इतिहास

मोहम्मद शमी ने रचा इतिहास, पूरे किए 900 विकेट

लेखक: JKS News Desk अंतिम अपडेट: 30 अगस्त 2026
प्रकाशक: जनता का संदेश
मोहम्मद शमी ने रचा इतिहास, पूरे किए 900 विकेट

मोहम्मद शमी ने दलीप ट्रॉफी सेमीफाइनल के पहले दिन इतिहस रचा, उन्होंने ऐसा मुकाम हासिल किया जो इससे पहले सिर्फ 5 ही भारतीय गेंदबाज कर पाए.

बता दें कि शमी ईस्ट जोन के लिए खेल रहे हैं, जिसका सेमीफाइनल मुकाबला सेंट्रल जोन के साथ आज से शुरू हुआ. शमी आज 15 वर्षीय वैभव सूर्यवंशी की कप्तानी में खेले.

हालांकि इस टीम के कप्तान ईशान किशन हैं, लेकिन पहले दिन चोट के कारण उन्हें मैदान से बाहर जाना पड़ा.

उनकी गैरमौजूदगी में वैभव ने कमान संभाली, जो टीम में बतौर उपकप्तान चुने गए हैं.

दलीप ट्रॉफी के सेमीफाइनल में ईस्ट जोन ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी करने का फैसला किया.

सेंट्रल जोन की पहली पारी 266 रनों पर सिमट गई, अंतिम विकेट के साथ पहले दिन के खेल की समाप्ति की घोषणा भी हुई. आर्यन जुयाल ने 46 रन बनाए, जो वैभव द्वारा लिए गए रिव्यू के चलते आउट हुए.

दरअसल अंपायर ने उन्हें नॉट-आउट दिया था, लेकिन तब कप्तानी कर रहे वैभव ने रिव्यू ले लिया था.

रिंकू सिंह ने 60 रनों की महत्वपूर्ण पारी खेलकर टीम के स्कोर को 266 तक पहुंचाने में अहम रोल निभाया. मुकेश कुमार और अभिजीत सरकार ने 3-3 विकेट लिए. मोहम्मद शमी और कुनैन कुरैशी ने 2-2 विकेट चटकाए.

मोहम्मद शमी ने रचा इतिहास

शमी ने दलीप ट्रॉफी सेमीफाइनल की पहली पारी में यश राठौड़ के रूप में पहला विकेट लिया.

इसके बाद उन्होंने अरशद खान को 1 के स्कोर पर चलता किया, जो उनका दूसरा और इस पारी का नौवां विकेट था. इन 2 विकेट के साथ उन्होंने अपने प्रोफेशनल क्रिकेट में 900 विकेट पूरे कर लिए हैं.

वह फर्स्ट क्लास, लिस्ट ए और टी20 में मिलाकर 900 या इससे ज्यादा विकेट लेने वाले छठे भारतीय बन गए हैं.

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शमी ने फर्स्ट क्लास में 379, लिस्ट ए में 283 और टी20 में 280 विकेट लिए हैं.

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📡 स्रोत: ABP Live Khel

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💡 पृष्ठभूमि (Background)

मोहम्मद शमी ने दलीप ट्रॉफी सेमीफाइनल के पहले दिन 900 विकेट की ऐतिहासिक सीमा पार कर ली, जो केवल पाँच भारतीय गेंदबाजों ने पहले हासिल की थी। यह उपलब्धि शमी को भारतीय क्रिकेट के सबसे बड़े विकेट लेने वाले खिलाड़ी के रूप में स्थापित करती है। यह खबर इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि यह एक युवा टीम—ईस्ट जोन, जिसकी कप्तानी 15 वर्षीय वैभव सूर्यवंशी के पास है—के लिए प्रेरणा का स्रोत बनती है और दर्शाती है कि अनुभव और कौशल से बड़ी जीत संभव है। आम जनता को यह दिखाता है कि युवा प्रतिभा और परंपरागत अनुभव मिलकर राष्ट्र

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