OIC की आड़ में पाक ने UN में फिर अलापा कश्मीर का राग, भारत की दो टूक
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विदेश मंत्रालय ने बुधवार को ओआईसी (OIC) यानी ऑर्गेनाइजेशन ऑफ इस्लामिक कोऑपरेशन के संबंधित समूह के जॉइंट स्टेटमेंट को खारिज कर दिया है. इस स्टेटमेंट में जम्मू कश्मीर का जिक्र किया गया है.
इसे भारत ने बेबुनियाद और तथ्यों के लिहाज से गलत करार दिया है.
मंत्रालय की तरफ से कहा गया है कि इस समूह को भारत के पूरी तरह से इंटरनल मामलों पर बोलने का किसी तरह का अधिकार नहीं है.
जम्मू कश्मीर और लद्दाख के पूरे केंद्र शासित प्रदेश भारत का अभिन्न और अटूट हिस्सा हैं.
साथ ही कहा है कि राजनीतिक मकसद से फैलाए जा रहे इस प्रोपेगैंडा को बार-बार दोहराने से सच्चाई नहीं बदल सकती.
बेबुनियाद और तथ्यहीन बातों को खारिज करते हैं: विदेश मंत्रालय
भारत के विदेश मंत्रालय ने इन दावों को खारिज करते हुए कहा, 'भारत, जम्मू-कश्मीर पर तथाकथित ओआईसी संबंधित समूह के ज्वाइंट स्टेटमेंट में भारत से जुड़ी कही गई बेबुनियाद और तथ्यहीन बातों को पूरी तरह खारिज करता है.
ओआईसी को भारत के पूरी तरह से अंदरूनी मामले पर टिप्पणी करने का किसी तरह का अधिकार नहीं है.'
Statement on references to India in the Joint Communiqu of the OIC Contact Group on Jammu Kashmir ⬇️
🔗 https://t.co/nEvJS3P3ZS pic.twitter.com/AGfN5A6YYh
Randhir Jaiswal (@MEAIndia) September 23, 2026
पाकिस्तान ने यूएनजीए के मंच से क्या कहा है?
विदेश मंत्रालय की प्रतिक्रिया उस वक्त आई है, जब पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय ने सोशल मीडिया पर बयान देते हुए कहा है कि डिप्टी पीएम और विदेश मंत्री मोहम्मद इशाक डार ने न्यूयॉर्क में संयुक्त महासभा के 81वें सेशन में जम्मू कश्मीर पर ओआईसी के संबंधित ग्रुप की मंत्री स्तरीय
📡 स्रोत: ABP Live
💡 पृष्ठभूमि (Background)
यह खबर बताती है कि भारत के विदेश मंत्रालय ने ओआईसी के संयुक्त बयान को खारिज कर दिया है, जिसमें जम्मू कश्मीर का उल्लेख था। यह विषय ओआईसी के माध्यम से भारत के आंतरिक मामलों पर विदेशी हस्तक्षेप से जुड़ा है। खबर महत्वपूर्ण है क्योंकि यह भारत की संप्रभुता और अंतरराष्ट्रीय मंच पर उसकी स्थिति को दर्शाती है, और दिखाती है कि भारत अपने आंतरिक मामलों पर बाहरी दबाव को स्वीकार नहीं करता। आम जनता पर इसका असर मनोबल और राष्ट्रीय गर्व को बढ़ा सकता है, साथ ही विदेशी मीडिया में भारत की छवि पर भी असर पड़ सकता है।