नशा छोड़ चुके युवाओं को मुख्य धारा में जोड़ने में भूमिका निभाए प्रशासन: अनुपम कश्यप
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अक्तूबर 30, शिमला (हिमाचल प्रदेश): जिला एनकॉर्ड (Narco Coordination Centre) की बैठक उपायुक्त अनुपम कश्यप की अध्यक्षता में आयोजित की गई। उपायुक्त ने कहा कि जिला भर में नशे के खिलाफ आंदोलन लंबे समय से चला है। लेकिन अभी भी कई शिक्षण संस्थान ऐसे है जहां तक आंदोलन नहीं पहुंच पाया है। सभी एसडीएम अपने-अपने कार्य क्षेत्र में जन जागरूकता अभियान को हर शिक्षण संस्थान तक पहुंचाने का प्रयास करें।
इसके साथ ही नशा छोड़ चुके लोगों को मुख्य धारा में वापिस लाने को लेकर सकारात्मक प्रयास होने चाहिए। सभी एसडीएम और डीएसपी को निर्देश दिए गए हैं कि आगामी एन-कोर्ड की बैठक में नशे के खिलाफ क्या कदम उठाए गए इसको लेकर प्रेजेंटेशन देंगे। सड़क किनारे ढाबों की ओर से सरकारी भूमि का अतिक्रमण किया गया और नशे के कारोबार में संलिप्त पाया जाता है तो तुरंत कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
इसके साथ ही सभी एसडीएम को सरकारी भूमि में अतिक्रमण तुरंत हटाने के निर्देश दिए गए। उपायुक्त ने कहा कि नशे के कारोबार में संलिप्त लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई के साथ-साथ युवाओं को नशे से दूर रखने, शैक्षणिक संस्थानों में जागरूकता बढ़ाने और समाज की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
नशामुक्त समाज के निर्माण के लिए पुलिस का यह अभियान आगे भी निरंतर जारी रहेगा। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक गौरव सिंह ने कहा जिला पुलिस द्वारा नशे के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत विभिन्न स्तरों पर निरंतर कार्रवाई की जा रही है। इस संबंध में आयोजित बैठक में जिला पुलिस की ओर से अभियान के तहत अब तक की गई कार्रवाई और उपलब्धियों का विस्तृत ब्यौरा प्रस्तुत किया गया।पुलिस द्वारा प्रस्तुत आंकड़ों के अनुसार, इस वर्ष नशे से संबंधित कुल 291 मामले दर्ज किए गए हैं, जिनमें 567 पुरुषों और 19 महिलाओं सहित कुल 586 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है।
इनमें 91 आरोपी पिछली अवधि के मामलों से संबंधित (बैकवर्ड) तथा 17 आरोपी आगामी कार्रवाई से संबंधित (फॉरवर्ड) श्रेणी में दर्शाए गए हैं। वहीं, चालू माह के दौरान 28 मामले दर्ज किए गए हैं, जिनमें 46 पुरुषों और 2 महिलाओं सहित कुल 48 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। नशे के दुष्प्रभावों के प्रति युवाओं और आम जनता को जागरूक करने के उद्देश्य से पुलिस द्वारा शैक्षणिक संस्थानों और पंचायत स्तर पर विशेष गतिविधियां संचालित की जा रही हैं।
इस वर्ष अब तक 19 स्कूलों का दौरा किया गया तथा 6 जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए। इसके अतिरिक्त 15 पंचायत बैठकों में भाग लेकर नशे के खिलाफ जन भागीदारी को प्रोत्साहित किया गया। एसएचओ और आईसी पीपी द्वारा भी 6 स्कूलों का दौरा किया गया। नशा मुक्ति केंद्रों का दौरा और भांग की खेती को नष्ट करने की कार्रवाई के संबंध में रिपोर्ट में शून्य आंकड़ा दर्ज किया गया है।
नशा तस्करी से अर्जित अवैध संपत्ति पर कार्रवाई करते हुए पुलिस ने वित्तीय जांच के तहत 69 व्यक्तियों को शामिल करते हुए कुल 12,52,32,868 रुपये की संपत्ति फ्रीज करने की कार्रवाई की है। इसके अतिरिक्त अवैध कब्जों और अतिक्रमण के खिलाफ कार्रवाई के तहत कुल 2,003 लोगों का सत्यापन किया जाना निर्धारित किया गया, जिनमें से 940 का सत्यापन पूरा कर लिया गया है, जबकि 1,063 का सत्यापन लंबित है।
इस दौरान दो अतिक्रमण के मामले सामने आए, जिन्हें पुलिस थाना रोहड़ू क्षेत्र में ध्वस्त किया गया। नशा तस्करी में संलिप्त नेटवर्क को तोड़ने के लिए भी पुलिस द्वारा विशेष कार्रवाई की जा रही है। प्रस्तुत आंकड़ों के अनुसार, वर्ष 2026 में अब तक 66, वर्ष 2025 में 4 तथा वर्ष 2024 में 4 नेटवर्क को ध्वस्त किया गया है।
वहीं, नशीले पदार्थों की अवैध खेती के संबंध में दर्ज मामले में पुलिस थाना देहा में एक मामला एफआईआर संख्या 33/26 के तहत पंजीकृत किया गया है। इस बैठक में अतिरिक्त उपायुक्त सचिन शर्मा, अतिरिक्त जिला दंडाधिकारी कानून एवं व्यवस्था पंकज शर्मा, अतिरिक्त आयुक्त नगर निगम भुवन शर्मा, एसडीएम शिमला शहरी सन्नी शर्मा, एसडीएम शिमला ग्रामीण कार्तिकेय शर्मा, एसडीएम सुन्नी राजेश वर्मा सहित अन्य अधिकारी व कर्मचारी उपस्थित रहे।
🎙️ जनता का संदेश का मत
नशा छोड़ चुके युवाओं को समाज में पुनः समाहित करना न केवल व्यक्तिगत पुनरुत्थान है, बल्कि समाज की समग्र प्रगति का भी आधार है। प्रशासन को शिक्षा संस्थानों में जागरूकता फैलाने का आग्रह करना, युवाओं को रोजगार, कौशल प्रशिक्षण और मानसिक स्वास्थ्य सहायता से जोड़ना, नशे के चक्र को तोड़ने का सबसे प्रभावी मार्ग है। इससे नशा मुक्ति के साथ-साथ आत्मविश्वास, जिम्मेदारी और सामूहिक समृद्धि का नया अध्याय खुलता है।