MP Ration Shops Strike: 1 अक्टूबर से मध्यप्रदेश की 28 हजार राशन दुकानों पर पड़ेगा ताला, मांगों को लेकर विक्रेताओं का ऐलान
ताज़ा खबरों से अपडेट रहने के लिए हमारे WhatsApp चैनल से जुड़ेंJoin करें →
MP Ration Shops Strike : मध्य प्रदेश में राशन वितरण (Ration Distribution) व्यवस्था प्रभावित होने की स्थिति बन गई है। मध्य प्रदेश राशन विक्रेता संघ ने पांच सूत्रीय मांगों को लेकर प्रदेशव्यापी आंदोलन (MP Ration Shops Strike) का ऐलान किया है। संघ के अनुसार मांगें पूरी नहीं होने पर 1 अक्टूबर से प्रदेश की करीब 28 हजार उचित मूल्य की दुकानें अनिश्चितकाल के लिए बंद रहेंगी।
इस फैसले से प्रदेश के कई जिलों में सरकारी राशन वितरण प्रभावित हो सकता है। मध्य प्रदेश राशन दुकान हड़ताल (MP Ration Shops Strike ) को लेकर विक्रेताओं ने सरकार से जल्द निर्णय लेने की मांग की है। भोपाल में कलेक्ट्रेट कार्यालय पर प्रदर्शन आंदोलन (MP Ration Shops Strike) के तहत सोमवार को प्रदेश के कई जिला मुख्यालयों पर राशन विक्रेताओं ने प्रदर्शन किया।
भोपाल में बड़ी संख्या में Ration Dealers कलेक्ट्रेट कार्यालय पहुंचे और अपनी मांगों को लेकर नारेबाजी की। प्रदर्शन के दौरान विक्रेताओं ने कलेक्टर कार्यालय का मुख्य गेट भी बंद कर दिया, जिससे कुछ समय के लिए स्थिति तनावपूर्ण हो गई। संघ का कहना है कि प्रदेश में राशन विक्रेताओं को मिलने वाला कमीशन कम है।
खासकर ग्रामीण क्षेत्रों में कम वितरण के कारण दुकानदारों की आय प्रभावित हो रही है। मध्य प्रदेश राशन दुकान हड़ताल (MP Ration Shops Strike) इसी समस्या को लेकर शुरू किया गया है। कमीशन 200 रुपए प्रति क्विंटल करने की मांग राशन विक्रेता संघ की पहली मांग खाद्यान्न वितरण पर मिलने वाले कमीशन को बढ़ाने की है।
संघ चाहता है कि कमीशन न्यूनतम 200 रुपए प्रति क्विंटल किया जाए। दूसरी मांग शहरी और ग्रामीण सभी दुकानदारों के लिए 40 हजार रुपए प्रतिमाह मानदेय या आर्थिक सुरक्षा की है। विक्रेताओं का कहना है कि मौजूदा आय में दुकान का खर्च और परिवार चलाना मुश्किल हो रहा है। संघ ने उचित मूल्य दुकानें ( Fair Price Shops) चलाने वाले सभी विक्रेताओं के लिए बेहतर आर्थिक व्यवस्था की मांग की है।
उन्होंने पांच सूत्रीय मांगों को लेकर आंदोलन की चेतावनी दी है। परिवहन और तौल में नुकसान की भरपाई की मांग विक्रेताओं की तीसरी मांग परिवहन और तौल के दौरान होने वाले नुकसान से जुड़ी है। संघ ने प्रति क्विंटल एक किलो की छूट देने की मांग रखी है। चौथी मांग हर महीने के कमीशन का भुगतान पांच तारीख तक अनिवार्य रूप से करने की है।
पांचवीं मांग सेवा सहकारी समितियों और वन समितियों के स्तर पर काम करने वाले विक्रेताओं का भुगतान समय पर कराने की है। संघ का कहना है कि भुगतान में देरी से दुकानदारों की आर्थिक परेशानी बढ़ती है। राशन वितरण (Ration Distribution) व्यवस्था में काम करने वाले विक्रेताओं का कहना है कि समय पर भुगतान जरूरी है।
30 तक फैसला नहीं तो अनिश्चितकालीन बंद मध्य प्रदेश राशन विक्रेता संघ ने सरकार को 30 सितंबर तक मांगों पर निर्णय लेने का समय दिया है। संघ का कहना है कि यदि तय समय तक मांगें नहीं मानी गईं तो 1 अक्टूबर से सभी उचित मूल्य दुकानें बंद कर दी जाएंगी। इसके बाद प्रदेश में सरकारी राशन का वितरण प्रभावित हो सकता है।
हालांकि, अंतिम स्थिति सरकार और संघ के बीच होने वाली बातचीत से स्पष्ट होगी। मध्य प्रदेश राशन दुकान हड़ताल (MP Ration Shops Strike ) को लेकर अब सरकार के अगले कदम पर नजर है। ये खबर भी पढ़ें: Ujjain Shahi Masjid Demolition: उज्जैन शाही मस्जिद की तीन फीट जगह खाली करने पर बनी सहमति, कमेटी की शांति व्यवस्था कायम रखने की अपील
📡 स्रोत: NewsData.io
🎙️ जनता का संदेश का मत
राशन दुकानों की बंदी से लाखों परिवारों को कठिनाई होगी, परंतु संघर्ष का समाधान संवाद से ही संभव है। विक्रेताओं को अपने अधिकारों के लिए शांतिपूर्ण वक़्फ़ की राह अपनानी चाहिए, जबकि उपभोक्ताओं को धैर्य और सहानुभूति दिखानी चाहिए। यदि आपसी समझदारी और कानूनी मार्ग अपनाया जाए, तो समाज में न्याय और समृद्धि की नई दिशा तय हो सकती है।