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न्यूयॉर्क में भागवत के कार्यक्रम से पहले तिरंगे का अपमान:रिजिजू बोले- RSS या भाजपा की आलोचना करने की आजादी लेकिन देश का अपमान महंगा पड़ेगा

लेखक: JKS News Desk अंतिम अपडेट: 14 सितंबर 2026 👁️ 1 बार पढ़ा गया
प्रकाशक: जनता का संदेश
न्यूयॉर्क में भागवत के कार्यक्रम से पहले तिरंगे का अपमान:रिजिजू बोले- RSS या भाजपा की आलोचना करने की आजादी लेकिन देश का अपमान महंगा पड़ेगा

केंद्रीय मंत्री किरण रिजिजू ने न्यूयॉर्क में RSS प्रमुख मोहन भागवत के कार्यक्रम स्थल के बाहर भारतीय झंडे के अपमान को लेकर कड़ी प्रतिक्रिया दी है। यह प्रदर्शन शनिवार को मैडिसन स्क्वायर गार्डन के बाहर हुआ था। रिजिजू ने रविवार रात X पर घटना का वीडियो शेयर करते हुए लिखा- हमने हमेशा कहा है कि RSS, BJP या सरकार की आलोचना करने की आजादी है, लेकिन हमारे झंडे और मेरे देश का अपमान मत करो।

यह बहुत महंगा पड़ेगा। रिजिजू की ओर से शेयर किए गए वीडियो में मैडिसन स्क्वायर के बाहर एक प्रदर्शनकारी भारतीय झंडे को अपने पैर में बांधकर अपमान करता नजर आया। फिर कुछ अन्य प्रदर्शनकारियों ने तिरंगे के कई टुकड़े कर दिए। फिर खालिस्तान समर्थक नारे भी लगाए। भागवत बोले- भारत के DNA में एकता और विविधता वहीं, शनिवार को मैडिसन स्क्वायर में आयोजित ‘यूनिवर्सल वननेस सेलिब्रेशन’ कार्यक्रम में 6,000 से ज्यादा भारतीय-अमेरिकी और अलग-अलग धर्मों के नेता शामिल हुए।

भागवत ने अपने संबोधन में विविधता में एकता को भारत के DNA का हिस्सा बताया। उन्होंने कहा- सोचने की क्षमता इंसान के लिए एक वरदान है। सही सोच इंसान को भगवान के करीब ले जाती है, जबकि गलत सोच उसे जानवरों के करीब ले जाती है। भागवत के संबोधन से पहले अलग-अलग धर्मों के नेताओं ने भी एकता, विविधता, करुणा और एक-दूसरे की मदद का संदेश दिया।

कार्यक्रम में रब्बी जैकब ब्लूमेंथल, रिवर साइड चर्च की वरिष्ठ मंत्री रेव.

एड्रिएन थॉर्न और वॉशिंगटन डीसी की मस्जिद मुहम्मद के अध्यक्ष एवं इमाम तालिब एम. शरीफ समेत कई धर्मगुरु शामिल हुए। भागवत के भाषण की 5 बड़ी बातें… 1.

धर्म सिर्फ पूजा नहीं, जीवन को संतुलित रखने का नियम: भागवत ने कहा कि भारत में जिस सिद्धांत को धर्म कहा जाता है, उसे सिर्फ धर्म या पूजा के तौर पर नहीं समझना चाहिए। धर्म वह व्यवस्था है जो ब्रह्मांड और जीवन को संभालती है। यह जीवन की अलग-अलग स्थितियों के बीच संतुलन बनाए रखने में मदद करती है। 2.

सिर्फ भौतिक सुख से जिंदगी में संतुष्टि नहीं मिलती: भागवत ने कहा कि पैसा, सामान और दूसरी भौतिक सुविधाएं हमेशा खुशी नहीं दे सकतीं। भौतिक सुख अस्थायी होता है और बहुत ज्यादा सुविधाएं होने के बावजूद संतुष्टि की कमी रह सकती है। 3.

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📡 स्रोत: Dainik Bhaskar

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💡 पृष्ठभूमि (Background)

यह खबर न्यूयॉर्क में RSS प्रमुख मोहन भागवत के कार्यक्रम के दौरान भारतीय झंडे के अपमान पर केंद्रीय मंत्री किरण रिजिजू की प्रतिक्रिया के बारे में है। यह विषय भारत के राष्ट्रीय प्रतीक की सुरक्षा और राजनीतिक आलोचना की सीमाओं को उजागर करता है। खबर महत्वपूर्ण है क्योंकि यह विदेश में भारतीय समुदाय की संवेदनशीलता और सरकार के झंडे के प्रति दृष्टिकोण को दर्शाती है, तथा अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारत की छवि पर असर डाल सकती है। आम जनता पर इसका असर मनोबल और राष्ट्रीय गौरव की भावना को प्रभावित कर सकता है, साथ ही र

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