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MP में आज बैंक हड़ताल...असर 3 दिन:7 हजार ब्रॉन्च में लटकेंगे ताले; 40 हजार बैंककर्मियों की 5-डे वीक वर्किंग की मांग

लेखक: JKS News Desk अंतिम अपडेट: 21 सितंबर 2026
प्रकाशक: जनता का संदेश
MP में आज बैंक हड़ताल...असर 3 दिन:7 हजार ब्रॉन्च में लटकेंगे ताले; 40 हजार बैंककर्मियों की 5-डे वीक वर्किंग की मांग

मध्य प्रदेश में आज, शुक्रवार को बैंक हड़ताल है। 5 डे वीक वर्किंग यानी, पांच दिवसीय सप्ताह की मांग को लेकर प्रदेश के करीब 40 हजार बैंककर्मी काम नहीं करेंगे। इससे बैंकों में ताले लटक सकते हैं। भोपाल में बैंककर्मी जुटेंगे और प्रदर्शन करेंगे। हड़ताल 1 दिन है, लेकिन इसका असर अगले 3 दिन देखने को मिलेगा, क्योंकि शनिवार-रविवार को सरकारी छुट्‌टी है।

यूनाइटेड फॉर्म ऑफ बैंक यूनियंस के बैनरतले यह प्रदेशव्यापी हड़ताल है। इसमें एमपी के बैंककर्मी भी शामिल रहेंगे। हड़ताल का असर सीधे तौर पर जनता पर पड़ेगा। वे बैंक से बड़ी रकम नहीं निकाल सकेंगे। चेक जमा करने और क्लियरेंस में भी देरी होगी। हड़ताल से पहले यूनियंस और सरकार के बीच वार्ता का दौर जारी है, लेकिन इसमें कोई सकारात्मक हल नहीं निकला।

इसके चलते यूनियंस ने हड़ताल पूर्ववत रखी है। 26 से 30 सितंबर तक फिर बैंकों में ताले लगेंगे सितंबर के अगले 20 दिन के अंदर दूसरी बार हड़ताल 28 से 30 सितंबर तक रहेगी। इससे पहले 26 और 27 सितंबर को शनिवार-रविवार की छुट्टी है। यानी, लगातार पांच दिन तक बैंकों में ताले लग सकते हैं। अब समझिये, क्या है 5-डे बैंकिंग वीक की मांग?

अभी बैंकों में महीने के दूसरे और चौथे शनिवार को छुट्टी रहती है। बैंक यूनियनों की मांग है कि हर शनिवार को छुट्टी घोषित कर बैंकों में 5 दिवसीय कार्य सप्ताह लागू किया जाए। इसके बदले सोमवार से शुक्रवार तक रोजाना कामकाज का समय 40 मिनट बढ़ाने का प्रस्ताव है। यानी शनिवार की छुट्टी के बदले सप्ताह के बाकी पांच कार्यदिवसों में कर्मचारियों का कामकाजी समय बढ़ाया जाएगा।

बैंककर्मियों की 2 मुख्य मांगें यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस (UFBU) ने 5 दिवसीय बैंकिंग सप्ताह लागू करने के साथ स्केल-IV और उससे ऊपर के अधिकारियों के लिए लागू PLI योजना वापस लेने की मांग की है। यूनियंस ने 27 अगस्त को राष्ट्रव्यापी प्रदर्शन और आगामी महीनों में बैंक हड़तालों के साथ अनिश्चितकालीन राष्ट्रव्यापी बैंक हड़ताल का आह्वान किया था।

यूनियन बोली- 5-डे वीक की मांग पेंडिंग यूनियंस के को-ऑर्डिनेटर वीके शर्मा ने कहा- 5 दिवसीय बैंकिंग सप्ताह की जायज मांग को सरकार अनावश्यक रूप से लंबित कर रही है। PLI का मुद्दा सुलह प्रक्रिया के सामने लंबित है। इसके बावजूद सरकार ने स्केल-IV और उससे ऊपर के अधिकारियों के लिए एकतरफा और भेदभावपूर्ण PLI योजना लागू करने के लिए बैंकों को बाध्य किया है।

पेंशन से भर्ती तक कई मांगें पेंडिंग यूनियंस के मुताबिक, पेंशन अपडेशन और पेंशनभोगियों के एक्स-ग्रेशिया की समीक्षा जैसे मुद्दे भी लंबित हैं। NPS को OPS में बदलने और सभी पेंशनभोगियों के लिए समान DA योजना लागू करने की मांग भी पूरी नहीं हुई है। इसके अलावा पर्याप्त संख्या में क्लर्क, सब-स्टाफ और आर्म्ड गार्ड्स की भर्ती की मांग लंबित है।

ग्रेच्युटी अधिनियम के तहत सीमा बढ़ाने की मांग पर भी अब तक समाधान नहीं हुआ है। यूनियंस का कहना है कि इन मुद्दों का समाधान किए बिना सरकार अगले वेतन संशोधन समझौते को जल्द पूरा करने का प्रयास कर रही है। PLI योजना का भी विरोध यूनियंस का आरोप है कि स्केल-IV और उससे ऊपर के अधिकारियों के लिए नई PLI योजना बैंक कर्मचारियों के बीच विभाजन पैदा करने का प्रयास है।

यूनियंस के मुताबिक, इसके जरिए अधिकारियों के एक छोटे वर्ग को अनुपातहीन रूप से अधिक प्रोत्साहन राशि का लाभ दिया जा रहा है। साथ ही सरकार व्यक्तिगत प्रदर्शन आधारित प्रोत्साहन की नीति को आगे बढ़ा रही है।

📡 स्रोत: NewsData.io

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