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नगर निगम टेंडर की जांच अफसर-पार्षदों तक पहुंची:15 से ज्यादा फर्मों में मिली गड़बड़ी, फर्जी दस्तावेज से लेकर बिलिंग तक सांठगांठ

लेखक: JKS News Desk अंतिम अपडेट: 22 सितंबर 2026
प्रकाशक: जनता का संदेश
नगर निगम टेंडर की जांच अफसर-पार्षदों तक पहुंची:15 से ज्यादा फर्मों में मिली गड़बड़ी, फर्जी दस्तावेज से लेकर बिलिंग तक सांठगांठ

कानपुर नगर निगम में टेंडर के खेल की जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है, गड़बड़ियों की परतें भी खुलती जा रही हैं। फर्जी दस्तावेज लगाकर टेंडर हासिल करने और नियमों की अनदेखी के मामले की जांच अब अधिकारियों और कुछ पार्षदों तक पहुंच गई है। मुख्य विकास अधिकारी (सीडीओ) अभिनव जे.

जैन की अध्यक्षता में हुई जांच में नगर निगम में पंजीकृत 15 से ज्यादा फर्मों के दस्तावेज और टेंडर प्रक्रिया में अनियमितताएं सामने आई हैं। जांच रिपोर्ट मंडलायुक्त के.

विजयेन्द्र पांडियन ने शासन को भेज दी है। अब रिपोर्ट के आधार पर शासन स्तर से कार्रवाई की जाएगी। 15 से अधिक फर्मों के दस्तावेज में गड़बड़ी इस मामले की जांच के लिए तीन सदस्यीय कमेटी गठित की गई थी। इसमें लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) और ग्रामीण अभियंत्रण विभाग के अधिकारियों को शामिल किया गया।

कमेटी ने नगर निगम में पंजीकृत फर्मों के दस्तावेज, ठेकेदारी की प्रक्रिया और अलग-अलग टेंडरों में फर्मों की भागीदारी की जांच की। जांच के दौरान कई फर्मों के दस्तावेजों में ऐसी कमियां मिलीं, जिनसे उनके पंजीकरण और टेंडर प्रक्रिया में शामिल होने पर सवाल खड़े हुए हैं। टेंडर और काम बांटने में सांठगांठ के साक्ष्य मिले अधिकारियों के मुताबिक, जांच में कुछ मामलों में टेंडर हासिल करने और काम बांटने को लेकर आपसी सांठगांठ के साक्ष्य भी सामने आए हैं।

ठेकेदारों के साथ कुछ अधिकारियों और पार्षदों की भूमिका भी जांच में सामने आने की बात कही गई है। हालांकि, जांच रिपोर्ट के आधार पर किस अधिकारी या पार्षद की भूमिका कितनी है और किस स्तर पर नियमों का उल्लंघन हुआ, इसका ब्योरा फिलहाल सार्वजनिक नहीं किया गया है। निर्माण कार्यों की गुणवत्ता और बिलिंग भी जांची कमेटी ने केवल टेंडर प्रक्रिया ही नहीं, बल्कि संबंधित फर्मों को दिए गए निर्माण कार्यों की भी पड़ताल की।

काम की गुणवत्ता, भुगतान से जुड़े दस्तावेज और बिलिंग की जांच में भी अनियमितताएं सामने आई हैं। कुछ मामलों में फर्जी बिलिंग की बात भी सामने आई है। इसके अलावा नगर निगम में पेट्रोल-डीजल के खर्च में मिली अनियमितताओं का भी खुलासा हुआ है। नगर निगम के कर्मचारियों और आउटसोर्सिंग कर्मियों की भूमिका भी जांच के दायरे में आई है।

📡 स्रोत: NewsData.io

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