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'मुझ पर हमला क्यों हुआ?' फायरिंग के बाद गहरे सदमे में टाइगर श्रॉफ, बोले- 'मेरी किसी से दुश्मनी नहीं है'

लेखक: JKS News Desk अंतिम अपडेट: 25 अक्टूबर 2026
प्रकाशक: जनता का संदेश
'मुझ पर हमला क्यों हुआ?' फायरिंग के बाद गहरे सदमे में टाइगर श्रॉफ, बोले- 'मेरी किसी से दुश्मनी नहीं है'

टाइगर श्रॉफ मुंबई के जुहू इलाके में अपनी कार पर हुई फायरिंग के बाद से गहरे सदमे में हैं. 18 अक्टूबर को शाम करीब 7 बजे जब टाइगर फुटबॉल खेलकर वापस लौट रहे थे, इसी दौरान बाइक पर सवार दो लोगों ने उनकी कार पर 5 से 6 गोलियां चलाईं और मौके से फरार हो गए.

टाइगर उस समय कार की आगे वाली सीट पर बैठे थे. उन्हें कोई चोट नहीं आई, लेकिन उनके ड्राइवर और एक व्लॉगर को चोटें आईं.

वहीं अब टाइगर ने इस घटना पर बात करते हुए कहा कि मुझ पर हमला क्यों हुआ, मेरी किसी से कोई दुश्मनी नहीं है.

'मेरी किसी से दुश्मनी नहीं है'- टाइगर श्रॉफ

NDTV के मुताबिक, टाइगर ने जांचकर्ताओं को बताया कि वो अभी भी इस घटना से उबर नहीं पाए हैं.

उन्होंने कहा, 'मैं गहरे सदमे में हूं. मैं अभी कुछ नहीं कहना चाहता. आखिर कोई मुझ पर जानलेवा हमला क्यों करना चाहेगा और इसकी वजह क्या है?'

फायरिंग की वजह पर सवाल उठाते हुए टाइगर ने आगे कहा, 'मेरी किसी से दुश्मनी नहीं है. फिर मुझ पर हमला क्यों हुआ?'

घटना के बाद 3 आरोपी गिरफ्तार

बता दें, घटना के बाद पुलिस ने हरियाणा से दो शूटरों फूल सिंह और रेहान रहीसुद्दीन अंसारी को गिरफ्तार किया. दोनों की उम्र 18 साल है.

आरोप है कि फरार होने से पहले वे 22 साल के एक तीसरे आरोपी ऋतिक कुमार से मिले थे, जो बिहार का रहने वाला है. इसके बाद तीनों बाइक से फरार हो गए.

बताया जा रहा है कि आरोपी गुजरात के सूरत पहुंचे और फिर ट्रेन से जयपुर के लिए रवाना हुए.

हालांकि, अगले ही दिन राजस्थान के कोटा जिले में उनमें से एक को गिरफ्तार कर लिया गया.

हथियार बरामद, इंदौर में एक और गिरफ्तारी

इस मामले में एक नया अपडेट सामने आया है.

मुंबई पुलिस ने हमले में कथित तौर पर इस्तेमाल किए गए दो हथियार बरामद किए हैं, जो सूरत में मिल

📡 स्रोत: ABP Live Film

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🎙️ जनता का संदेश का मत

टाइगर श्रॉफ की घटना से यह सिखने को मिलता है कि हिंसा का कोई समाधान नहीं होता। जब भी किसी विवाद का सामना हो, शांतचित्त संवाद और कानूनी मार्ग अपनाना चाहिए। समाज को आपसी सहिष्णुता और सहानुभूति से जोड़ना चाहिए, ताकि संघर्षों को शांतिपूर्ण ढंग से सुलझाया जा सके। पीड़ितों के प्रति संवेदना दिखाते हुए, हमें एकजुट होकर ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए जागरूकता और सुरक्षा उपायों को बढ़ावा देना चाहिए।

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