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नेतन्याहू की पार्टी ने अरब पार्टी पर लगाया चुनाव चोरी का आरोप, जांच की मांग

लेखक: JKS News Desk अंतिम अपडेट: 29 अक्टूबर 2026 👁️ 4 बार पढ़ा गया
प्रकाशक: जनता का संदेश
नेतन्याहू की पार्टी ने अरब पार्टी पर लगाया चुनाव चोरी का आरोप, जांच की मांग

इजरायल चुनाव में लिकुड पार्टी ने अरब पार्टियों पर चुनाव चुराने का आरोप लगाया है.

इजरायल के पीएम बेंजामिन नेतन्याहू की लिकुड पार्टी का दावा है कि मंगलवार को हुए चुनाव को अरब पार्टियों ने चुरा लिया है. पार्टी ने बड़े पैमाने पर वोटर्स धांधली और डराने धमकाने के आरोप लगाए हैं.

साथ ही इन आरोपों को लेकर पुलिस और इजरायली खुफिया एजेंसी शिन बेट से जांच कराने की मांग की है.

लिकुड पार्टी ने बयान जारी करते हुए कहा है कि इजरायल में चुनाव को अरब पार्टियों ने चुरा लिया है. ये पार्टियां आतंकवाद का समर्थन करती हैं. यहूदी राष्ट्र को खत्म करना चाहती हैं.

पार्टी ने अपने बयान में कहा है कि चुनाव जीतने के लिए रिश्वतखोरी, धमकियां, हिंसा, फर्जीवाड़ा और मतदाताओं को प्रभावित करने के लिए अवैध सॉफ्टवेयर के इस्तेमाल जैसे गंभीर अपराध किए गए हैं. क्या परिणाम आए हैं सामने?

इधर, जो अब तक चुनाव परिणाम सामने आए हैं, उसमें 18 सीटों पर अरब पार्टियां जीत हासिल कर सकती है. यह अब तक का ऐतिहासिक आंकड़ा है.

इसका मतलब यह है कि नेतन्याहू का गुट और उनके विरोधी यहूदी दल, दोनों ही नेसेट में बहुमत हासिल करने से काफी दूर होंगे.

अरब पार्टियों ने कहा- इजरायली समाज नस्लवादी है बालाद गुट के चीफ सामी अबू शहादेह का कहना है कि इस चुनाव को प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू की हार के रूप में न देखे जाने का एकमात्र कारण है कि इजरायली समाज इतना नस्लवादी है कि वह अरब नेतृत्व वाली पार्टियों को विपक्ष का हिस्सा नहीं मानता है.

नेतन्याहू के समर्थकों के गुट को नेसेट में 53 सीटें मिलने का अनुमान है. जबकि उनके विरोधियों को 67 सीटें मिलने की संभावना है. क्यों बनीं अनिश्चितता? विपक्ष के 67 सांसद बंटे हुए हैं.

इनमें यहूदी नेतृत्व वाली पार्टियां भी हैं. इन्हे 48 सीटें मिली हैं. अरब नेतृत्व वाली पार्टियां हैं, जिन्होंने 19 सीटें जीती हैं. यह ऐतिहासिक आंकड़ा है.

ज्यादातर यहूदी नेतृत्व वाली पार्टियों ने अरब पार्टियों के साथ गठबंधन करने से इनकार कर दिया है. इससे राजनीतिक गतिरोध पैदा होने के आसार हैं.

हालांकि, अगर देखा जाए तो इस समय राजनीतिक मतभेद भूलाकर नई सरकार बनाने का मौका इजरायल के इन विपक्षी दलों के पास है. चुनाव में 93 प्रतिशत तक वोटिंग पूरी हो चुकी है.

फिलहाल अभी 6 लाख के दोहरे लिफाफे वाले मतपत्रों की गिनती बाकी है.

📡 स्रोत: NewsData.io

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