विदेश

नए वायुसेना प्रमुख बने आशुतोष दीक्षित:अभी वायुसेना में एयर मार्शल थे, 20 प्रकार के फाइटर जेट उड़ाने का अनुभव

लेखक: JKS News Desk अंतिम अपडेट: 6 अक्टूबर 2026
प्रकाशक: जनता का संदेश
नए वायुसेना प्रमुख बने आशुतोष दीक्षित:अभी वायुसेना में एयर मार्शल थे, 20 प्रकार के फाइटर जेट उड़ाने का अनुभव

वाइस एयर चीफ मार्शल आशुतोष दीक्षित नए एयर चीफ मार्शल बने।एयर मार्शल आशुतोष दीक्षित भारतीय वायु सेना (IAF) के एक अत्यंत अनुभवी और प्रतिष्ठित अधिकारी हैं। वर्तमान में, वे भारतीय वायु सेना के 51वें वाइस एयर चीफ ऑफ स्टाफ थे। उन्होंने 1 जुलाई 2026 को यह पदभार संभाला था।

एयर मार्शल आशुतोष दीक्षित 6 दिसंबर 1986 को भारतीय वायु सेना की फाइटर स्ट्रीम में शामिल हुए थे। वे नेशनल डिफेंस एकेडमी (NDA), खड़कवासला; डिफेंस सर्विसेज स्टाफ कॉलेज, बांग्लादेश और नेशनल डिफेंस कॉलेज, नई दिल्ली के पूर्व छात्र रहे हैं।

उन्हें एक 'ऐस फाइटर पायलट' माना जाता है। उनके पास 20 से अधिक प्रकार के विमानों पर 3,300 से अधिक घंटे की उड़ान का व्यापक अनुभव है।

उनके द्वारा उड़ाए गए प्रमुख विमानों में मिराज-2000, मिग-21, जगुआर, एएन-32, और हॉक आदि शामिल हैं। वे एक योग्य 'फ्लाइंग इंस्ट्रक्टर' और 'एक्सपेरिमेंटल टेस्ट पायलट' भी हैं। महत्वपूर्ण नियुक्तियाँ और अनुभव

उप-प्रमुख बनने से पहले: उन्होंने कई महत्वपूर्ण पदों पर कार्य किया है, जिसमें चीफ ऑफ इंटीग्रेटेड डिफेंस स्टाफ (CISC), एयर ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ (सेंट्रल एयर कमांड), और डिप्टी चीफ ऑफ द एयर स्टाफ जैसे उच्च पद शामिल हैं।

परीक्षण और स्वदेशीकरण: एक टेस्ट पायलट के रूप में, उन्होंने जगुआर और मिग-27 जैसे विमानों के एवियोनिक्स अपग्रेड और कई स्वदेशी विमान विकास कार्यक्रमों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

नीति निर्धारण: 'डायरेक्टर ऑफ एयर स्टाफ रिक्वायरमेंट्स' के रूप में, उन्होंने मध्यम बहु-भूमिका लड़ाकू विमान (MMRCA) परीक्षणों की योजना और संचालन में अहम भूमिका निभाई थी।

सैन्य अभियान: उन्होंने ऑपरेशन सफेद सागर (कारगिल युद्ध) और ऑपरेशन रक्षक जैसे प्रमुख सैन्य अभियानों में भाग लिया है। पुरस्कार और सम्मान

उनकी उत्कृष्ट सेवा के लिए उन्हें कई प्रतिष्ठित पदकों से सम्मानित किया गया है, जिनमें शामिल हैं: परम विशिष्ट सेवा मेडल (PVSM) - 2026 में प्राप्त किया। अति विशिष्ट सेवा मेडल (AVSM) - 2023 में प्राप्त किया।

वायु सेना मेडल (VM) - 2006 में प्राप्त किया। विशिष्ट सेवा मेडल (VSM) - 2011 में प्राप्त किया।

एयर मार्शल आशुतोष दीक्षित का अनुभव, विशेष रूप से परीक्षण और स्वदेशी लड़ाकू विमान कार्यक्रमों में उनका योगदान, भारतीय वायु सेना के आधुनिकीकरण और आत्मनिर्भरता की दि

📡 स्रोत: Dainik Bhaskar

📰 पूरी खबर पढ़ें (Dainik Bhaskar पर जाएं)
J
JKS News Desk

जनता का संदेश की संपादकीय टीम आपके लिए भोपाल, मध्यप्रदेश और देश की सटीक और विश्वसनीय समाचार प्रस्तुत करती है।