नूरपुर पुलिस की नशा तस्करों पर बड़ी कार्रवाई, एक करोड़ रुपये से अधिक की तीन संपत्तियां फ्रीज
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नूरपुर: हिमाचल प्रदेश के पुलिस जिला नूरपुर में नशा तस्करों के खिलाफ पुलिस का एंटी चिट्टा अभियान लगातार जारी है। इसी अभियान के तहत नूरपुर पुलिस ने एक करोड़ एक लाख 55 हजार 718 रुपये मूल्य की तीन संपत्तियों को फ्रीज करने के आदेशों की सक्षम प्राधिकारी से पुष्टि करवा ली है। फ्रीज की गई संपत्तियों में आवासीय संपत्तियां, फर्नीचर, घरेलू उपकरण और एक कार शामिल है।
पुलिस के अनुसार, अब तक नशा तस्करों की कुल 31 करोड़ 71 लाख 61 हजार 429 रुपये मूल्य की संपत्तियां फ्रीज की जा चुकी हैं।पुलिस थाना इंदौरा से संबंधित यह मामला वर्ष 2017 में दर्ज एफआईआर नंबर 152 से जुड़ा है। एनडीपीएस एक्ट की धारा 21 के तहत दर्ज इस मामले में श्रीमती दलवीरो के कब्जे से 6.50 ग्राम हेरोइन बरामद की गई थी।
मामले में न्यायालय ने एक अप्रैल 2025 को उन्हें दोषी ठहराते हुए दस वर्ष के कठोर कारावास और एक लाख रुपये जुर्माने की सजा सुनाई थी।
मामले की वित्तीय जांच के दौरान संबंधित संपत्तियों के स्वामित्व, निर्माण, मूल्यांकन और उन्हें अर्जित करने के वैध स्रोतों की पड़ताल की गई। इसके बाद 28 सितंबर 2026 को संपत्तियों को फ्रीज करने का आदेश जारी किया गया। इस आदेश की पुष्टि 26 अक्टूबर 2026 को सक्षम प्राधिकारी एवं प्रशासक, SAFEM (FOP)A एवं NDPS Act, नई दिल्ली ने की।पुलिस के अनुसार, फ्रीज की गई पहली संपत्ति गांव छन्नी, तहसील इंदौरा में स्थित आवासीय संपत्ति है, जिसका निर्धारित मूल्य 61 लाख 96 हजार 561 रुपये है।
दूसरी संपत्ति मिथुन उर्फ छप्पर की आवासीय संपत्ति, फर्नीचर, घरेलू उपकरण और अन्य सामान है, जिसका कुल निर्धारित मूल्य 32 लाख 60 हजार 950 रुपये है।
तीसरी संपत्ति श्रीमती घारो देवी की मारुति सुजुकी कार है, जिसका पंजीकरण नंबर HP38E-0464 है। इस वाहन का निर्धारित मूल्य छह लाख 98 हजार 207 रुपये है। इस तरह तीनों संपत्तियों का कुल निर्धारित मूल्य एक करोड़ एक लाख 55 हजार 718 रुपये है।सक्षम प्राधिकारी ने एनडीपीएस एक्ट के अध्याय पांच-ए की धारा 68F(2) के तहत फ्रीजिंग आदेशों की पुष्टि की है। इस कार्रवाई का उद्देश्य संबंधित संपत्तियों की बिक्री, हस्तांतरण या अन्य माध्यम से उनके निपटान पर कानूनी प्रतिबंध प्रभावी करना है।
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक धर्म चंद वर्मा ने बताया कि पुलिस अब नशे की बरामदगी और आरोपियों की गिरफ्तारी तक सीमित नहीं है, बल्कि नशे के अवैध कारोबार से अर्जित संपत्तियों की वित्तीय जांच भी की जा रही है। उन्होंने कहा कि नशा तस्करों के आर्थिक नेटवर्क को तोड़ने के लिए विशेष रणनीति के तहत कार्रवाई जारी है।उन्होंने आम जनता से अपील की कि नशा तस्करी या अवैध मादक पदार्थों के कारोबार से संबंधित कोई भी जानकारी पुलिस के साथ साझा करें। उन्होंने कहा कि नशे के खिलाफ अभियान को प्रभावी बनाने में जनता का सहयोग बेहद महत्वपूर्ण है।