मुर्रा पाड़े से नस्ल सुधार और अतिरिक्त आय की ओर बढ़ते बलराम जाट
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वर्ष 2023-24 में मुर्रा पाड़ा योजना के अंतर्गत बलराम जाट को 75 प्रतिशत अनुदान पर उन्नत नस्ल का मुर्रा पाड़ा प्राप्त हुआ। उन्होंने इस अवसर का लाभ उठाते हुए अपने पशुधन में नस्ल सुधार की दिशा में प्राकृतिक प्रजनन को अपनाया।
मुर्रा पाड़े से प्राकृतिक गर्भाधान के माध्यम से अब तक बलराम जाट की भैंसों से 6 उन्नत नस्ल की बछियों का जन्म हो चुका है। इन बछियों से उन्हें न केवल बेहतर नस्ल के पशुधन की उम्मीद है, बल्कि भविष्य में दूध उत्पादन में वृद्धि की संभावनाएं भी बढ़ी हैं।
बलराम ने अपने व्यक्तिगत पशुधन तक ही इस पहल को सीमित नहीं रखा। उन्होंने आसपास के गांवों के पशुपालकों को भी उन्नत नस्ल के प्रजनन के लिए प्राकृतिक प्रजनन सेवा उपलब्ध कराना शुरू किया। अब तक उनके मुर्रा पाड़े द्वारा लगभग 200 भैंसों को प्राकृतिक प्रजनन सेवा प्रदान की जा चुकी है।
जो पहल शुरुआत में शौक और अपने पशुधन के नस्ल सुधार के उद्देश्य से शुरू हुई थी, वह आज बलराम जाट के लिए अतिरिक्त आय का महत्वपूर्ण स्रोत बन गई है। वर्तमान में उनके मुर्रा पाड़े द्वारा प्रतिमाह लगभग 20 से 30 प्राकृतिक प्रजनन सेवाएं दी जा रही हैं, जिससे उन्हें करीब ₹10,000 प्रतिमाह की अतिरिक्त आय प्राप्त हो रही है।
इस प्रकार, मुर्रा पाड़ा उनके लिए पशुधन की नस्ल सुधार का माध्यम बनने के साथ-साथ रोजगार एवं अतिरिक्त आय का साधन भी बन गया है।