MTNL की 1100 करोड़ की संपत्ति बेचेगी सरकार, कर्ज घटाने का प्लान
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सरकारी टेलीकॉम कंपनी महानगर टेलीफोन निगम लिमिटेड (MTNL) पर काफी कर्ज है.
इस कर्ज को कम करने के लिए सरकार कंपनी की कुछ जमीन और इमारतें बेचने की तैयारी कर रही है.
सरकार की एक समिति ने MTNL की करीब 1,100 करोड़ रुपये की संपत्तियों को बेचने का प्रपोजल रखा है. अब इस प्रस्ताव को मंजूरी के लिए सरकार की एक और समिति के सामने रखा जाएगा.
अगर कंपनी के इस प्रस्ताव को सरकार की मंजूरी मिल जाती है, तो इन संपत्तियों को बेचने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी.
कितने कर्ज में है MTNL?
MTNL की आर्थिक स्थिति पिछले कुछ समय से खराब चल रही है.
कंपनी पर कर्ज लगातार बढ़ रहा है और उसे कर्ज की किस्तें चुकाने में भी परेशानी हो रही है. वित्त वर्ष 2025-26 में MTNL की कुल देनदारियां करीब 40,000 करोड़ रुपये थीं.
कंपनी को पिछले वित्त वर्ष में करीब 3,102 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ. इस दौरान कंपनी की कुल आय 1,469 करोड़ रुपये रही.
MTNL ने SBI, PNB और बैंक ऑफ इंडिया समेत कई सरकारी बैंकों का कर्ज समय पर नहीं चुकाया है, जिसके कारण इतने कर्ज में है.
कौन-सी संपत्तियां बेची जाएंगी?
सरकार की योजना MTNL की ऐसी जमीन और इमारतें बेचने की है, जिनका कंपनी के रोजमर्रा के काम में ज्यादा इस्तेमाल नहीं हो रहा है.
इन्हें कंपनी की गैर-जरूरी संपत्तियां कहा जाता है. सरकार का मानना है कि इन संपत्तियों को बेचकर पैसा जुटाया जा सकता है. इस पैसे का इस्तेमाल कंपनी की देनदारियां कम करने में किया जाएगा.
NLMC बेचेगी संपत्तियां इन संपत्तियों को बेचने की जिम्मेदारी नेशनल लैंड मॉनेटाइजेशन कॉरपोरेशन (NLMC) को दी जाएगी.
ये वित्त मंत्रालय के तहत काम करने वाली सरकारी संस्था है.
इसका काम सरकारी कंपनियों की अतिरिक्त जमीन और इमारतों को बेचकर उनसे पैसा जुटाना है.
संपत्तियों की बिक्री की प्रक्रिया सरकार की संबंधित समिति के प्रस्ताव को मंजूरी देने के बाद शुरू हो जाएगी. मंजूरी मिलने के बाद NLMC संभावित खरीदारों की तलाश करेगा.
अगर कोई सरकारी विभाग संपत्ति खरीदना चाहता है, तो उसे सीधे बेचने की प्रक्रिया अ
📡 स्रोत: ABP Live Vyapar