राजनीति

ओडिशा में भारी बारिश के बाद बाढ़ का खतरा, 70 हजार लोगों को किया शिफ्ट

लेखक: JKS News Desk अंतिम अपडेट: 27 सितंबर 2026
प्रकाशक: जनता का संदेश
ओडिशा में भारी बारिश के बाद बाढ़ का खतरा, 70 हजार लोगों को किया शिफ्ट

ओडिशा के अधिकतर इलाकों में भयंकर बारिश हो रही है. इसकी वजह से अब बाढ़ का खतरा भी मंडरा रहा है.

खतरे की स्थिति को देखते हुए राज्य सरकार ने 70,000 से ज्यादा लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया. सरकार ने 395 राहत शिविर बनवाए हैं. पिछले कुछ दिनों में भारी बारिश के कारण सभी नदियों का जलस्तर बढ़ गया है.

मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी रविवार (27 सितंबर) को दक्षिण ओडिशा के प्रभावित इलाकों का हवाई सर्वेक्षण करेंगे.

'पीटीआई' के मुताबिक, अधिकारियों ने बताया कि 13 जिलों- बालासोर, भद्रक, जाजपुर, मयूरभंज, कालाहांडी, कोरापुट, नबरंगपुर, मलकानगिरि, क्योंझर, नयागढ़, कंधमाल, बोलंगीर और जगतसिंहपुर- में अचानक आई बाढ़ और जलभराव की घटनाएं सामने आई हैं.

तटीय जिले बालासोर में स्थिति सबसे गंभीर रही, जहां तीन प्रमुख नदियां खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं.

अधिकारियों ने बताया कि शाम पांच बजे जलेश्वर के राजघाट में सुवर्णरेखा नदी का जलस्तर 11.07 मीटर दर्ज किया गया, जबकि खतरे का निशान 10.36 मीटर है.

उन्होंने बताया कि इसके कारण भोगराई, जलेश्वर, बालीपाल और बस्ता प्रखंडों के गांवों में बाढ़ आ गई है.

खतरे के निशान के ऊपर पहुंची बुधबलंग नदी

बुधबलंग नदी गोविंदपुर में राष्ट्रीय राजमार्ग-16 के पास 8.8 मीटर के स्तर पर खतरे के निशान से ऊपर बह रही थी.

अधिकारियों ने बताया कि बालासोर में कंसाबांसा, सोआ और गंगाहार जैसी अन्य नदियां भी उफान पर हैं.

मयूरभंज में सिमिलिपाल राष्ट्रीय उद्यान के अधिकारियों ने देवकुंड पर्यटन स्थल को अस्थायी रूप से बंद करने की घोषणा की है.

एक अधिकारी ने बताया कि कई जलधाराओं और नालों में जलस्तर काफी बढ़ गया है, इसलिए पर्यटकों को अभयारण्य में जाने से बचने की सलाह दी गई है. देवकुंड तक जाने वाले मार्ग पर प

📡 स्रोत: ABP Live

📰 पूरी खबर पढ़ें (ABP Live पर जाएं)
J
JKS News Desk

जनता का संदेश की संपादकीय टीम आपके लिए भोपाल, मध्यप्रदेश और देश की सटीक और विश्वसनीय समाचार प्रस्तुत करती है।