ऑपरेशन MATRIX 2.0 के तहत इंदौर पुलिस की बड़ी कार्रवाई, म्यूल बैंक खातों के जरिए कथित साइबर ठगी के मामले में 11 आरोपियों के विरुद्ध प्रकरण दर्ज
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मध्यप्रदेश पुलिस द्वारा साइबर अपराधों पर प्रभावी अंकुश लगाने तथा साइबर ठगी में बैंक खातों और अन्य डिजिटल माध्यमों के दुरुपयोग के विरुद्ध लगातार कार्रवाई की जा रही है। इसी क्रम में पुलिस आयुक्त नगरीय इंदौर श्री संतोष कुमार सिंह के निर्देश पर ऑपरेशन MATRIX 2.0 के तहत इंदौर के विजय नगर थाना पुलिस ने म्यूल बैंक खातों के माध्यम से कथित साइबर ठगी से जुड़े मामले में कार्रवाई करते हुए 11 आरोपियों के विरुद्ध प्रकरण दर्ज किया है।
प्रारंभिक विवेचना में 06 बैंक खातों में कथित धोखाधड़ी की राशि के रूप में लगभग 1 करोड़ रुपये के लेनदेन की जानकारी सामने आई है। पुलिस द्वारा बैंक खातों, लेनदेन एवं आरोपियों की भूमिका की विस्तृत जांच की जा रही है।
म्यूल बैंक खातों के संबंध में सूचना पर शुरू हुई कार्रवाई
साइबर अपराधों के विरुद्ध कार्रवाई के दौरान 26 अक्टूबर 2026 को पुलिस को म्यूल बैंक खातों के संबंध में सूचना प्राप्त हुई। सूचना के आधार पर पुलिस द्वारा आरोपी से पूछताछ की गई। पूछताछ से प्राप्त जानकारी के आधार पर पुलिस टीम प्रिंसेस स्काई बिजनेस पार्क स्थित द रैपिड इन्वेस्टर्स कंपनी के कार्यालय पहुंची और कंपनी संचालक से पूछताछ की।
प्रारंभिक पूछताछ में सामने आया कि आरोपियों द्वारा ग्राहकों से कॉलिंग के माध्यम से संपर्क कर राशि प्राप्त की जाती थी। यह राशि कंपनी के खातों तथा आरोपी के माध्यम से उपलब्ध कराए गए कथित म्यूल बैंक खातों में जमा कराए जाने की जानकारी सामने आई है। प्राप्त राशि के आधार पर कर्मचारियों को हिस्सा दिए जाने की बात भी सामने आई है। इन तथ्यों तथा संबंधित बैंक लेनदेन का सत्यापन विवेचना के दौरान किया जा रहा है। इस संबंध में थाना विजय नगर में 11 आरोपियों के विरुद्ध प्रकरण पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया है।
06 बैंक खातों में लगभग 1 करोड़ रुपये के लेनदेन की जानकारी
पुलिस कार्रवाई के दौरान अपराध में उपयोग किए गए 20 सिम कार्ड, 17 मोबाइल फोन, 01 लैपटॉप, 03 CPU, 01 हार्ड डिस्क सहित अन्य दस्तावेज एवं इलेक्ट्रॉनिक उपकरण जब्त किए गए हैं।
प्रारंभिक विवेचना में अब तक 06 बैंक खाते सामने आए हैं। इन खातों में कथित धोखाधड़ी की राशि प्राप्त होने के संबंध में लगभग 1 करोड़ रुपये के लेनदेन की जानकारी मिली है। पुलिस द्वारा बैंक खातों के वास्तविक खाताधारकों, खातों के संचालन, राशि के स्रोत तथा आगे किए गए हस्तांतरण की भूमिका का परीक्षण किया जा रहा है। बैंक रिकॉर्ड एवं अन्य साक्ष्यों के विश्लेषण के बाद वास्तविक लेनदेन, प्रभावित व्यक्तियों तथा धोखाधड़ी की राशि का निर्धारण किया जाएगा।
मध्यप्रदेश पुलिस द्वारा साइबर अपराधों में उपयोग किए जा रहे म्यूल बैंक खातों की भूमिका की भी जांच की जा रही है। ठगी की राशि प्राप्त करने, उसे आगे हस्तांतरित करने अथवा अपराधियों को बैंकिंग सुविधा उपलब्ध कराने में संलिप्त व्यक्तियों की भूमिका उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर निर्धारित की जाएगी।
मध्यप्रदेश पुलिस आमजन से अपील करती है कि अपना बैंक खाता, एटीएम कार्ड, सिम कार्ड, चेकबुक, इंटरनेट बैंकिंग संबंधी जानकारी अथवा OTP किसी अन्य व्यक्ति को कमीशन या किराये पर उपयोग के लिए उपलब्ध न कराएं। किसी अनजान स्रोत से खाते में प्राप्त राशि को बिना सत्यापन आगे ट्रांसफर न करें। बैंक खाते के दुरुपयोग की आशंका होने अथवा किसी संदिग्ध साइबर गतिविधि की जानकारी मिलने पर तत्काल पुलिस को सूचना दें।
💡 पृष्ठभूमि (Background)
साइबर ठगी के बढ़ते मामलों में, ऑपरेशन MATRIX 2.0 के अंतर्गत इंदौर पुलिस ने म्यूल बैंक खातों के माध्यम से 11 आरोपियों के विरुद्ध प्रकरण दर्ज किया। यह कदम दर्शाता है कि राज्य पुलिस डिजिटल अपराधों पर कड़ी पकड़ बना रही है। इस कार्रवाई की महत्ता इसलिए है क्योंकि बैंक खातों का दुरुपयोग करके करोड़ों रुपये की ठगी हो रही है, जिससे आम नागरिकों का विश्वास और वित्तीय सुरक्षा प्रभावित होती है। जनता के लिए इसका प्रभाव यह है कि ऐसे अपराधों पर कड़ी सजा मिलने से रोकथाम का असर पड़ेगा और ऑनलाइन लेनदेन में भरोसा बढ
🎙️ जनता का संदेश का मत
साइबर ठगी के बढ़ते खतरों से बचाव के लिये हमें डिजिटल जागरूकता बढ़ानी चाहिए। अपने बैंक खातों के पासवर्ड को मजबूत बनाकर, अज्ञात लिंक पर क्लिक न करके और शंकास्पद ईमेल को तुरंत रिपोर्ट करके हम स्वयं को सुरक्षित रख सकते हैं। यदि किसी को धोखाधड़ी का सामना करना पड़े, तो तुरंत बैंक तथा पुलिस से संपर्क करें, ताकि अपराधी को पकड़ कर न्याय दिलाया जा सके। इस तरह हम समाज में विश्वास और पारदर्शिता को सुदृढ़ कर सकते हैं।