मुख्यमंत्री सुख-आश्रय योजना बनी निराश्रित बच्चों का सहारा, शिमला जिला में 257 बच्चों को मिल रही सामाजिक सुरक्षा
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अक्तूबर 12, शिमला (हिमाचल प्रदेश): हिमाचल प्रदेश सरकार की मुख्यमंत्री सुख-आश्रय योजना निराश्रित बच्चों एवं जरूरतमंद युवाओं के लिए उम्मीद की नई किरण बनकर उभरी है। योजना के माध्यम से जहां उन्हें आर्थिक सहायता और सामाजिक सुरक्षा प्रदान की जा रही है, वहीं आवास, शिक्षा, कौशल विकास तथा आत्मनिर्भरता के अवसर उपलब्ध करवाकर उनके सुरक्षित और सम्मानजनक भविष्य की नींव भी रखी जा रही है।
मुख्यमंत्री सुख आश्रय योजना के अंतर्गत जिला शिमला में विभिन्न समेकित बाल विकास सेवा (ICDS) परियोजनाओं के माध्यम से 0 से 27 आयु वर्ग के 257 बच्चों को सामाजिक सुरक्षा प्रदान की जा रही है। इसके अतिरिक्त, जिला के 12 बाल-बालिका देखभाल संस्थानों में रह रहे 237 बच्चों को सामाजिक सुरक्षा के साथ त्योहार अनुदान, ग्रीष्मकालीन एवं शीतकालीन वस्त्र तथा पौष्टिक आहार जैसी सुविधाएं भी उपलब्ध करवाई जा रही हैं।जिला में योजना के तहत अब तक 30 चिल्ड्रन ऑफ़ द स्टेट को आवास निर्माण, 12 को विवाह अनुदान, 19 को उच्च शिक्षा, 11 को व्यावसायिक शिक्षा, 8 को प्रतियोगी परीक्षाओं की कोचिंग तथा 8 को स्टार्टअप शुरू करने के लिए आर्थिक सहायता प्रदान की गई है।
यह प्रयास बच्चों और युवाओं को उनकी आवश्यकताओं के अनुरूप सहयोग देकर शिक्षा, रोजगार, स्वरोजगार और सामाजिक पुनर्वास की दिशा में आगे बढ़ने का अवसर प्रदान कर रहे हैं।