡 स्रोत: NewsData.io

📰 पूरी खबर पढ़ें (NewsData.io पर जाएं)

🎙️ जनता का संदेश का मत

वोटिंग के अधिकार को सुरक्षित रखना समाज की नींव है। हर नाम को पंजीकृत कराना न केवल लोकतंत्र की पूर्णता दर्शाता है, बल्कि हर नागरिक को अपनी आवाज़ उठाने का अधिकार देता है। इस प्रयास से युवा भी 18 वर्ष पर अपने मताधिकार का प्रयोग कर सकेंगे, जिससे राजनीतिक जागरूकता बढ़ेगी। हमें इस कार्य को सहानुभूति और समर्पण के साथ आगे बढ़ाना चाहिए, ताकि हर आवाज़ सुनी जा सके और समाज में समावेशिता और विश्वास की भावना प्रबल हो।

J
JKS News Desk

जनता का संदेश की संपादकीय टीम आपके लिए भोपाल, मध्यप्रदेश और देश की सटीक और विश्वसनीय समाचार प्रस्तुत करती है।