Microsoft में नौकरी छोड़ने के लिए मिल रहे हैं 11 लाख रुपए, क्या है VEO?
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माइक्रोसॉफ्ट ने 26 अक्टूबर को वॉलंटरी एग्जिट ऑफर यानी VEO की घोषणा की थी.
इस स्कीम में कंपनी के कुछ चुनिंदा विभागों में कर्मचारियों को कुछ महीनों की बेसिक सैलरी के साथ 1 दिसंबर तक नौकरी छोड़ने का ऑप्शन दिया गया है.
ऑफर चुनने वाले मिडिल-लेवल कर्मचारियों को 39 सप्ताह की बेसिक सैलरी और सीनियर-लेवल कर्मचारियों को 12 महीने की बेसिक सैलरी दी जा रही है
ये ऑफर भारत के अलावा अमेरिका, ब्रिटेन और कनाडा में भी लागू है. लेकिन क्या आपको वॉलंटरी एग्जिट ऑफर के बारे में पता है?
यहां से समझिए कि VEO क्या है और इस ऑफर के मिलने के बाद इंजीनियर ने सोशल मीडिया पर लोगों से क्या राय मांगी है. साथ ही समझेंगे कि VEO फायदे का सौदा है या फिर इसमें नुकसान है.
क्या है वॉलंटरी एग्जिट ऑफर?
वॉलंटरी एग्जिट ऑफर एक कॉर्पोरेट प्लान है, जिसमें कंपनी छंटनी करने की बजाय अपने कर्मचारियों को अपनी मर्जी से नौकरी छोड़ने का ऑप्शन देती है.
माइक्रोसॉफ्ट ने भी भारत और 4 दूसरे देशों में अपने 60000 कर्मचारियों के लिए इस तरह के वॉलंटरी एग्जिट ऑफर दिए हैं.
इंजीनियर ने क्या पूछा? सोशल मीडिया हैंडल Reddit पर हैदराबाद के एक सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट इंजीनियर ने बताया कि उन्हें माइक्रोसॉफ्ट छोड़ने के बदले 11 लाख रुपए का ऑफर मिला है.
फिर उन्होंने लोगों से पूछा कि क्या उन्हें ये पैसे लेकर कंपनी छोड़ देनी चाहिए. 11 लाख रुपए उनकी तीन महीने की सैलरी के बराबर है.
लेकिन मुश्किल ये भी है कि नौकरी छोड़ने के बाद अगली नौकरी कब मिलेगी, ये फिक्स नहीं है.
अगर उन्हें तुरंत दूसरी नौकरी नहीं मिलती तो 11 लाख रुपए से कितने समय तक खर्च चल पाएगा, ये भी परेशानी वाली बात है.
Reddit पर लोगों ने क्या दी राय?
इस पोस्ट पर लोगों की अलग- अलग दी है.
कुछ लोगों का मानना है कि जब तक दूसरी नौकरी पक्की न हो तब तक नौकरी छोड़ना सही नहीं होगा. वैसे भी आईटी सेक्टर में नई नौकरी ढूंढने में समय लग सकता है.
वहीं, कुछ यूजर्स ने कहा कि अगर किसी कर्मचारी के पास बचत है और वो पहले से नौकरी
📡 स्रोत: ABP Live Vyapar