नेहा बोरा बोलीं- पीस बॉन्ड साइन नहीं करूंगी:मजिस्ट्रेट कोर्ट ने जवाब दाखिल के लिए समय दिया; दिल्ली हाईकोर्ट याचिका खारिज कर चुका
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ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन की अध्यक्ष नेहा बोरा शनिवार को स्पेशल एक्जीक्यूटिव मजिस्ट्रेट (SEM) कोर्ट पहुंची। SEM कोर्ट ने पुलिस को नेहा बोरा के वकील को संबंधित दस्तावेज सौंपने का निर्देश दिया। कोर्ट ने उनके वकील को जवाब दाखिल करने के लिए समय भी दिया। कोर्ट में जाने से पहले नेहा ने कहा कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन करना लोकतांत्रिक अधिकार है। वे ₹10 हजार का पीस बॉन्ड साइन नहीं करेंगी। दिल्ली हाईकोर्ट ने एक दिन पहले पुलिस के नोटिस को चुनौती देने वाली उनकी याचिका खारिज कर दी थी। नेहा के प्रेस कॉन्फ्रेंस की 3 बड़ी बातें… 1.
पीस बॉन्ड पर: संविधान हमें विरोध करने का अधिकार देता है, लेकिन शांति भंग करने के नाम पर लोगों को हिरासत में लिया जाता है। पीस बॉन्ड का इस्तेमाल शांतिपूर्ण प्रदर्शन रोकने के लिए हो रहा है। 2.
पुलिस के व्यवहार पर: प्रदर्शन के दौरान आम लोगों ने कोई गलत काम नहीं किया। पुलिस ने लाठियां चलाईं, महिलाओं के कपड़े फाड़े और पत्रकारों के साथ भी मारपीट की। अगर शांति भंग हुई है, तो इसके लिए पुलिस का व्यवहार जिम्मेदार है, प्रदर्शन नहीं। 3.
लोकतंत्र के अधिकार पर: लोकतंत्र में सिर्फ वोट देने का अधिकार ही जरूरी नहीं है। अपने अधिकारों के खिलाफ हो रहे अन्याय पर सवाल उठाना भी जरूरी है। अगर सरकार से सवाल नहीं पूछेंगे, तो क्या चुप रहना ही शांति है? 16 अक्टूबर को प्रदर्शन के दौरान हिरासत में ली गई थीं नेहा नेहा 16 अक्टूबर को दिल्ली के मंडी हाउस में ‘लहरा दो तिरंगा’ मार्च में शामिल हुई थीं।
यह प्रदर्शन मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग और SIR के दौरान मतदाता सूची में कथित अनियमितताओं के विरोध में किया गया था। नेहा के मुताबिक, प्रदर्शन शुरू होने के करीब 10 मिनट बाद उन्हें हिरासत में ले लिया गया था। उन्हें रातभर हिरासत में रखने के बाद 17 अक्टूबर की सुबह रिहा किया गया।
17 अक्टूबर को जारी हुआ था नोटिस स्पेशल एग्जीक्यूटिव मजिस्ट्रेट ने 17 अक्टूबर को BNSS की धारा 126 और 130 के साथ धारा 135(3) के तहत नोटिस जारी किया था। नेहा को यह नोटिस 18 अक्टूबर को मिला। इसमें जांच की अवधि के दौरान शांति बनाए रखने के लिए ₹10 हजार का पर्सनल बॉन्ड और एक जमानतदार देने के संबंध में जवाब मांगा गया था।
नोटिस में मंडी हाउस में नारेबाजी करने, जंतर-मंतर के आसपास प्रतिबंधात्मक आदेशों के बा
📡 स्रोत: Dainik Bhaskar