एक नवंबर से देश में वित्तीय, टैक्स और प्रशासन से जुड़े कई महत्वपूर्ण बदलाव हुए लागू
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आज एक नवंबर से देश में वित्तीय, टैक्स और प्रशासन से जुड़े कई महत्वपूर्ण बदलाव लागू हो गए हैं। इनका असर छोटे कारोबारियों, करदाताओं, निवेशकों, पेंशनभोगियों और मोबाइल फोन इस्तेमाल करने वालों पर पड़ेगा। जीएसटी के नए नियमों के तहत ऑनलाइन सामान बेचने वाले छोटे कारोबारियों के लिए अलग-अलग राज्यों में कारोबार करना आसान होगा। अब तय शर्तें पूरी करने वाले छोटे विक्रेताओं को हर राज्य में अलग से दफ्तर खोलने की जरूरत नहीं होगी।
इससे करीब नौ लाख 50 हजार छोटे कारोबारियों को फायदा मिलने की उम्मीद है। इसके अलावा, जीएसटी रिफंड की प्रक्रिया भी तेज की जाएगी। कुछ श्रेणियों में रिफंड अपने आप मंजूर हो सकेंगे। जीरो रेटेड सप्लाई और इनवर्टेड ड्यूटी स्ट्रक्चर के मामलों में दावे की 90 प्रतिशत राशि अस्थायी रूप से जारी की जाएगी।
नए नियमों के तहत कारोबारियों को सामान की सप्लाई के बाद दिए जाने वाले डिस्काउंट पर भी जीएसटी के मामले में अधिक छूट मिलेगी। इसके अलावा, सभी एसेट मैनेजमेंट कंपनियों के डिजिटल निवेश प्लेटफॉर्म पर अब डायरेक्ट प्लान डिफॉल्ट विकल्प होंगे। 80 वर्ष से कम उम्र के पेंशनभोगी आज से इस महीने की 30 तारीख तक अपना वार्षिक जीवन प्रमाण पत्र जमा कर सकते हैं।
80 वर्ष और उससे अधिक उम्र के पेंशनभोगियों के लिए यह प्रक्रिया पिछले महीने से शुरू हो चुकी है। वहीं, दूरसंचार विभाग ने आज से सभी टेलीकॉम कंपनियों के लिए कॉलिंग नेम प्रेजेंटेशन सेवा लागू करना अनिवार्य कर दिया है। इस सुविधा के तहत फोन आने पर नंबर के साथ कॉल करने वाले का नाम भी दिखाई देगा। इससे अनजान कॉल की पहचान करने और धोखाधड़ी वाले कॉल पर रोक लगाने में मदद मिलेगी।