नाबालिग छात्रा से छेड़छाड़ का आरोप, शिक्षक शशिकांत सोनरे के खिलाफ पॉक्सो एक्ट में एफआईआर
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खरगोन/चेनपुर। चेनपुर थाना क्षेत्र में एक नाबालिग छात्रा ने शिक्षक शशिकांत सोनरे पर आपत्तिजनक हरकत करने और उसके साथ छेड़छाड़ करने का आरोप लगाया है। छात्रा की शिकायत पर चेनपुर पुलिस ने शशिकांत सोनरे के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धाराओं 74, 75(2), 332(c) तथा पॉक्सो एक्ट की धाराओं 7 और 8 के तहत प्रकरण दर्ज किया है। एफआईआर 22 अगस्त 2026 को दर्ज की गई।
एफआईआर के अनुसार छात्रा पूर्व में राजपुरा स्थित शासकीय विद्यालय में पढ़ती थी, जहां शशिकांत सोनरे शिक्षक के रूप में उसे पढ़ाते थे। शिकायत में छात्रा ने बताया कि पढ़ाई के सिलसिले में शिक्षक से उसकी मोबाइल फोन पर बातचीत होती थी। शिक्षक द्वारा उसके स्थायी जाति प्रमाण पत्र बनवाने में मदद करने की बात भी कही गई थी।
शिकायत के मुताबिक 29 जुलाई 2026 को दोपहर करीब 12 बजे छात्रा झिरन्या बाजार में थी। इसी दौरान शशिकांत सोनरे ने उसे फोन कर मिलने के लिए बुलाया और कथित रूप से अपने मकान के नीचे बने कमरे में ले गए। छात्रा का आरोप है कि कमरे में शिक्षक ने दरवाजा बंद कर उसके साथ आपत्तिजनक हरकतें कीं और गलत तरीके से छूने का प्रयास किया। विरोध करने पर छात्रा वहां से निकलकर अपने घर चली गई।
एफआईआर में छात्रा ने बताया कि घटना के बाद वह डर और बदनामी की आशंका के कारण तत्काल किसी को कुछ नहीं बता सकी। बाद में उसने अपने माता-पिता को घटना की जानकारी दी और 22 अगस्त को माता-पिता के साथ चेनपुर थाने पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई।
पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच उप निरीक्षक अनिल कुमार निगवाल को सौंपी है। एफआईआर में आरोपी का पता चेनपुर क्षेत्र का दर्ज किया गया है।
वहीं थाना प्रभारी गणपत कनेल के अनुसार, पीड़िता ने अपने बयान में केवल छेड़छाड़ की घटना की जानकारी दी है। मामले में पीड़िता के न्यायालय में भी कथन दर्ज करवाए गए हैं।
नोट: यह खबर एफआईआर में दर्ज शिकायत और आरोपों पर आधारित है। आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है और मामले की पुलिस जांच जारी है।
🎙️ जनता का संदेश का मत
शिक्षा के पथ पर विश्वास और सम्मान का आधार होना चाहिए। जब भी किसी भी प्रकार की अनुचितता का सामना हो, तो कानूनी मार्ग और समाजिक समर्थन से समाधान खोजें। पीड़ित की गरिमा और सुरक्षा को प्राथमिकता दें, और सभी को यह याद दिलाएँ कि हर व्यक्ति, विशेषकर नाबालिग, सुरक्षित और सम्मानित वातावरण का हकदार है।