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न्यूयॉर्क में हिंदी के महत्व पर बोले सीपी जोशी

लेखक: Maroof Ahmed Khan अंतिम अपडेट: 11 अक्टूबर 2026
प्रकाशक: जनता का संदेश
न्यूयॉर्क में हिंदी के महत्व पर बोले सीपी जोशी

चित्तौड़गढ़ सांसद सीपी जोशी ने न्यूयॉर्क स्थित संयुक्त राष्ट्र में हिंदी दिवस कार्यक्रम में हिंदी की वैश्विक पहचान और भारतीय संस्कृति में उसकी भूमिका पर विचार रखे। उन्होंने मातृभाषाओं के सम्मान और बहुभाषावाद को बढ़ावा देने पर जोर दिया।

जयपुर, 10 अक्टूबर। चित्तौड़गढ़ सांसद और भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष सीपी जोशी ने न्यूयॉर्क स्थित संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी मिशन की ओर से आयोजित हिंदी दिवस कार्यक्रम में हिंदी भाषा के महत्व और वैश्विक स्तर पर उसकी बढ़ती पहचान पर विचार रखे। उन्होंने कहा कि हिंदी भारत की भावनाओं, संस्कृति और साझा पहचान को अभिव्यक्त करने का महत्वपूर्ण माध्यम है।

अपने संबोधन में सीपी जोशी ने कहा कि भारत विविध भाषाओं और संस्कृतियों वाला देश है। संविधान द्वारा मान्यता प्राप्त 22 भाषाएं और असंख्य बोलियां देश की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत का हिस्सा हैं। हिंदी इस भाषायी विविधता का महत्वपूर्ण अंग है और विभिन्न क्षेत्रों तथा समुदायों के बीच संवाद का सेतु बनती है।

उन्होंने मातृभाषाओं के सम्मान पर जोर देते हुए कहा कि व्यक्ति अपनी मातृभाषा में बेहतर ढंग से सोचने, विश्लेषण करने और अपनी भावनाओं को व्यक्त करने में सक्षम होता है। उन्होंने सभी भारतीय भाषाओं के पारस्परिक सम्मान और एक-दूसरे की भाषाएं सीखने को ‘एक भारत, श्रेष्ठ भारत’ की भावना से जोड़ा।

सांसद ने कहा कि हिंदी भारत की सीमाओं से आगे बढ़कर विश्व के अनेक देशों में अपनी पहचान बना रही है। मॉरीशस, नेपाल, सूरीनाम, फिजी और गुयाना सहित कई देशों में हिंदी का अध्ययन और प्रयोग किया जाता है। भारतीय प्रवासी समुदाय के साथ साहित्य, सिनेमा, संगीत और डिजिटल माध्यमों ने भी हिंदी को वैश्विक स्तर पर लोकप्रिय बनाने में योगदान दिया है।

सीपी जोशी ने स्वतंत्रता संग्राम में हिंदी की भूमिका का उल्लेख करते हुए कहा कि भाषा ने राष्ट्रीय चेतना को अभिव्यक्त करने और लोगों को जोड़ने में महत्वपूर्ण योगदान दिया। उन्होंने भारतीय साहित्य, गीतों, फिल्मों और कला को देश की सांस्कृतिक विविधता को दुनिया तक पहुंचाने का प्रभावी माध्यम बताया।

संयुक्त राष्ट्र में बहुभाषावाद के महत्व पर चर्चा करते हुए उन्होंने हिंदी@यूएन परियोजना का उल्लेख किया, जिसके माध्यम से संयुक्त राष्ट्र की खबरें और सामग्री हिंदी में उपलब्ध कराई जाती हैं। उन्होंने इस पहल में सहयोग के लिए संयुक्त राष्ट्र के वैश्विक संचार विभाग का आभार व्यक्त किया।

कार्यक्रम के अंत में सीपी जोशी ने हिंदी सहित भारत की सभी भाषाओं के सम्मान और भारतीय संस्कृति को वैश्विक स्तर पर बढ़ावा देने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि भाषाएं केवल संवाद का माध्यम नहीं, बल्कि समाज की भावनाओं, परंपराओं और सांस्कृतिक चेतना की वाहक होती हैं।

💡 पृष्ठभूमि (Background)

सीपी जोशी ने न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र के हिंदी दिवस कार्यक्रम में यह विषय उठाया कि हिंदी विश्व स्तर पर अपनी पहचान बना रही है और भारतीय संस्कृति का आधार है। यह खबर महत्वपूर्ण है क्योंकि यह भारत की मातृभाषा को अंतरराष्ट्रीय मंच पर मान्यता दिलाती है तथा बहुभाषावाद के महत्व पर बल देती है। जनता के लिए इसका असर यह है कि हिंदी की वैश्विक प्रतिष्ठा बढ़ने से भारतीय भाषाओं को गर्व महसूस होगा, और विदेशी छात्रों व प्रवासियों को भारत की सांस्कृतिक विरासत से जोड़ने के नए अवसर मिलेंगे।

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Maroof Ahmed Khan

Maroof Ahmed Khan जनता का संदेश के संस्थापक एवं प्रधान संपादक हैं। वे जनसरोकार, निष्पक्ष रिपोर्टिंग और जनता की आवाज़ को प्रमुखता देने के लिए प्रतिबद्ध हैं।