MP में नो-UPI डे, 2,000 से ज्यादा पेमेंट नहीं लिया:भोपाल में लौटे सोना खरीदने आए ग्राहक; व्यापारी बोले- सरकार का हिडन एजेंडा, 2% महंगाई बढ़ेगी
ताज़ा खबरों से अपडेट रहने के लिए हमारे WhatsApp चैनल से जुड़ेंJoin करें →
मध्य प्रदेश में बुधवार को व्यापारियों ने प्रस्तावित UPI चार्ज के विरोध में ‘नो-UPI डे’ मनाया। भोपाल, इंदौर, ग्वालियर, जबलपुर समेत कई शहरों में व्यापारियों ने 2 हजार रुपए से ज्यादा के UPI पेमेंट लेने से इनकार किया। दुकानों के QR स्कैनर और साउंड बॉक्स पर काला कपड़ा बांधकर विरोध जताया गया।
UPI का प्रतीकात्मक पुतला भी लटकाया गया। भोपाल चेंबर के प्रवक्ता अजय देवनानी ने कहा- UPI पर लगाया जा रहा शुल्क जायज नहीं है। अहिल्या चेंबर के सदस्य कैलाश चंद्र खंडेलवाल ने कहा- सरकार हिडन एजेंडा चला रही है। भोपाल के सराफा कारोबारियों ने भी कहा- 2 प्रतिशत तक महंगाई बढ़ सकती है। इसका असर उपभोक्ताओं पर पड़ेगा।
UPI को लेकर विरोध से जुड़ी ये तस्वीरें देखिए… ‘UPI बंद करो, UPI पर चार्ज बंद करो’ के नारे लगाए इंदौर में टाइल्स एंड सैनिटरी वेयर ट्रेडर्स एसोसिएशन ने रीगल स्क्वायर पर प्रदर्शन किया। इसमें 150 से ज्यादा व्यापारी शामिल हुए। व्यापारियों ने ‘UPI बंद करो, UPI पर चार्ज बंद करो’ के नारे लगाए।
राजवाड़ा के व्यापारियों ने दुकानों पर पोस्टर लगाकर फैसला वापस लेने की मांग की। रिटेल गारमेंट्स व्यापारियों ने भी QR और साउंड बॉक्स पर काला कपड़ा बांधकर विरोध किया। बाद में एसोसिएशन के पदाधिकारी प्रदर्शन रोककर दुकानों पर लौट गए। उन्होंने अगली रणनीति बैठक में तय करने की बात कही। ग्वालियर में UPI लेना-देना दोनों बंद ग्वालियर में व्यापारियों ने UPI से न तो भुगतान लिया और न ही किया।
दुकानों के QR कोड पर काली पट्टी लगाई गई। व्यापारियों का कहना है कि वे पहले से GST, इनकम टैक्स समेत कई तरह के टैक्स दे रहे हैं। लगातार टैक्स और चार्ज बढ़ने से कारोबार बंद करने की स्थिति बन सकती है। जबलपुर में पर्चे बांटकर समर्थन मांगा जबलपुर में नागरिक उपभोक्ता मंच, मानव अधिकार क्रांति समेत विभिन्न संगठनों ने मालवीय चौक पर पर्चे बांटे।
लोगों से नो-UPI डे को समर्थन देने की अपील की। संगठनों का कहना है कि अतिरिक्त UPI लागत का असर अंततः उपभोक्ताओं पर पड़ सकता है। व्यापारी इसकी भरपाई सामान की कीमत बढ़ाकर कर सकते हैं। उज्जैन में नहीं दिखा असर उज्जैन में नो-UPI डे का खास असर नहीं दिखा। अलग-अलग व्यापारी संगठनों और पेट्रोल पंप व्यवसाय संघ ने किसी विरोध से इनकार किया।
यहां UPI से सामान्य लेनदेन जारी रहा। स्थानीय लोगों ने मांग की कि कम से
📡 स्रोत: Dainik Bhaskar