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नेपाल बाढ़ से सबक? लद्दाख की 'त्सो कार' झील पर शुरू हुआ ये अहम प्रोजेक्ट

लेखक: JKS News Desk अंतिम अपडेट: 23 सितंबर 2026 👁️ 1 बार पढ़ा गया
प्रकाशक: जनता का संदेश
नेपाल बाढ़ से सबक? लद्दाख की 'त्सो कार' झील पर शुरू हुआ ये अहम प्रोजेक्ट

ग्लोबल वार्मिंग और हिमालय की ग्लेशियल झीलों के गायब होने के खतरों के बीच, लद्दाख प्रशासन ने इतनी ऊंचाई और इतने मुश्किल हालात में एक खत्म हो रही झील को फिर से जीवित करने की अपनी तरह की पहली और इकलौती पहल शुरू की है.

लद्दाख के चांगथांग ज़िले में 15,000 फीट की ऊंचाई पर मौजूद "त्सो कार झील" (जो खत्म होने की कगार पर है) को फिर से जीवित करने का यह बड़ा प्रोजेक्ट है जिस में रेगिस्तानी इलाके से पानी को मोड़कर झील की तली को फिर से भरा जाएगा.

अगर सब कुछ योजना के मुताबिक हुआ, तो अक्टूबर 2027 तक यह झील पूरी तरह से पुनर्जीवित होकर अपने पुराने गौरव को वापस पा लेगी.

लद्दाख के LG वी.के.

सक्सेना ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'X' पर लिखा, "मुझे यह बताते हुए खुशी हो रही है कि हमने लद्दाख में शानदार ग्लेशियल झील 'त्सो कार' को फिर से जीवित करने के लिए एक बहुत बड़ा काम शुरू किया है.

इसमें ग्लेशियर के पानी को जोड़ने की नई तकनीक का इस्तेमाल किया जा रहा है, जिससे यह भारत में अपनी तरह का पहला हाई-एल्टीट्यूड इकोलॉजिकल रेस्टोरेशन प्रोजेक्ट बन गया है."

इतनी ऊंचाई और इतने मुश्किल हालात में किसी खत्म हो रही झील को फिर से जीवित करने की भारत में यह अपनी तरह की पहली और इकलौती कोशिश है.

यहाँ गर्मियों में भी तापमान ज़्यादातर समय 10 डिग्री से कम रहता है और सर्दियों में यह माइनस 20 से 30 डिग्री तक गिर जाता है.

पानी के मैनेजमेंट की इस नई पहल का विचार LG सक्सेना को 10 अगस्त को त्सो कार झील की अपनी पहली यात्रा के दौरान आया था.

वहां स्थानीय ग्रामीणों ने उन्हें बताया था कि यह शानदार झील तेज़ी से सिकुड़ रही है और पक्षियों की संख्या में भी भारी कमी आई है.

झील के आकार में कमी की वजह से प्रवासी पक्षी दूसरी जगह चले गए

15,000 फीट की ऊंचाई पर मौजूद मशहूर त्सो कार झील कभी 11,000 एकड़ में फैली हुई थी, लेकिन पिछले दशक में यह 70% तक सिकुड़ गई है और अब इसका कुल क्षेत्रफल घटकर सिर्फ़ 3,200 एकड़ रह गया है.

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📡 स्रोत: ABP Live

📰 पूरी खबर पढ़ें (ABP Live पर जाएं)

💡 पृष्ठभूमि (Background)

त्सो कार झील को पुनर्जीवित करने का यह प्रोजेक्ट हिमालय के ग्लेशियल झीलों के गायब होने की चेतावनी के बीच आया है। यह पहल लद्दाख के चांगथांग जिले में 15,000 फीट ऊँचाई पर स्थित झील को बचाने के उद्देश्य से की गई है, जहाँ पानी को रेगिस्तानी इलाकों से लाया जा रहा है। यह खबर महत्वपूर्ण है क्योंकि यह ग्लोबल वार्मिंग के प्रभावों से निपटने के लिए एक व्यावहारिक मॉडल पेश करती है, और दिखाती है कि ऊँचे पर्वतीय क्षेत्रों में भी सतत जल प्रबंधन संभव है। यदि सफल हुआ, तो यह स्थानीय समुदायों के लिए जल सुरक्षा बढ़ा स

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