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मुलताई पहुंचे दादा गुरु महाराज, मां ताप्ती के प्रवाह क्षेत्र को अतिक्रमण मुक्त करने की अपील

लेखक: Maroof Ahmed Khan अंतिम अपडेट: 18 अक्टूबर 2026
प्रकाशक: जनता का संदेश
मुलताई पहुंचे दादा गुरु महाराज, मां ताप्ती के प्रवाह क्षेत्र को अतिक्रमण मुक्त करने की अपील

बैतूल जिले की पवित्र नगरी मुलताई में नवरात्रि की सप्तमी पर दादा गुरु महाराज मां ताप्ती के उद्गम स्थल पहुंचे। इस दौरान उन्होंने विभिन्न मंदिरों में पूजा-अर्चना की और पौराणिक कुंडों के दर्शन किए। साथ ही मां ताप्ती के प्रभावित और अवरुद्ध प्रवाह क्षेत्रों का निरीक्षण किया। दादा गुरु महाराज ने लोगों से मां ताप्ती के प्रवाह क्षेत्र को अतिक्रमण मुक्त करने की भावुक अपील की। उन्होंने कहा कि नदी क्षेत्र में आने वाले मकानों और दुकानों को हटाने के लिए लोग आपसी सौहार्द के साथ आगे आएं। उन्होंने मां ताप्ती को निर्मल रखने, नदी का प्राकृतिक प्रवाह बनाए रखने और अधिक से अधिक पेड़ लगाने का भी आह्वान किया।

इस अवसर पर केंद्रीय राज्यमंत्री दुर्गादास उइके ने दादा गुरु महाराज के आगमन को क्षेत्र के लिए सौभाग्य बताया। कार्यक्रम में जनप्रतिनिधियों के साथ बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे।

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होल्डअप एक्सटेंशन: दादा गुरु महाराज ------

  1. नवरात्रि की सप्तमी पर मुलताई पहुंचे दादा गुरु महाराज
  2. मां ताप्ती के उद्गम स्थल पर पूजा-अर्चना कर किए दर्शन
  3. ताप्ती के प्रभावित और अवरुद्ध प्रवाह क्षेत्रों का किया निरीक्षण
  4. नदी क्षेत्र को अतिक्रमण मुक्त करने की भावुक अपील
  5. मां ताप्ती की निर्मलता और प्राकृतिक प्रवाह बनाए रखने का आह्वान

💡 पृष्ठभूमि (Background)

मुलताई में दादा गुरु महाराज द्वारा मां ताप्ती के प्रवाह क्षेत्र को अतिक्रमण मुक्त करने की अपील एक धार्मिक और पर्यावरणीय मुद्दा है। यह विषय पवित्र नदी के प्रवाह को पुनर्स्थापित करने के प्रयास पर केंद्रित है। खबर महत्वपूर्ण है क्योंकि यह स्थानीय श्रद्धालुओं और पर्यटकों के लिए धार्मिक महत्व रखती है तथा नदी के प्राकृतिक संतुलन को प्रभावित करती है। यदि प्रवाह मुक्त किया गया तो जल संरक्षण, कृषि और पारिस्थितिकी तंत्र पर सकारात्मक असर पड़ेगा, जबकि अतिक्रमण जारी रहने से बाढ़, जल गुणवत्ता बिगड़ने और आर्थि

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Maroof Ahmed Khan

Maroof Ahmed Khan जनता का संदेश के संस्थापक एवं प्रधान संपादक हैं। वे जनसरोकार, निष्पक्ष रिपोर्टिंग और जनता की आवाज़ को प्रमुखता देने के लिए प्रतिबद्ध हैं।