भोपाल

नालियों में गोबर बहाना पड़ा भारी, डेयरी संचालक पर 18 हजार रुपये का जुर्माना

लेखक: Aazam Lala अंतिम अपडेट: 2 अक्टूबर 2026 👁️ 4 बार पढ़ा गया
प्रकाशक: जनता का संदेश
नालियों में गोबर बहाना पड़ा भारी, डेयरी संचालक पर 18 हजार रुपये का जुर्माना

भोपाल। वार्ड-79 के शिवानी होम्स, करोंद में नालियों में गोबर बहाए जाने की शिकायत पर नगर निगम के स्वास्थ्य अमले ने डेयरी संचालक के खिलाफ कार्रवाई करते हुए 18 हजार रुपये का जुर्माना वसूल किया। यह कार्रवाई जोन-17 के अंतर्गत की गई।

जानकारी के मुताबिक क्षेत्र के रहवासियों की ओर से नालियों में गोबर बहाए जाने की शिकायतें मिल रही थीं। शिकायत के बाद नगर निगम के स्वास्थ्य विभाग की टीम ने मौके पर पहुंचकर स्थिति का निरीक्षण किया। जांच के दौरान शिकायत सही पाए जाने पर AHO-17 राम रतन लोहिया के निर्देश पर डेयरी संचालक के खिलाफ कार्रवाई की गई।

बताया गया कि नालियों में गोबर जमा होने और बहाए जाने से क्षेत्र की सफाई व्यवस्था प्रभावित हो रही थी। रहवासियों की शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए स्वास्थ्य अमले ने मौके पर स्थिति का जायजा लिया और नियमों के उल्लंघन पर डेयरी संचालक पर 18 हजार रुपये का जुर्माना लगाया।

कार्रवाई के दौरान डेयरी संचालक की ओर से कार्रवाई रोकने के लिए दबाव बनाने की कोशिश किए जाने की बात भी सामने आई। हालांकि, स्वास्थ्य अमले ने कार्रवाई जारी रखी और बाद में संचालक ने जुर्माने की राशि जमा कर दी।

नगर निगम की कार्रवाई के बाद क्षेत्र के रहवासियों ने उम्मीद जताई है कि नालियों में गोबर बहाने की समस्या पर रोक लगेगी और इलाके की साफ-सफाई व्यवस्था में सुधार होगा।

💡 पृष्ठभूमि (Background)

नालियों में गोबर बहाने के मामले में भोपाल के वार्ड‑79 के डेयरी संचालक पर 18 हज़ार रुपये का जुर्माना लगाया गया। यह घटना जॉन‑17 के अंतर्गत स्वास्थ्य विभाग द्वारा की गई कार्रवाई का हिस्सा है। इस विषय की महत्ता इसलिए है क्योंकि नालियों में कचरा बहाने से स्वच्छता और सार्वजनिक स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है, तथा यह नागरिकों की शिकायतों के प्रति नगर निगम की जवाबदेही को दर्शाता है। आम जनता पर इसका असर यह है कि स्वच्छता मानदंडों के पालन से जल‑संसाधन और पर्यावरण की सुरक्षा होती है, और ऐसे जुर्माने

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Aazam Lala

आज़म लाला भोपाल के वरिष्ठ पत्रकार हैं, जो लंबे समय से जनसमस्याओं और सामाजिक मुद्दों को अपनी पत्रकारिता के माध्यम से सामने लाते हैं। वे जमीनी स्तर की खबरों और जनसरोकार से जुड़े विषयों को प्रमुखता से उठाते हैं।