मेवा-माया की जोड़ी चलाएगी सवाई माधोपुर की शहरी सरकार
ताज़ा खबरों से अपडेट रहने के लिए हमारे WhatsApp चैनल से जुड़ेंJoin करें →जिले की 6 निकायों में शहरी सरकार का गठन हो चुका है। 20 साल बाद सवाई माधोपुर और नवगठित बौंली में मुखिया की कुर्सी ओबीसी और खंडार पालिका एससी आरक्षित थी। ऐसे में भाजपा ने यहां उपाध्यक्ष पद पर सामान्य वर्ग को साधने के लिए तीनों ही जगह अग्रवाल समाज को टिकट देकर तवज्जो दी। चूंकि, शहरी मतदाताओं में सामान्य वर्ग में अग्रवाल समाज की संख्या ज्यादा मानी जाती है, ऐसे में प्रतिनिधित्व मिलने की चर्चा है।
सवाई माधोपुर परिषद में उपसभापति पद पर माया गोयल, बौंली में दीपा मित्तल और खण्डार में द्वारिका प्रसाद गर्ग की उपाध्यक्ष पद पर ताजपोशी हुई है। सवाई परिषद में महिला राज नजर आया है। यहां मेवा चौधरी-माया गोयल की जोड़ी शहरी सरकार को चलाएगी। गंगापुरसिटी व वजीरपुर में पहली बार अल्पसंख्यक मुस्लिम वर्ग को मौका मिलने पर मुजाहिद खान को उपसभापति की कुर्सी मिली है।
वजीरपुर में भी आस्कर को उपाध्यक्ष बनाकर अल्पसंख्यक समाज को साधा गया है। बहरहाल, शहरी सरकार में प्रतिनिधित्व अब 3 पुरुष, 3 महिलाओं के साथ यानी आधी आबादी के हाथ है। मंगलवार को उपाध्यक्ष चुनाव में भी 6 में से 2 महिलाओं ने बाजी मारी। लिहाजा, गंगापुरसिटी व बामनवास में कांग्रेस और 4 जगह सवाईमाधोपुर, वजीरपुर, खंडार व बौंली में भाजपा का परचम फहराया है।
बामनवास में कांग्रेस के श्यामलाल मीणा और वजीरपुर में भाजपा के असकर निर्विरोध उपाध्यक्ष बने हैं। गौरतलब है कि सवाईमाधोपुर में कृषि मंत्री डॉ.किरोडी लाल मीणा और खंडार में विधायक जितेंद्र गोठवाल ने साख बचाई है, वहीं बामनवास विधायक व कांग्रेस जिलाध्यक्ष इंदिरा मीना ने बौंली पालिका को गंवाकर सिर्फ बामनवास पालिका में बोर्ड बनाकर लाज बचाई है।
जबकि, गंगापुर सिटी में विधायक रामकेश मीणा ने बोर्ड पर कब्जा जमा कर कांग्रेस को संजीवनी बूटी प्रदान की है। जिले के 6 निकायों की कमान 3 पुरुष, 3 महिलाओं के हाथ, गंगापुरसिटी व वजीरपुर में पहली बार मुस्लिम वर्ग को मौका गंगापुर सिटी नगर पालिका की स्थापना आजादी से पहले 1944 में हो गई थी।
अब तक 14 बार बोर्ड का गठन हुआ, लेकिन कभी किसी अल्पसंख्यक को उपसभापति बनने का अवसर नहीं मिला। गंगापुर सिटी निकाय के इतिहास में यह पहला मौका है जब कोई अल्पसंख्यक नगर परिषद के उपसभापति पद पर काबिज हुआ। इस बार 60 वार्ड की नगर परिषद में बड़ी संख्या में अल्पसंख्यक प्रत्याशी पार्षद बनकर आए हैं, पहले इनका दावा सभापति के लिए था, लेकिन आम सहमति नहीं बन पाई।
अल्पसंख्यक वोटों को साधने के लिए विधायक रामकेश मीणा ने वार्ड 60 से पार्षद चुने गए मुजाहिद खान पर दांव खेला और मंगलवार को हुए उपसभापति के निर्वाचन में मुजाहिद उपसभापति निर्वाचित घोषित किए गए। इसी प्रकार पहली बार गठित हुई वजीरपुर नगर पालिका में भी उपाध्यक्ष का पद अल्पसंख्यक आस्कर को मिला है।
बामनवास में भी नगर पालिका का गठन पहली बार ही हुआ। इस बार यहां श्यामलाल मीणा को निर्विरोध उपाध्यक्ष चुना गया।
📡 स्रोत: NewsData.io