नाटक चीफ की दावत में रिश्तों पर भारी दिखी सामाजिक प्रतिष्ठा की चाह
ताज़ा खबरों से अपडेट रहने के लिए हमारे WhatsApp चैनल से जुड़ेंJoin करें →सिटी िरपोर्टर| बेगूसराय रंग सृजन स्पेस में प्रसिद्ध कहानीकार भीष्म सहनी द्वारा लिखित कहानी चीफ़ की दावत का मंचन किया गया। निर्देशन अभिनेता सह प्रशिक्षक मोहित मोहन ने किया। प्रस्तुति संस्था रंग सृजन आर्ट एंड सोशल एसोसिएशन द्वारा नियमित चलाए जा रहे निशुल्क प्रशिक्षण का हिस्सा था। चीफ की दावत के माध्यम से निर्देशक ने झूठी सामाजिक प्रतिष्ठा की चाह में लोगों द्वारा रिश्तों और मूल्यों को छोटा समझने की छटपटाहट नाटकीय रूप दिया है।
नाटक का मुख्य पात्र शामनाथ एक सरकारी कर्मचारी है। उसके घर पर उसके बड़े अधिकारी चीफ़ के आने की खबर होती है। शामनाथ चाहता है कि चीफ़ के सामने उसका घर और परिवार बहुत सभ्य और आधुनिक दिखाई दे, ताकि उसकी नौकरी में तरक्की की संभावना बने। लेकिन उसकी बूढ़ी मां उसे असहज लगती है। मां साधारण जीवन जीती है और घर के पुराने माहौल तथा देसी तौर-तरीकों का प्रतिनिधित्व करती है।
शामनाथ को डर रहता है कि चीफ़ के सामने मां की मौजूदगी से उसकी प्रतिष्ठा कम न हो जाए। इसलिए वह मां को मेहमानों से दूर रखने की कोशिश करता है। दावत के दौरान चीफ़ की नजर मां पर पड़ती है। बातचीत में मां की सहजता और आत्मीयता सामने आती है। वह चीफ़ को अपने हाथ से बनाए कसीदे के बारे में बताती है।
चीफ़ उसकी कला से प्रभावित होता है और मां की प्रशंसा करता है। यह देखकर शामनाथ का व्यवहार बदल जाता है। जिस मां को वह कुछ देर पहले छिपाना चाहता था, उसी मां को अब वह अपने लिए गौरव और लाभ का साधन समझने लगता है। मंच पर अमन शर्मा, रिया कुमारी, कशिश कुमारी, चेतना कुमारी, अमित कुमार, सौरभ कुमार और गुड्डू कुमार ने शानदार अभिनय कर दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया।
मंच पर पार्श्व संगीत बादल कुमार का था। वहीं मंच व्यवस्था सोनू कुमार, नवीन कुमार, सौरभ कुमार ने किया। कार्यक्रम का उद्घाटन जिले के वरिष्ठ अधिवक्ता सह रंगकर्मी प्रमोद मनवंश, आशीर्वाद रंगमंडल के सचिव डॉ अमित रौशन ने सम्मिलित रूप से किया। मंच संचालन सचिन कुमार ने किया। धन्यवाद ज्ञापन संस्था की मार्गदर्शिका सारिका भास्कर ने किया।
📡 स्रोत: NewsData.io