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नेहरू कप हॉकी में स्वर्ण जीतकर लौटीं सिमडेगा की बेटियां, ढोल-नगाड़ों के साथ हुआ भव्य स्वागत

लेखक: Maroof Ahmed Khan अंतिम अपडेट: 27 अक्टूबर 2026
प्रकाशक: जनता का संदेश
नेहरू कप हॉकी में स्वर्ण जीतकर लौटीं सिमडेगा की बेटियां, ढोल-नगाड़ों के साथ हुआ भव्य स्वागत

सिमडेगा की बेटियों ने हॉकी में जीता स्वर्ण पदक, राष्ट्रीय नेहरू अंडर-17 बालिका हॉकी प्रतियोगिता में शानदार प्रदर्शन, नौ साल बाद सिमडेगा ने फिर दोहराया स्वर्णिम इतिहास, स्वर्ण पदक विजेता खिलाड़ियों का गृह जिले में भव्य स्वागत।

Short Headline: नेहरू कप हॉकी में स्वर्ण जीतकर लौटीं सिमडेगा की बेटियां, ढोल-नगाड़ों के साथ हुआ भव्य स्वागत

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सिमडेगा की बेटियों ने हॉकी में जीता स्वर्ण पदक

राष्ट्रीय नेहरू अंडर-17 बालिका हॉकी प्रतियोगिता में शानदार प्रदर्शन

नौ साल बाद सिमडेगा ने फिर दोहराया स्वर्णिम इतिहास

स्वर्ण पदक विजेता खिलाड़ियों का गृह जिले में भव्य स्वागत

एंकर हॉकी की नर्सरी कहे जाने वाले सिमडेगा की बेटियों ने दिल्ली में आयोजित 32वीं राष्ट्रीय नेहरू अंडर-17 बालिका हॉकी प्रतियोगिता में प्रतिभा का लोहा मनवाया है। स्वर्ण पदक जीतकर लौटी टीम का सिमडेगा में भव्य स्वागत हुआ। मुख्यमंत्री उत्कृष्ट बालिका उच्च विद्यालय की टीम ने प्रतियोगिता के सभी मुकाबलों में जीत दर्ज कर खिताब अपने नाम किया। नौ साल बाद मिली इस उपलब्धि से जिले में जश्न का माहौल है।

होल्ड अप साउंड रिपोर्ट

वीओ-1: ढोल-नगाड़ों की थाप... चेहरे पर जीत की खुशी... और बेटियों की उपलब्धि पर गर्व करते लोग। दिल्ली से स्वर्ण पदक जीतकर लौटी सिमडेगा की हॉकी खिलाड़ियों के स्वागत में पूरा शहर उमड़ पड़ा। हॉकी सिमडेगा की अगुवाई में खिलाड़ियों को आवासीय हॉकी सेंटर से आनंद भवन धर्मशाला तक नाचते-गाते हुए लाया गया। इस दौरान जगह-जगह उनका अभिनंदन किया गया। आनंद भवन धर्मशाला में पुष्पवर्षा और फूलमालाओं से खिलाड़ियों का स्वागत हुआ।

वीजुअल: स्वागत जुलूस, ढोल-नगाड़े, नाचती खिलाड़ी, पुष्पवर्षा, सम्मान समारोह

वीओ-2: मुख्यमंत्री उत्कृष्ट बालिका उच्च विद्यालय, सिमडेगा की टीम ने प्रतियोगिता के सभी मुकाबलों में जीत दर्ज करते हुए स्वर्ण पदक पर कब्जा जमाया। इससे पहले वर्ष 2017 में भी सिमडेगा की बेटियों ने यह उपलब्धि हासिल की थी। नौ वर्षों बाद एक बार फिर राष्ट्रीय स्तर पर मिली इस कामयाबी ने जिले की हॉकी परंपरा और खिलाड़ियों की प्रतिभा को नई पहचान दी है। समारोह में हॉकी झारखंड के महासचिव मनोज कोनबेगी ने वर्ष 2010 से सिमडेगा में हॉकी के विकास के लिए किए जा रहे प्रयासों का उल्लेख किया। उन्होंने इस उपलब्धि को सामूहिक प्रयासों का परिणाम बताया।

वीओ 03. जीत की खुशी खिलाड़ियों के चेहरों पर साफ दिखाई दे रही थी। टीम की कप्तान पुष्पा मांझी ने कहा कि अपने गृह जिले में मिले इस भव्य स्वागत से उनका उत्साह बढ़ा है। वहीं, खेलप्रेमी व्यवसायी राजेश शर्मा ने भी टीम को इस शानदार जीत के लिए बधाई दी। उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि गर्व का विषय है, लेकिन खिलाड़ियों को इसे एक पड़ाव मानकर आगे बढ़ना चाहिए।

बाइट- राजेश शर्मा, खेल प्रेमी

अंतिम वीओ: सिमडेगा की इन बेटियों की जीत ने एक बार फिर साबित किया है कि प्रतिभा, मेहनत और सही मार्गदर्शन से किसी भी मुकाम को हासिल किया जा सकता है। स्वर्ण पदक के साथ लौटी यह टीम अब नई चुनौतियों के लिए तैयार है।

सिमडेगा से मनोज कुमार सिन्हा मनु की रिपोर्ट।

💡 पृष्ठभूमि (Background)

सिमडेगा की बेटियों ने राष्ट्रीय नेहरू अंडर‑17 बालिका हॉकी प्रतियोगिता में स्वर्ण पदक जीतकर शहर को गौरवान्वित किया। यह घटना सिमडेगा के 9 साल पहले के स्वर्ण इतिहास को दोहराती है, जिससे क्षेत्र में खेल के प्रति गर्व और प्रेरणा बढ़ती है। ऐसी उपलब्धि युवा खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करती है, विशेषकर लड़कियों को, और खेलकूद के विकास के लिए स्थानीय समर्थन को बढ़ावा देती है। यह सफलता समाज में लिंग समानता और खेल शिक्षा के महत्व को रेखांकित करती है, जिससे अधिक परिवारों को अपनी बेटियों को खेल में भाग लेने के

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Maroof Ahmed Khan

Maroof Ahmed Khan जनता का संदेश के संस्थापक एवं प्रधान संपादक हैं। वे जनसरोकार, निष्पक्ष रिपोर्टिंग और जनता की आवाज़ को प्रमुखता देने के लिए प्रतिबद्ध हैं।