मुआवजे के लालच में बेटे ने की मां की हत्या! गुलदार के हमले की झूठी कहानी गढ़ी, पोस्टमार्टम से खुला राज
ताज़ा खबरों से अपडेट रहने के लिए हमारे WhatsApp चैनल से जुड़ेंJoin करें →
बिजनौर (उत्तर प्रदेश)। उत्तर प्रदेश के बिजनौर जिले में 70 वर्षीय महिला की मौत का मामला चौंकाने वाला मोड़ ले गया। जिस घटना को पहले गुलदार के हमले में हुई मौत बताया जा रहा था, वह पुलिस जांच में हत्या निकली। पुलिस के अनुसार, महिला की हत्या उसके ही छोटे बेटे ने की और बाद में वन्यजीव हमले का झूठा नाटक रच दिया। आरोपी को हिरासत में लेकर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
पुलिस के मुताबिक, हीमपुर दीपा थाना क्षेत्र के अजूपुरा जट गांव निवासी 70 वर्षीय वीरवती सिंह सोमवार शाम पशुओं के लिए चारा लेने खेत गई थीं। कुछ देर बाद उनके छोटे बेटे बहाल सिंह उर्फ मनिया ने गांव में शोर मचाते हुए दावा किया कि गुलदार उसकी मां को उठाकर ले गया। खेत में महिला का शव मिलने के बाद शुरुआत में सभी ने इसे गुलदार के हमले का मामला माना।
घटना की सूचना पर पुलिस, वन विभाग और राजस्व विभाग की टीमें मौके पर पहुंचीं। वन विभाग के अधिकारियों को शुरुआती जांच में ही गुलदार के हमले की कहानी संदिग्ध लगी। शव पर न तो दांतों के निशान मिले और न ही पंजों से हमला किए जाने के स्पष्ट साक्ष्य थे। इसके बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट में खुलासा हुआ कि महिला की मौत गला घोंटने से हुई थी। रिपोर्ट में शरीर पर गंभीर चोटों के निशान, पसलियां टूटने और पेट पर भारी दबाव डालने के प्रमाण भी मिले। इसके बाद पुलिस ने मृतका के छोटे बेटे को हिरासत में लेकर पूछताछ की।
पुलिस का दावा है कि पूछताछ में आरोपी ने हत्या की बात स्वीकार कर ली। उसके अनुसार, खेत में घास काटने के दौरान मां से विवाद हो गया था। गुस्से में उसने मां का गला दबाकर हत्या कर दी। बाद में लोगों और पुलिस को गुमराह करने के लिए गुलदार के हमले की कहानी बनाई। पुलिस के अनुसार, आरोपी को यह भी उम्मीद थी कि यदि मौत को वन्यजीव हमले के रूप में दिखाया जाएगा तो परिवार को सरकार से मिलने वाला आर्थिक मुआवजा मिल जाएगा।
पुलिस ने मृतका के बड़े बेटे की शिकायत पर हत्या का मामला दर्ज कर लिया है। अधिकारियों का कहना है कि आरोपी के खिलाफ साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
💡 पृष्ठभूमि (Background)
उत्तर प्रदेश के बिजनौर जिले में एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। यहाँ एक 70 वर्षीय महिला की हत्या का मामला सामने आया है, जिसे पहले गुलदार के हमले में हुई मौत बताया जा रहा था। पुलिस जांच में यह पता चला है कि महिला की हत्या उसके ही छोटे बेटे ने की थी और बाद में वन्यजीव हमले का झूठा नाटक रच दिया था। यह खबर महत्वपूर्ण है क्योंकि यह एक ऐसे मामले को उजागर करती है जहां परिवार के सदस्यों के बीच ही अपराध हो सकता है। इससे आम जनता पर भी असर पड़ सकता है क्योंकि यह उनकी सुरक्षा और विश्वास पर प्रश्न चिह्न
🎙️ जनता का संदेश का मत
हिंसा और अपराध के विकल्पों की तलाश करें, न कि मुआवजे के लालच में। हमें अपने परिवार के साथ संवाद और सहयोग की जरूरत है, न कि झूठ और दोषारोपण की। अपने गुस्से को नियंत्रित करें और संयम से निपटें। हमारी संवेदनशीलता पीड़ित परिवार के प्रति होनी चाहिए। आइए हमारे समाज को एक सुरक्षित और शांतिपूर्ण दिशा में ले जाएं।