अपराध

नशे के खिलाफ कार्रवाई के साथ पुनर्वास पर भी दें विशेष ध्यान: अनुपम कश्यप

लेखक: Maroof Ahmed Khan अंतिम अपडेट: 30 सितंबर 2026
प्रकाशक: जनता का संदेश
नशे के खिलाफ कार्रवाई के साथ पुनर्वास पर भी दें विशेष ध्यान: अनुपम कश्यप

जिला स्तरीय एनसीओआरडी बैठक में नशे की तस्करी, रोकथाम एवं पुनर्वास को लेकर हुई समीक्षा

सितंबर 29, शिमला (हिमाचल प्रदेश): जिला स्तरीय नारकोटिक्स कोआर्डिनेशन कमेटी (NCORD) की बैठक आज उपायुक्त शिमला अनुपम कश्यप की अध्यक्षता में आयोजित की गई। बैठक में जिले में नशीले पदार्थों की तस्करी एवं दुरुपयोग की रोकथाम, नशे के विरुद्ध चलाए जा रहे अभियानों, संवेदनशील क्षेत्रों की निगरानी तथा विभिन्न विभागों के बीच समन्वय को लेकर विस्तृत चर्चा की गई।

उपायुक्त अनुपम कश्यप ने संबंधित विभागों को नशे के अवैध कारोबार के खिलाफ प्रभावी एवं समन्वित कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने नशीले पदार्थों की तस्करी के संभावित स्रोतों, संवेदनशील क्षेत्रों एवं हॉटस्पॉट की पहचान कर वहां निगरानी व्यवस्था को और मजबूत करने पर विशेष जोर दिया।

बैठक में बताया गया कि जिले में पिछले एक माह के दौरान 54 बीघा भूमि पर उगाई गई भांग की खेती को नष्ट किया गया है। इस वर्ष अब तक एनडीपीएस एक्ट के तहत 263 मामले दर्ज किए गए हैं, जिनमें 526 आरोपितों को गिरफ्तार किया गया है। सितंबर माह में एनडीपीएस एक्ट के तहत 35 मामले दर्ज कर 45 आरोपितों को गिरफ्तार किया गया।

एनडीपीएस एक्ट के तहत अब तक 68 आरोपितों की कुल 12 करोड़ 52 लाख 32 हजार रुपये की संपत्ति सीज की गई है। वहीं, इस वर्ष अब तक जिले में 9 किलो 986 ग्राम चिट्टा जब्त किया गया है। जिले में 15 पंचायतों को नशे की दृष्टि से संवेदनशील चिन्हित किया गया है। इन पंचायतों में वर्ष 2023, 2024 और 2025 के एनडीपीएस एक्ट से संबंधित मामलों का विस्तृत डेटा तैयार किया जाएगा।

इस डेटा के आधार पर विश्लेषणात्मक रिपोर्ट तैयार कर नशे की समस्या के कारणों एवं प्रभावी रोकथाम के लिए आवश्यक कदम तय किए जाएंगे। उपायुक्त ने कहा कि नशे के खिलाफ अब तक चलाए गए जागरूकता अभियानों के साथ-साथ नशे की गिरफ्त में आए युवाओं को मुख्यधारा में वापस लाने के प्रयासों पर भी विशेष ध्यान देने की आवश्यकता है।

उन्होंने कहा कि यदि प्रत्येक अधिकारी और विभाग मिलकर एक-एक युवा को नशे के चंगुल से बाहर निकालकर समाज की मुख्यधारा से जोड़ने में सफल होता है, तो इससे व्यापक सामाजिक परिवर्तन संभव है। उन्होंने कहा कि नशा विरोधी प्रयास केवल कार्यक्रम आयोजित करने तक सीमित नहीं रहने चाहिए, बल्कि इनके ठोस परिणाम समाज में दिखाई देने चाहिए।

उपायुक्त ने पुलिस विभाग को नशे की तस्करी में संलिप्त लोगों के विरुद्ध नियमानुसार कड़ी कार्रवाई करने तथा संवेदनशील क्षेत्रों में नियमित निगरानी बढ़ाने के निर्देश दिए। उन्होंने युवाओं एवं विद्यार्थियों को नशे से दूर रखने के लिए जागरूकता और नशा विरोधी गतिविधियों को और प्रभावी बनाने पर भी जोर दिया।

बैठक में नशे की रोकथाम के साथ-साथ नशे की लत से प्रभावित लोगों के पुनर्वास, परामर्श और समाज की मुख्यधारा में पुनर्स्थापना से जुड़े विषयों पर भी चर्चा की गई। उपायुक्त ने कहा कि नशे की समस्या से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए प्रशासन, पुलिस, स्वास्थ्य, शिक्षा, सामाजिक संगठनों तथा आम नागरिकों की सामूहिक भागीदारी आवश्यक है।

उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि नशा विरोधी अभियान केवल कार्रवाई तक सीमित न रहें, बल्कि जागरूकता, रोकथाम, उपचार और पुनर्वास को समान प्राथमिकता दी जाए।

M
Maroof Ahmed Khan

Maroof Ahmed Khan जनता का संदेश के संस्थापक एवं प्रधान संपादक हैं। वे जनसरोकार, निष्पक्ष रिपोर्टिंग और जनता की आवाज़ को प्रमुखता देने के लिए प्रतिबद्ध हैं।