नर्सरी में हर साल तैयार कर रहे 3.50 लाख पौधे, वहां अब बनाया जा रहा क्रिकेट टर्फ और रेस्टोरेंट
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शहर के सिविल लाइंस स्थित निमाड़ रोपणी में हर साल 3.50 लाख पौधे तैयार होते थे और पौधों की बिक्री से वन विभाग को करीब 63 लाख रुपए मिलते थे। जिला प्रशासन ने इस एक हेक्टेयर जमीन को राजस्व की बताकर पीपीपी मोड पर निजी ठेकेदार को सौंप दिया है। यहां 1.5 से 2 करोड़ की लागत से रेस्टोरेंट, कैफे, क्रिकेट टर्फ और जिम वाला 'निमाड़ क्लब' बन रहा है, जिसका किराया 51 हजार रुपए प्रतिमाह तय हुआ है और यह एक महीने में खुलेगा।
इस बदलाव से खंडवा, खरगोन, बड़वानी और बुरहानपुर के किसानों और वन विस्तार के लिए मिलने वाले पौधे अब प्रभावित होंगे। राजस्व विभाग के नाम दर्ज निमाड़ रोपणी की जमीन को वन विभाग के नाम ट्रांसफर कराने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। सामाजिक वानिकी वन वृत्त इसके लिए नए दस्तावेज तैयार कर रहा है, ताकि एक महीने के भीतर जमीन का मालिकाना हक वन विभाग को मिल सके।
यहां दुर्लभ पौधे और फलदार पौधे तैयार किए जाते हैं। यहां पिछले साल जिला प्रशासन ने राजस्व विभाग की जमीन पर काबिज एक कर्मचारी के परिवार का अतिक्रमण हटाया था। 1975 के बाद शासन ने 5 हेक्टेयर की 'निमाड़ रोपणी' वन विभाग को दी, लेकिन विभाग ने इस राजस्व भूमि को अपने नाम नहीं कराया। वर्तमान में यहां सालाना 6-8 लाख पौधे तैयार कर खंडवा व आसपास के जिलों में भेजे जाते हैं।
पूर्व में यह जगह जिला जेल के अधीन थी, जहां कैदी बागवानी करते थे। राजस्व विभाग के नाम पर जमीन, हटाए कर्मचारी के कब्जे नर्सरी के लिए वन विभाग को दी है जमीन ^निमाड़ रोपणी वन विभाग नहीं राजस्व की जमीन पर है। पौधारोपण की जो जगह ली है। उससे ज्यादा जगह वहीं पर वन विभाग को दी है। ताकि हरियाली कम न हो।
निमाड़ क्लब पीपीपी मोड़ पर तैयार हो रहा है। - ऋषव गुप्ता, कलेक्टर
📡 स्रोत: NewsData.io