मोदी साइंस-इनोवेशन से जुड़े ESTIC का इनॉगरेशन करेंगे:दिल्ली में तीन दिन चलेगा कार्यक्रम, 3 नोबेल विजेता भी शामिल; 2025 में पहली बार आयोजित किया गया
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पीएम मोदी आज दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित इमर्जिंग साइंस, टेक्नोलॉजी एंड इनोवेशन कॉन्क्लेव (ESTIC 2026) का उद्घाटन करेंगे। ESTIC का आयोजन 27-28 अक्टूबर तक किया जाएगा। कार्यक्रम में 12 सेक्टरों पर चर्चा की जााएगी। तीन नोबेल विजेता इसके स्पीकर होंगे। ESTIC 2026 साइंस-इनोवेशन से जुड़ा एक राष्ट्रीय सम्मेलन है।
इसकी शुरुआत 2025 में की गई थी। इस बार इसका दूसरा एडीशन आयोजित हो रहा है। इस साल की थीम है- रचनात्मक सोच से विज्ञान को गति देना और तकनीक को सशक्त बनाना। कार्यक्रम का आयोजन वैज्ञानिक तथा औद्योगिक अनुसंधान परिषद (CSIR) कर रही है। इसमें 13 मंत्रालय भी शामिल हैं। सम्मेलन में तीन दिनों तक क्या होगा? 27 अक्टूबर: इनॉगरेशन, प्रमुख वैज्ञानिकों की स्पीच और सम्मेलन के मुख्य सेशन।
28 अक्टूबर: तकनीकी चर्चाएं, रिसर्च पेपर प्रेजेंटेशन, स्टार्टअप एग्जीबीशन। 29 अक्टूबर: एक्सपर्ट चर्चा, इनोवेशन पर बात और सहयोग संबंधी बैठकें। आम लोगों और स्टार्टअप को क्या फायदा होगा?
आम लोगों के लिए: नई तकनीकों को देखने और समझने का अवसर मिलेगा। दूसरे दिन से तकनीक-केंद्रित प्रदर्शनी आम जनता के लिए भी खुलने की घोषणा की गई है। स्टार्टअप के लिए: अपने प्रोडक्ट दिखाने, निवेशकों से मिलने, विशेषज्ञों से सलाह लेने और बड़ी कंपनियों के साथ साझेदारी के अवसर मिलेंगे। आयोजकों के मुताबिक, करीब 150 डीप-टेक स्टार्टअप अपने उत्पादों और तकनीकों का प्रदर्शन करेंगे।
डीप-टेक स्टार्टअप वे कंपनियां होती हैं जो सांइटिफिक रिसर्च या एडवांस्ड इंजीनियरिंग पर आधारित तकनीक विकसित करती हैं। वैज्ञानिकों और विद्यार्थियों के लिए: शोध प्रस्तुत करने, दूसरे विशेषज्ञों से सीखने और अपने विचारों को वास्तविक तकनीक में बदलने के रास्ते तलाशने का अवसर होगा। देश के लिए: भारत में विकसित तकनीकों को उद्योगों में अपनाने, आयात पर निर्भरता घटाने और वैज्ञानिक क्षमता बढ़ाने में मदद मिल सकती है।
भारत विज्ञान और तकनीक पर कितना खर्च कर रहा है? 8 सवाल-जवाब सवाल 1: भारत रिसर्च और नई तकनीक पर कितना खर्च करता है?
जवाब: भारत ने 2023-24 में रिसर्च और डेवलपमेंट पर करीब 2.45 लाख करोड़ रुपये खर्च किए। इसमें सरकार और निजी क्षेत्र, दोनों का खर्च शामिल है। सवाल 2: क्या पूरा पैसा सरकार खर्च करती है?
जवाब: नहीं। कुल खर्च में करीब 48.2% सरकारी और 51.8% निजी क्षेत्र
📡 स्रोत: Dainik Bhaskar