मुंबई में संपत्ति सीज, D-कंपनी के नाम से धमकाकर हड़पा था बिल्डिंग का आधा हिस्सा
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प्रवर्तन निदेशालय (ED) के मुंबई जोनल ऑफिस ने असलम अब्दुल रहमान पटनी और अन्य आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए करीब 4 करोड़ रुपये की चल और अचल संपत्तियां अस्थायी रूप से अटैच की हैं.
यह कार्रवाई प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (PMLA) के तहत की गई है. अटैच की गई संपत्तियों में बैंक खातों में जमा रकम और एक बिल्डिंग भी शामिल है.
ED की जांच मुंबई के दादर पुलिस स्टेशन में दर्ज FIR के आधार पर शुरू हुई थी.
इस मामले की जांच बाद में मुंबई पुलिस की क्राइम ब्रांच की एंटी एक्सटॉर्शन सेल को सौंपी गई थी.
FIR में आपराधिक साजिश, धोखाधड़ी, विश्वासघात, जालसाजी और फर्जी दस्तावेजों के इस्तेमाल के आरोप लगाए गए हैं.
फर्जी दस्तावेज बनाकर बिल्डिंग हड़पने का आरोप
ED की जांच में सामने आया है कि शब्बीर अहमद हसन करोलीया और यूसुफ अहमद हसन करोलीया समेत अन्य आरोपियों ने कथित तौर पर साजिश रचकर लैम्बट बिल्डिंग नाम की एक संपत्ति को अवैध तरीके से हासिल किया.
इसके लिए मूल मालिक की पहचान बताकर फर्जी दस्तावेज तैयार किए गए थे, इनमें कन्वेयंस डीड (Deed of Conveyance) भी शामिल थी.
ईडी की जांच में क्या किया गया खुलासा?
जांच में यह भी आरोप सामने आया है कि असलम अब्दुल रहमान पटनी ने साल 2019 में यास्मीन मोहम्मद अहमद और दिवंगत शेरजादा जंगरेज खान को धमकाकर लैम्बट बिल्डिंग में उनकी 50 फीसदी हिस्सेदारी हासिल कर ली थी.
ED के मुताबिक, आरोपियों ने कथित तौर पर D-कंपनी, दाऊद इब्राहिम और छोटा शकील के साले सलीम इकबाल कुरैशी उर्फ सलीम फ्रूट का नाम लेकर मूल मालिकों को धमकाया और उनकी संपत्ति पर कब्जा कर लिया.
आरोप है कि इसके लिए मूल मालिकों को कोई रकम भी नहीं दी गई.
सलीम फ्रूट की प
📡 स्रोत: ABP Live