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नशे के सौदागरों की अब खैर नहीं! उप मुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल ने पुलिस को दिए सख्त कार्रवाई के निर्देश

लेखक: Maroof Ahmed Khan अंतिम अपडेट: 13 अक्टूबर 2026 👁️ 21 बार पढ़ा गया
प्रकाशक: जनता का संदेश
नशे के सौदागरों की अब खैर नहीं! उप मुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल ने पुलिस को दिए सख्त कार्रवाई के निर्देश

रीवा संभाग में नशे के कारोबार पर बड़ा प्रहार, 18 महीने में 1,615 आरोपी जेल भेजे गए; नशे के पीड़ितों के पुनर्वास पर भी उप मुख्यमंत्री का ज़ोर, नशे के शिकार 50 लोगों को पुनर्वास केंद्रों में भर्ती करने की तैयारी

भोपाल, 13 अक्टूबर। उप मुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल ने नशामुक्त भारत अभियान की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को नशे के अवैध कारोबार में शामिल लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने और नशे की लत से पीड़ित व्यक्तियों के समुचित पुनर्वास पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि नशे के अवैध कारोबार पर प्रभावी अंकुश लगाने के साथ पीड़ितों को उपचार और सामान्य जीवन में लौटने का अवसर उपलब्ध कराना भी जरूरी है।

सर्किट हाउस के नवीन भवन सभागार में आयोजित बैठक में उप मुख्यमंत्री ने कहा कि नशे के अवैध कारोबार में शामिल लोगों के खिलाफ पुलिस लगातार कार्रवाई कर रही है। अब अवैध नशीले पदार्थों का उत्पादन करने वालों और सप्लायरों तक पहुंचकर भी सख्त कार्रवाई की जाए। उन्होंने कलेक्टरों को नशे से प्रभावित व्यक्तियों की सूची तैयार कर नशामुक्ति केंद्रों के माध्यम से उनके उपचार और पुनर्वास की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

युवाओं को नशे से बचाना विकास की प्राथमिकता

उप मुख्यमंत्री ने कहा कि रीवा और पूरा विंध्य क्षेत्र तेजी से विकास कर रहा है। कृषि, उद्योग और व्यापार में वृद्धि के साथ लोगों की आमदनी बढ़ी है तथा अधोसंरचना विकास के कार्यों से क्षेत्र को गति मिल रही है। ऐसे में यदि युवा पीढ़ी कोरेक्स और अन्य नशीले पदार्थों की गिरफ्त में आ गई, तो विकास के प्रयासों का अपेक्षित लाभ नहीं मिल पाएगा।

उन्होंने कहा कि वर्तमान में युवा पीढ़ी को विकास के कार्यों का सबसे अधिक लाभ मिलना है, इसलिए उसे नशे से बचाना आवश्यक है। नशीले पदार्थों के अवैध कारोबार में शामिल लोगों के विरुद्ध एनडीपीएस एक्ट के तहत लगातार कार्रवाई की जाए। उत्तर प्रदेश के साथ समन्वय बनाकर सप्लायरों पर कार्रवाई करने के साथ नशीले पदार्थों के अवैध उत्पादन के ठिकानों तक पहुंचने के निर्देश भी दिए।

उप मुख्यमंत्री ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के वर्ष 2029 तक देश को नशामुक्त बनाने के संकल्प का उल्लेख करते हुए कहा कि इस दिशा में समन्वित कार्ययोजना बनाकर निरंतर कार्रवाई की जाए। नशामुक्त भारत अभियान में स्वयंसेवी संस्थाओं, जनप्रतिनिधियों और आम नागरिकों की भागीदारी भी सुनिश्चित की जाए।

रीवा संभाग में 1,615 आरोपी जेल भेजे गए

बैठक में रीवा जोन के पुलिस महानिरीक्षक गौरव राजपूत ने बताया कि पिछले 18 महीनों में संभाग में कोरेक्स, गांजा, एमडी ड्रग्स, अवैध शराब और हेरोइन सहित विभिन्न नशीले पदार्थों के खिलाफ कार्रवाई की गई है। इस दौरान नशे के अवैध कारोबार से जुड़े 1,615 आरोपियों को जेल भेजा गया।

पुलिस द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, इस अवधि में 5,535 किलो 931 ग्राम गांजा, कोरेक्स की 97,665 शीशियां, 4,13,310 नशीली टैबलेट और कैप्सूल तथा अफीम के 450 हरे पौधे जब्त किए गए। इसके अलावा 123.6 ग्राम हेरोइन, 206.54 ग्राम स्मैक, 244 ग्राम ब्राउन शुगर और 3 किलो 87 ग्राम एमडी ड्रग्स भी जब्त की गई। इन नशीले पदार्थों की कुल कीमत 13 करोड़ 17 लाख 39 हजार 600 रुपये बताई गई।

कार्रवाई के दौरान अवैध कारोबार में इस्तेमाल किए जा रहे 181 दोपहिया और 131 चारपहिया वाहन भी जब्त किए गए, जिनकी कुल कीमत 10 करोड़ 41 लाख 70 हजार रुपये बताई गई।

अवैध शराब के खिलाफ भी व्यापक कार्रवाई

आईजी गौरव राजपूत ने बताया कि संभाग में अवैध शराब के कारोबार के खिलाफ 11,998 प्रकरण दर्ज किए गए और 12,199 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। आरोपियों से 35,890 लीटर अवैध देशी शराब और 22,807 लीटर विदेशी शराब जब्त की गई। जब्त शराब की कीमत 3 करोड़ 97 लाख 53 हजार 333 रुपये बताई गई।

50 लोगों के पुनर्वास की तैयारी

बैठक में कलेक्टर नरेंद्र कुमार सूर्यवंशी ने बताया कि नशे से प्रभावित 50 लोगों को इसी सप्ताह चिन्हित कर पुनर्वास के लिए नशामुक्ति केंद्रों में भर्ती कराने की योजना है। कोरेक्स की लत से प्रभावित लोगों के उपचार और पुनर्वास में स्वयंसेवी संस्थाओं का सहयोग भी लिया जाएगा।

बैठक के दौरान उप मुख्यमंत्री ने शहर में रात के समय भारी वाहनों के प्रवेश पर रोक लगाने, यातायात व्यवस्था सुधारने और चौराहों तथा व्यस्त सड़कों पर अवैध रूप से खड़े ठेलों को व्यवस्थित कराने के संबंध में भी अधिकारियों को निर्देश दिए।

बैठक में नगर निगम अध्यक्ष व्यंकटेश पाण्डेय, पुलिस अधीक्षक डॉ. गुरकरन सिंह, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक भावना मरावी, संजय मिश्रा और राजीव पाठक, संयुक्त संचालक सामाजिक न्याय अनिल दुबे सहित संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।

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Maroof Ahmed Khan

Maroof Ahmed Khan जनता का संदेश के संस्थापक एवं प्रधान संपादक हैं। वे जनसरोकार, निष्पक्ष रिपोर्टिंग और जनता की आवाज़ को प्रमुखता देने के लिए प्रतिबद्ध हैं।