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नेपाल में मौतों का आंकड़ा 1100 के करीब, भोटेकोशी बाढ़ से 16 लाख लोग हुए प्रभावित, 4 हजार अभी भी लापता

लेखक: JKS News Desk अंतिम अपडेट: 2 सितंबर 2026
प्रकाशक: जनता का संदेश
नेपाल में मौतों का आंकड़ा 1100 के करीब, भोटेकोशी बाढ़ से 16 लाख लोग हुए प्रभावित, 4 हजार अभी भी लापता

Nepal Bhote Koshi Floods: नेपाल में भोटेकोशी बाढ़ ने भारी तबाही मचाई है. सरकार की शुरुआती रिपोर्ट के मुताबिक, बाढ़ से करीब 16 लाख लोग प्रभावित हुए हैं.

हादसे में 1,050 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि करीब 4,000 लोग अब भी लापता हैं.

द काठमांडू पोस्ट की रिपोर्ट के अनुसार, नेपाल बाढ़ में लापता लोगों की तलाश और राहत-बचाव के लिए 21 हजार से ज्यादा सुरक्षाकर्मी अंतरराष्ट्रीय टीमों के साथ मिलकर अभियान चला रहे हैं.

सरकार की प्रारंभिक रिपोर्ट में बाढ़ से हुए नुकसान का यह आंकड़ा सामने आया है. नेपाल में आई भीषण आपदा का असर कई जिलों में देखने को मिला है.

रसुवा और नुवाकोट सबसे ज्यादा प्रभावित जिले बने हैं, जबकि धाडिंग, गोरखा और चितवन में भी हालात गंभीर बताए जा रहे हैं.

गृह मंत्रालय के तहत काम करने वाले राष्ट्रीय आपदा जोखिम न्यूनीकरण एवं प्रबंधन प्राधिकरण (NDRRMA) ने जिलों को नुकसान के आधार पर अलग-अलग श्रेणियों में रखा है.

अधिकारियों के मुताबिक, अब तक 1,050 लोगों की मौत हो चुकी है। यह आपदा नेपाल की सबसे भीषण और जानलेवा प्राकृतिक त्रासदियों में शामिल हो गई है.

यह भी पढ़ें: Ground Report: "लगा अब आखिरी वक्त आ गया, फिर इस मकान ने दी नई जिंदगी"—नेपाल त्रासदी से बची लक्ष्मी पांडे की आपबीती चितवन में सबसे ज्यादा शव बरामद नेपाल में आपदा के बाद अलग-अलग जिलों से बड़ी संख्या में शव बरामद किए गए हैं.

चितवन सबसे ज्यादा प्रभावित रहा, जहां अब तक 321 शव मिले हैं. इसके बाद नवलपरासी पूर्व में 216 और नवलपरासी पश्चिम में 170 शव बरामद हुए हैं.

इसके अलावा नुवाकोट में 142, गोरखा में 65, धाडिंग में 57, रसुवा में 41 और तनहुन में 38 शव बरामद किए गए हैं.

आंकड़े बताते हैं कि आपदा का सबसे ज्यादा असर नेपाल के इन जिलों में पड़ा है. 4 हजार लोग अब भी लापता नेपाल में जारी बचाव अभियान के बीच करीब 4 हजार लोग अब भी लापता बताए जा रहे हैं.

अधिकारियों के मुताबिक, देश के 62 जिलों से कुल 3,916 लोगों के लापता होने की सूचना मिली है. लापता लोगों में 62 फीसदी नेपाली नागरिक हैं, जिनमें घरेलू पर्यटक भी शामिल हैं.

वहीं 17 फीसदी सरकारी एजेंसियों के कर्मचारी और 15 फीसदी विदेशी नागरिक हैं. 11,814 लोगों को किया रेस्क्यू राहत और बचाव टीमों ने अब तक 11,814 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया है. इनमें 253 विदेशी नागरिक शामिल हैं.

हवाई रेस्क्यू ऑपरेशन के तहत 573 उड़ानों के जरिए 3,702 से ज्यादा लोगों को सुरक्षित निकाला गया.

भारत समेत 3 देश भी चला रहे रेस्क्यू नेपाल में बड़े पैमाने पर सर्च और रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया जा रहा है. सरकार ने अभियान में 21,011 सुरक्षा कर्मियों को मैदान में उतारा है.

इनमें 8,896 नेपाली सेना, 7,912 नेपाल पुलिस और 4,203 सशस्त्र पुलिस बल के जवान शामिल हैं. बचाव अभियान को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी मदद मिल रही है.

भारत, चीन और दक्षिण कोरिया की टीमें नेपाली सुरक्षा बलों के साथ मिलकर प्रभावित इलाकों में खोज और बचाव कार्य कर रही हैं.

पहाड़ी इलाकों की मुश्किल भौगोलिक परिस्थितियों के बीच इतने बड़े स्तर पर अभियान चलाया जाना आपदा की गंभीरता को दिखाता है.

घायलों के इलाज का काम में तेजी नेपाल में राहत और बचाव के साथ-साथ घायलों के इलाज का काम भी तेजी से चल रहा है.

आपदा के बाद विभिन्न स्वास्थ्य केंद्रों में अब तक 292 घायलों का उपचार किया गया है.

इनमें से 210 लोगों को इलाज के बाद अस्पताल से छुट्टी मिल चुकी है, जबकि 79 लोगों का अभी इलाज जारी है. इलाज के दौरान तीन घायलों की मौत भी हुई है.

वहीं, नेपाली सेना ने प्रभावित इलाकों में पहुंचकर 2,740 अन्य लोगों को चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराई है. इससे आपदा के बाद स्वास्थ्य सेवाओं पर बढ़े दबाव का अंदाजा लगाया जा सकता है.

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📡 स्रोत: NewsData.io

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