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ओडिशा: रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ ने 12वें राष्ट्रीय समुद्री खोज और बचाव अभ्यास-सारेक्‍स 26 का शुभारंभ किया

लेखक: Maroof Ahmed Khan अंतिम अपडेट: 7 अक्टूबर 2026
प्रकाशक: जनता का संदेश
ओडिशा: रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ ने 12वें राष्ट्रीय समुद्री खोज और बचाव अभ्यास-सारेक्‍स 26 का शुभारंभ किया

ओडिशा के भुवनेश्वर में रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ ने आज 12वें राष्ट्रीय समुद्री खोज और बचाव अभ्यास-सारेक्‍स 26 का शुभारंभ किया। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा इस वर्ष लाल किले की प्राचीर से दिए गए संबोधन में बताए गए सप्तधारा शक्ति यानी शक्ति के सात स्रोतों पर बल दिया।

केन्‍द्रीय मंत्री ने कहा कि समुद्री अभियानों की पृष्ठभूमि में तटों की सुरक्षा के साथ-साथ भारत स्वदेशी क्षमताओं को बढ़ाने और भारतीय तटरक्षक बल की तैयारियों को मजबूत करने पर ध्यान केंद्रित कर रहा है।

यह अभ्यास कल पारादीप तट के पास भारतीय तटरक्षक बल के मार्गदर्शन में होगा। इसमें नौसेना, वायु सेना और अन्य नागरिक विभाग शामिल होंगे। इसमें 31 मित्र देशों के प्रतिनिधि पर्यवेक्षक के रूप में शामिल होंगे।

श्री सेठ ने कहा कि वर्तमान वैश्विक परिस्थितियों में समुद्र में खोज और बचाव अभियानों को विकसित भारत 2047 के दृष्टिकोण के अनुरूप अधिक तेज, सटीक और सतर्क होना चाहिए। उन्होंने कहा कि भविष्य के समुद्री अभियानों का आधार ‘एक पृथ्वी, एक परिवार, एक भविष्य’ की भावना होनी चाहिए और समुद्र में सुरक्षा सुनिश्चित करना साझा मानवीय दायित्व है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सुरक्षित और स्वच्छ समुद्र के आह्वान का भी उल्लेख किया।

💡 पृष्ठभूमि (Background)

यह खबर ओडिशा में रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ द्वारा 12वें राष्ट्रीय समुद्री खोज और बचाव अभ्यास, सर्वेक्ष 26 के शुभारंभ के बारे में है। यह अभ्यास भारत के तटीय सुरक्षा और समुद्री बचाव क्षमताओं को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से आयोजित किया गया है। यह महत्वपूर्ण है क्योंकि भारत की लंबी तटरेखा पर समुद्री दुर्घटनाएँ और आपदाएँ अक्सर होती हैं, और ऐसे अभ्यास से आपातकालीन प्रतिक्रिया समय और समन्वय बेहतर होता है। आम जनता पर इसका असर यह है कि समुद्री सुरक्षा बढ़ने से मछुआरों और तटीय समुदायों के जीवन को अधिक सुर

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Maroof Ahmed Khan

Maroof Ahmed Khan जनता का संदेश के संस्थापक एवं प्रधान संपादक हैं। वे जनसरोकार, निष्पक्ष रिपोर्टिंग और जनता की आवाज़ को प्रमुखता देने के लिए प्रतिबद्ध हैं।