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Old Monk के शौकीन सावधान, 7 साल वाले दावे से पीछे हटी शराब कंपनी

लेखक: JKS News Desk अंतिम अपडेट: 31 अगस्त 2026
प्रकाशक: जनता का संदेश
Old Monk के शौकीन सावधान, 7 साल वाले दावे से पीछे हटी शराब कंपनी

पिछले कई दिनों से FSSAI की कड़ी कार्रवाई कंपनियों की पैकेजिंग पर चल रही है.

इसी कड़ी में कुछ दिन पहले ही फसाई ने ओल्ड मॉन्क रम की पैकेजिंग पर सवाल खड़े किए थे.

जिसके बाद अब ये रम बनाने वाली कंपनी ने फैसला किया है कि ओल्ड मॉन्क की बोतलों का लेबल बदला जाएगा. ये फैसला Mohan Meakin कंपनी ने किया है.

FSSAI ने कुछ शराब प्रोडक्ट्स में इस्तेमाल होने वाले सामानों और बोतल पर लिखे गए शराब की उम्र से जुड़े दावों पर सवाल उठाए थे.

इस विवाद का असर महाराष्ट्र में कुछ शराब ब्रांड की बिक्री पर भी पड़ा है.

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क्या थी Old Monk पर आपत्ति?

रिपोर्ट्स के मुताबिक, FSSAI के नोटिस के बाद महाराष्ट्र में ओल्ड मॉन्क की बिक्री प्रभावित हुई.

इसके बाद मोहन मीकिन ने बॉम्बे हाईकोर्ट का रुख किया.

FSSAI का कहना था कि ओल्ड मॉन्क में प्राकृतिक रूप से गन्ने से तैयार स्पिरिट की जगह बड़ी मात्रा में न्यूट्रल स्पिरिट और आर्टिफिशियल फ्लेवरिंग का इस्तेमाल किया गया है.

उम्र के दावे पर भी आपत्ति

रेगुलेटर ने बोतल पर लिखे 7 years old blended दावे पर भी सवाल उठाया था.

यानी कंपनी के मुताबिक शराब को सात साल पुरानी शराब के साथ ब्लेंड किया गया था.

विवाद को खत्म करने के लिए कंपनी ने लेबल से शराब की उम्र से जुड़े दावे हटाने और भविष्य में बोतल पर एक्स्ट्रा फ्लेवरिंग के इस्तेमाल की जानकारी साफ तौर पर देने पर सहमति जताई है.

इस मामले में बॉम्बे हाईकोर्ट ने कंपनी को सितंबर तक नया लेबल डिजाइन करके रिव्यू के लिए जमा करने को कहा है.

हालांकि, फिलहाल FSSAI के बिक्री रोकने वाले आदेश पर कोई अंतरिम रोक नहीं लगाई गई है.

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📡 स्रोत: ABP Live Vyapar

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💡 पृष्ठभूमि (Background)

यह खबर ओल्ड मॉन्क रम के लेबल बदलने के निर्णय के बारे में है, जिसे FSSAI ने 7 साल के दावे पर सवाल उठाते हुए निरीक्षण किया। यह विषय भारतीय शराब उद्योग में नियामक नियंत्रण और उपभोक्ता सुरक्षा को दर्शाता है। खबर महत्वपूर्ण है क्योंकि यह दिखाती है कि सरकार शराब कंपनियों के विज्ञापन और पैकेजिंग पर कड़ी निगरानी रख रही है, जिससे गलत सूचना रोकी जा सके। आम जनता पर इसका असर यह हो सकता है कि वे अधिक सूचित होकर खरीद निर्णय लें, और कंपनियों को अपने उत्पादों की गुणवत्ता और प्रामाणिकता पर और ध्यान देना पड़ेगा।

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