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Middle East Escalation: जॉर्डन, कुवैत से इराक तक ईरान का घातक पलटवार! US सैन्य ठिकानों पर दागे मिसाइल-ड्रोन, जवाब में अमेरिका ने तेहरान व सैन्य ठिकानों पर किए ताबड़तोड़ हमले

लेखक: JKS News Desk अंतिम अपडेट: 8 सितंबर 2026 👁️ 1 बार पढ़ा गया
प्रकाशक: जनता का संदेश
Middle East Escalation: जॉर्डन, कुवैत से इराक तक ईरान का घातक पलटवार! US सैन्य ठिकानों पर दागे मिसाइल-ड्रोन, जवाब में अमेरिका ने तेहरान व सैन्य ठिकानों पर किए ताबड़तोड़ हमले

पश्चिम एशिया में जारी छद्म युद्ध अब पूरी तरह से प्रत्यक्ष और विनाशकारी सैन्य टकराव में बदल चुका है। होर्मुज जलडमरूमध्य में जहाजों पर हुए हमलों और अमेरिकी कार्रवाई के बाद ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने जॉर्डन, कुवैत, इराक और बहरीन में फैले अमेरिकी सैन्य ठिकानों को एक साथ निशाना बनाकर भीषण मिसाइल और आत्मघाती ड्रोन हमले किए हैं।

इस भीषण आक्रामकता के तुरंत बाद अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) और वायुसेना ने पलटवार करते हुए तेहरान के रणनीतिक केंद्रों, रडार स्टेशनों, कमांड बेस और हथियार डिपो सहित 10 से अधिक महत्वपूर्ण ठिकानों पर पिन-पॉइंट मिसाइल स्ट्राइक कर बड़ा नुकसान पहुंचाया है। दोनों देशों के बीच हुए इस आमने-सामने के मिसाइल युद्ध ने पूरे खाड़ी क्षेत्र को बारूद के ढेर पर ला खड़ा किया है।

ईरान का चौतरफा हमला: जॉर्डन से लेकर इराक तक गूंजे धमाके ईरानी सेना और आईआरजीसी ने पश्चिम एशिया में फैले अमेरिकी सैन्य ढांचे को पंगु बनाने के उद्देश्य से एक समन्वित ऑपरेशन शुरू किया: जॉर्डन (प्रिंस हसन और कैंप टिटिन): ईरान ने जॉर्डन की सीमा में मौजूद अमेरिकी मरीन कैंप और प्रिंस हसन एयरबेस की ओर 13 बैलिस्टिक मिसाइलें दागीं।

जॉर्डन के एयर डिफेंस सिस्टम ने इनमें से 10 मिसाइलों को हवा में ही इंटरसेप्ट कर नष्ट कर दिया, जबकि 3 मिसाइलें आबादी से दूर गिरीं। आईआरजीसी ने दावा किया है कि इस हमले में एमक्यू-9 और आरक्यू-4 ड्रोन्स के हैंगर्स को भारी क्षति पहुंची है। कुवैत और बहरीन में सायरन और ड्रोन अटैक: कुवैत में मौजूद अमेरिकी बेस और बहरीन के 'शेख ईसा एयरबेस' तथा अमेरिकी फिफ्थ फ्लीट के निकटवर्ती निगरानी केंद्रों पर कामिकेज ड्रोन्स से हमला किया गया।

कुवैती वायुसेना ने कई ड्रोन्स को मार गिराया, हालांकि मलबे गिरने से तटीय इलाकों में अफरा-तफरी मच गई। इराक (इरबिल बेस): उत्तरी इराक के इरबिल अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डे और अमेरिकी वाणिज्य दूतावास के करीब स्थित सैन्य बेस पर मिसाइलें दागी गईं, जहां टेक्निकल इक्विपमेंट वेयरहाउस और सर्विलांस सिस्टम को निशाना बनाने का दावा किया गया।

अमेरिका का भीषण पलटवार: तेहरान और तटीय सैन्य ठिकानों पर बमबारी ईरानी मिसाइलों और ड्रोन्स के हमलों के चंद घंटों के भीतर अमेरिकी सेना ने आक्रामक जवाबी ऑपरेशन शुरू किया। अमेरिकी लड़ाकू विमानों और युद्धपोतों से दागी गई सटीक क्रूज मिसाइलों ने राजधानी तेहरान और दक्षिणी तटीय क्षेत्रों में स्थित ईरानी सैन्य तंत्र के 10 प्रमुख ठिकानों को नेस्तनाबूद कर दिया: कमांड और अर्ली वार्निंग रडार साइट्स: तेहरान के बाहरी इलाकों में स्थित आईआरजीसी के एयर डिफेंस नेटवर्क और प्रारंभिक चेतावनी देने वाले मुख्य रडार केंद्रों को ध्वस्त कर दिया गया।

ड्रोन व मिसाइल लॉन्चिंग पैड्स: पश्चिमी और दक्षिणी ईरान में स्थित उन भूमिगत बंकरों और लॉन्च पैड्स को निशाना बनाया गया, जहां से अमेरिकी ठिकानों पर मिसाइलें फायर की गई थीं। तटीय नौसैनिक क्षमताएं: बंदर अब्बास और लारक द्वीप के निकट मौजूद उन समुद्री एसेट्स, माइन-लेइंग बोट्स और संचार केंद्रों को तबाह किया गया जो होर्मुज जलमार्ग में व्यापारिक जहाजों के लिए खतरा पैदा कर रहे थे।

राष्ट्रपति ट्रंप का अल्टीमेटम: 'ईरान का अस्तित्व खत्म हो जाएगा' अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और सेंट्रल कमांड ने इन हमलों की पुष्टि करते हुए तेहरान के शासन को अंतिम चेतावनी दी है। ट्रंप ने साफ शब्दों में कहा कि अगर ईरान ने खाड़ी देशों में मौजूद अमेरिकी सैनिकों, सहयोगी देशों या अंतरराष्ट्रीय जलमार्गों में नागरिक जहाजों पर हमले जारी रखे, तो अमेरिका ऐसा कड़ा प्रहार करेगा कि ईरान के पास खुद का अस्तित्व बचाने का कोई रास्ता नहीं बचेगा।

अमेरिकी रक्षा मंत्रालय ने क्षेत्र में अपनी मिसाइल डिफेंस शील्ड (THAAD और पैट्रियट सिस्टम) को 100% एक्टिवेट कर दिया है। अंतरराष्ट्रीय कच्चे तेल बाजार में हाहाकार और एयरस्पेस बंद अमेरिका और ईरान के सीधे युद्ध में उतरने का असर तुरंत वैश्विक स्तर पर दिखने लगा है। होर्मुज और खाड़ी क्षेत्र के ऊपर से गुजरने वाले नागरिक विमानों के रूट्स को तत्काल प्रभाव से डायवर्ट कर दिया गया है।

एयरलाइंस ने कुवैत, इराक और जॉर्डन के हवाई क्षेत्र से उड़ानें रोक दी हैं। वहीं, तेल आपूर्ति बाधित होने की आशंका से अंतरराष्ट्रीय बाजार में ब्रेंट क्रूड ऑयल के दाम तेजी से उछलकर रिकॉर्ड स्तरों की ओर बढ़ रहे हैं। संयुक्त राष्ट्र और वैश्विक शक्तियों ने दोनों देशों से संयम की अपील की है, लेकिन जिस तरह से दोनों ओर से मिसाइलों की बौछार हो रही है, उससे पश्चिम एशिया में एक पूर्णकालिक महायुद्ध का खतरा वास्तविक हो चुका है।

📡 स्रोत: NewsData.io

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