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पहाड़ी भाषा के प्रचार और विस्तार के लिए राष्ट्रीय राजधानी नई दिल्ली में पहाड़ी भाषा अकादमी स्थापित करने की मांग

लेखक: Maroof Ahmed Khan अंतिम अपडेट: 26 अक्टूबर 2026
प्रकाशक: जनता का संदेश
पहाड़ी भाषा के प्रचार और विस्तार के लिए राष्ट्रीय राजधानी नई दिल्ली में पहाड़ी भाषा अकादमी स्थापित करने की मांग

अक्तूबर 26, शिमला (हिमाचल प्रदेश): अखिल भारतीय हिमाचल सामाजिक संस्था संघ ने पहाड़ी भाषा के प्रचार और विस्तार के लिए राष्ट्रीय राजधानी नई दिल्ली में पहाड़ी भाषा अकादमी स्थापित करने की मांग की है। अखिल भारतीय हिमाचल सामाजिक संस्था संघ ने नई दिल्ली में आयोजित अपने 107वें वार्षिक समारोह के दूसरे दिन राष्ट्रीय अध्यक्ष के.एम.

लाल की अध्यक्षता में प्रस्ताव पारित करके मांग की कि उत्तराखंड, पंजाब, हरियाणा आदि राज्यों की तर्ज पर नई दिल्ली में पहाड़ी अकादमी स्थापित की जानी चाहिए ताकि महानगरों में पैदा हुई युवा पहाड़ी पीढ़ी अपनी जड़ों से जुड़ सकें और पहाड़ी भाषा का अन्य समुदाय में भी प्रसार किया जा सके। प्रस्ताव में नई दिल्ली में पहाड़ी महोत्सव का आयोजन करने की मांग की और पहाड़ी कलाकारों को फेस्टिवल ऑफ़ इंडिया के अन्तर्गत विदेशों में अपनी प्रतिभा का अवसर प्रदान करने की मांग की गई।

प्रस्ताव में पठानकोट-जोगिन्दरनगर रेलवे सेवा को सुचारु रूप से चलाने का अनुरोध किया गया क्योंकि यह रेलवे लाइन अक्सर बाधित रहती है। इस प्रस्ताव में हिमाचल प्रदेश को नशे के चुंगल से निकालने के लिए सामाजिक, राजनैतिक, धार्मिक और सरकारी स्तर पर व्यापक उपाय करने का अनुरोध किया गया और साथ ही राज्य में पर्यटकों को आकर्षित करने के लिए गोविन्द सागर झील की तर्ज पर सभी जलाशयों में स्टीम बोट सुविधा उपलब्ध करने की मांग की गई।

प्रस्ताव में हिमाचल प्रदेश में उत्तराखण्ड की तर्ज पर साहसिक और धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने की मांग की गई। इस अवसर पर प्रवासी हिमाचलियों के उत्थान, विकास के लिए उत्कृष्ट कार्य करने वाले महानुभावों को सम्मानित किया गया। इस समारोह में देश भर से दो दर्जन हिमाचली संस्थाओं ने हिस्सा लिया।

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Maroof Ahmed Khan

Maroof Ahmed Khan जनता का संदेश के संस्थापक एवं प्रधान संपादक हैं। वे जनसरोकार, निष्पक्ष रिपोर्टिंग और जनता की आवाज़ को प्रमुखता देने के लिए प्रतिबद्ध हैं।