नोएडा में 4 लोगों से 42 लाख ठगे:ट्रेडिंग, बिल और बैंक खाता सेंध मारी के जरिए ट्रांसफर किए पैसे
ताज़ा खबरों से अपडेट रहने के लिए हमारे WhatsApp चैनल से जुड़ेंJoin करें →साइबर ठगों ने ऑनलाइन ट्रेडिंग, एनपीसीएल बिल जमा कराने और बैंक खातों में सेंध लगाकर चार लोगों से 42 लाख 80 हजार 400 रुपये ठग लिए। पीड़ितों को जालसाजों ने अलग-अलग तरीकों से लोगों को अपने जाल में फंसाया। किसी को ऑनलाइन ट्रेडिंग के नाम पर मोटी कमाई का झांसा दिया गया तो किसी को बिजली का बिल जमा कराने के बहाने ठगी का शिकार बनाया गया।
शनिवार को मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की है। केस-1 ऑनलाइन ट्रेडिंग के नाम पर सेक्टर 11 निवासी श्याम नारायण राम से 20 लाख 60 हजार 400 रुपये की ठगी की गई। पीड़ित ने साइबर क्राइम थाना में दी शिकायत में बताया कि अज्ञात साइबर अपराधियों ने उसे ऑनलाइन ट्रेडिंग के नाम पर अपने जाल में फंसाया। आरोपियों ने अलग-अलग तरीके से रकम अपने खातों में ट्रांसफर करा ली।
उसने 20 नवंबर 2025 को राष्ट्रीय साइबर अपराध पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराई थी। केस-2 ग्रेटर नोएडा के सिरसा गांव निवासी 39 साल के जगत सिंह साइबर ठगी का शिकार हो गए। उन्होंने शिकायत में बताया कि अज्ञात व्यक्ति ने एनपीसीएल का बिल जमा कराने के नाम पर उनसे संपर्क किया। इसके बाद उनके बैंक खातों से कुल 7 लाख 82 हजार रुपये दूसरे खातों में ट्रांसफर कर लिए गए।
पीड़ित ने आरोपियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई और रकम वापस दिलाने की मांग की है। केस-3 ग्रेटर नोएडा के बीटा-2 निवासी अभय कुमार गुप्ता से 6 लाख 38 हजार रुपये की साइबर ठगी हुई। पीड़ित ने शिकायत में बताया कि 1 जुलाई से 1 अगस्त 2025 के बीच उनके बैंक खाते से कई लेनदेन के जरिये रकम निकाल ली गई।
खाते से रकम ट्रांसफर होने के बाद उन्हें ठगी का पता चला। पीड़ित ने 6 अगस्त 2026 को साइबर क्राइम पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराई। केस-4 नोएडा के सेक्टर-63 स्थित छिजारसी गांव निवासी कुलभूषण शर्मा ने साइबर ठगी की शिकायत की है। पीड़ित के मुताबिक 7 अगस्त 2026 को सुबह करीब 11 बजे उनके बैंक खाते से कुल आठ लाख रुपये निकाल लिए गए।
शिकायत में चार लाख रुपये, साढ़े तीन लाख रुपये और 50 हजार रुपये के लेनदेन का उल्लेख है। पीड़ित ने बताया कि अज्ञात साइबर अपराधियों ने उनके बैंक खातों से रकम निकालकर ठगी की।
📡 स्रोत: NewsData.io
🎙️ जनता का संदेश का मत
साइबर ठगों की चालाकी से 42 लाख की चोरी ने हमें चेतावनी दी है कि डिजिटल दुनिया में भी सतर्कता अनिवार्य है। हमें अपने वित्तीय निर्णयों में विवेक और जाँचबीन को प्राथमिकता देनी चाहिए। किसी भी निवेश या बिल जमा करने से पहले आधिकारिक स्रोतों की पुष्टि करें, और अज्ञात लिंक पर क्लिक करने से बचें। जब नुकसान हो जाए, तो तुरंत बैंक और पुलिस को सूचित करें, ताकि समय रहते कदम उठाए जा सकें। इस घटना से समाज को मिलकर साइबर सुरक्षा की जागरूकता बढ़ानी चाहिए और एकजुट होकर अपराध से मुकाबला करना चाहिए।