नीति आयोग के फ्रंटियर टेक हब ने डेटा सेंटर इवैल्यूएशन फ्रेमवर्क जारी किया
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कल नई दिल्ली में जारी किए गए फ्रेमवर्क के अनुसार राज्य सरकारें निवेश प्रस्तावों का व्यवस्थित मूल्यांकन, अवसंरचना आवश्यकताओं की पहचान और डेटा सेंटर परियोजनाओं के सतत विकास को सुनिश्चित कर सकेंगी। इस अवसर पर नीति आयोग के मुख्य कार्यकारी अधिकारी अनुराग जैन ने देश की विकास यात्रा में डेटा सेंटरों और कंप्यूटिंग अवसंरचना के महत्व के बारे में बताया। उन्होंने कहा कि यह देश के विकास के लिए एक बड़ा अवसर है।
कार्यक्रम के दौरान नीति आयोग के सदस्य, प्रोफेसर अभय करंदीकर ने कहा कि यह फ्रेमवर्क उन मुद्दों को स्पष्ट करता है जिन पर राज्य सरकारों को डेटा सेंटर स्थापित करने के लिए परियोजना प्रस्तावों का मूल्यांकन करना चाहिए और उनका व्यवस्थित आकलन करना चाहिए। उन्होंने कहा कि इस रिपोर्ट का उपयोग करके, राज्य सरकारें निवेश प्रस्तावों का उचित और व्यवस्थित मूल्यांकन करने में सक्षम होंगी।
ऊर्जा मंत्रालय और इलेक्ट्रॉनिक्स तथा सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के परामर्श से इसे एक व्यावहारिक निर्णय सहायता उपकरण के रूप में तैयार किया गया है। इसका उद्देश्य दीर्घकालिक आर्थिक लाभों को ध्यान में रखते हुए परियोजना कार्यान्वयन को तेज और अधिक पूर्वानुमानित बनाना है।