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नेपाल में अचानक आई बाढ़ में मरने वालों की संख्या 1,300 के पार, अब तक 169 भारतीय किए गए रेस्क्यू

लेखक: JKS News Desk अंतिम अपडेट: 5 सितंबर 2026
प्रकाशक: जनता का संदेश
नेपाल में अचानक आई बाढ़ में मरने वालों की संख्या 1,300 के पार, अब तक 169 भारतीय किए गए रेस्क्यू

Nepal Flash Flood: नेपाल में अचानक आई बाढ़ में मरने वालों की संख्या बढ़कर 1300 के पास पहुंच गई हैं. इस प्राकृतिक आपदा को आए हुए आज 11वां दिन है. बता दें कि नेपाल के रसुवा भोटेकोशी में 26 अगस्त की सुबह अचानक बाढ़ आ गई थी.

जिसने भारी तबाही मचा थी. नेपाल पुलिस के मुताबिक, इस बाढ़ में मरने वालों की संख्या बढ़कर 1,344 हो गई है. जबकि अभी भी हजारों लोग लापता हैं. जिनकी तलाश की जा रही है.

प्रभावित इलाकों में बचाव दल लगातार तलाशी अभियान चला रहे हैं, जबकि भारत अपने लापता नागरिकों के मामले में नेपाल सरकार के लगातार संपर्क में है.

विदेश मंत्रालय (MEA) ने शुक्रवार को कहा कि नेपाल-तिब्बत सीमा पर आई बाढ़ के बाद 275 भारतीय लापता हैं, जबकि 169 लोगों को बचा लिया गया है.

Death toll in Nepal floods rises to 1344, says Nepal Police pic.twitter.com/tQxIy8nptE — ANI (@ANI) September 5, 2026 शुक्रवार को तीन और भारतीयों का किया गया रेस्क्यू बता दें कि कल यानी शुक्रवार को नेपाल के नुवाकोट जिले के त्रिशूली बाजार इलाके से बचाए गए लोगों में तीन भारतीय नागरिक भी शामिल हैं.

जिनकी पहचान अभिजीत सुरेश पवार, दीपिका अभिजीत पवार और पांच साल के समर्थ अभिजीत पवार के रूप में की गई है.

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि काठमांडू में भारतीय दूतावास उनके घर लौटने की फ्लाइट का इंतजाम कर रहा है.

विदेश मंत्रालय ने यह भी कहा कि 1,907 भारतीय नागरिक चीन से सुरक्षित नेपाल पहुंच गए हैं.

जायसवाल ने बताया, "चीन में आधिकारिक सूत्रों के अनुसार, चीन के तिब्बत स्वायत्त क्षेत्र में कोई भी भारतीय यात्री फंसा हुआ नहीं है." अभी भी 275 भारतीय लापता अपनी नियमित मीडिया ब्रीफिंग में जायसवाल ने कहा, "हमारी जानकारी के अनुसार, 275 भारतीय नागरिक लापता हैं.

हम नेपाली सरकार के साथ लगातार संपर्क में हैं." उन्होंने कहा, "हम इस मामले में नेपाली अधिकारियों की कोशिशों की बहुत सराहना करते हैं." नेपाल के अधिकारियों के मुताबिक, प्रभावित इलाकों से और शव मिलने के बाद बाढ़ से मरने वालों की संख्या बढ़कर कम से कम 1,295 हो गई है.

जहां इमरजेंसी टीमों ने 12,000 से ज्यादा लोगों को बचाया है, वहीं लगभग 5,000 लोग अभी भी लापता हैं और खोज व बचाव अभियान जारी है.

भारत ने नेपाल को पहुंची 95 टन राहत सामग्री जयसवाल ने कहा कि 26 अगस्त को देश में अचानक आई बाढ़ के बाद से भारत ने नेपाल को लगभग 95 टन राहत सामग्री भेजी है.

उन्होंने कहा कि भारत ने अब तक सात विमानों के जरिए नेपाल को लगभग 95 टन राहत सामग्री पहुंचाई है.

उन्होंने कहा, "हम नेपाल सरकार की मांग के अनुसार और फोरेंसिक किट, बेली ब्रिज और अन्य सामग्री भेजने की योजना बना रहे हैं." उन्होंने कहा, "राहत सामग्री के अलावा, हमने नेपाल में राहत और बचाव कार्यों में मदद के लिए 54 कर्मियों को भी भेजा है.

इनमें 30 टनल रेस्क्यू एक्सपर्ट, 19 फोरेंसिक एक्सपर्ट और पांच सदस्यों वाली मेडिकल टीम शामिल है.

हमारी बचाव और फोरेंसिक टीमें जमीनी स्तर पर तैनात हैं और वे नेपाल के अधिकारियों के साथ मिलकर काम कर रही हैं." पीएम मोदी ने की थी बालेंद्र शाह से बात बता दें कि 26 अगस्त को नेपाल में अचानक आई बाढ़ के तुरंत बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने नेपाली समकक्ष बालेंद्र शाह से बातचीत की थी.

उसके कुछ घंटे बाद भारत ने राहत सामग्री की पहली खेप नेपाल को भेजी. मोदी ने शाह को हालात से निपटने के लिए हर संभव मानवीय मदद का भरोसा दिलाया था. खबर अभी अपडेट हो रही है...

📡 स्रोत: NewsData.io

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