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पहली बार...एक-दूसरे की चुनौती स्वीकार की:पीएम आवास पर भूपेश-विजय में 1 घंटे 20 मिनट बहस

लेखक: JKS News Desk अंतिम अपडेट: 16 सितंबर 2026
प्रकाशक: जनता का संदेश
पहली बार...एक-दूसरे की चुनौती स्वीकार की:पीएम आवास पर भूपेश-विजय में 1 घंटे 20 मिनट बहस

प्रधानमंत्री आवास के मुद्दे पर मंगलवार को छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और वर्तमान उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा के बीच सीधी बहस हुई। तीखी बहस हुई। इतनी तीखी कि दोनों ने एक-दूसरे पर झूठ बोलने का आरोप लगा डाला। मकान कितने स्वीकृत हुए और कितने बनाए गए, इस बात को लेकर दोनों के अलग- अलग आंकड़े रहे।

दावे और तर्क भी पेश करते रहे। मुख्यत: मकानों की संख्या पर विवाद हुआ। बघेल ने आरोप लगाया कि आप लोगों ने जितने की घोषणा की है, उतने मकान नहीं बनाए। वहीं, शर्मा ने कहा हमने तो 11 लाख 75 हजार मकान बनाए हैं, कांग्रेस ने गरीबों के मकान में राजनीति कर बनाने से इनकार कर दिया था। 1 घंटे 20 मिनट तक हुई दोनों के बीच बहस का नतीजा यह रहा कि प्रेस क्लब में बहस के बाद भाजपा और कांग्रेस के कार्यकर्ताओं के बीच झड़प की नौबत आ गई।

लिहाजा छत्तीसगढ़ के इतिहास में ऐसा पहली बार हुआ कि सत्ता पक्ष और विपक्ष के प्रमुख नेताओं ने आमने-सामने बैठकर बहस की और पत्रकारों के सवालों के जवाब दिए। बहस का नतीजा किसी निर्णायक बिंदु पर तो नहीं पहुंचा, लेकिन प्रधानमंत्री आवास के मुद्दे पर दिन भर राजनीति होती रही। बहस के बाद दोनों पक्षों ने सोशल मीडिया पर आक्रामक प्रहार भी शुरू कर दिए।

पढ़िए दोनों के बीच आरोप-प्रत्यारोप...

चर्चा की शुरुआत ही एक-दूसरे को गलत ठहराने से हुई। सबसे पहले प्रेस क्लब पहुंचे भूपेश ने कहा- सरकार की चर्चा की चुनौती थी पर शिकायत है विजय शर्मा से कि उनके ऑफिस से सूचना नहीं मिली। फिर भी चुनौती मीडिया के माध्यम से मिली और मैं आ गया। इस पर विजय शर्मा ने कहा- चुनौती मैंने नहीं दी थी। मीडिया में लगातार एक महीने से सुनता आ रहा था कि बहस के लिए मैं आ नहीं रहा।

जब यह बात आई कि आपने कहा है कि प्रधानमंत्री आवास के लिए जब चाहें, आ जाइए। लो मैं आ गया। बहस की शुरुआत में शर्मा ने कहा- 25 सितंबर 2023 को बिलासपुर में राहुल गांधी की सभा हुई थी। उसमें मुख्यमंत्री के तौर आपने कहा था कि 7 लाख प्रधानमंत्री आवास की पहली सूची आज बटन दबाकर जारी कर दी गई है।

ये कार्यक्रम चुनाव से ठीक पहले हुआ था। उस दिन कहा गया कि 7 लाख लोगों के खाते में आवास के पैसे आ गए। लेकिन, वास्तव में तब सिर्फ 84 हजार लोगों के खाते में पैसा गया था। यहीं से भ्रम की शुरुआत हुई। 2023 में हमारी सरकार बनने के बाद पहली कैबिनेट में 18 लाख पीएम आवास बनाने का संकल्प लिया गया।

इनमें 2016 से अधूरे 2 लाख 46 हजार आवास भी थे। किस योजना के तहत कितने आवास हैं, यह प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण की वेबसाइट से लिए जा सकते हैं। विष्णुदेव साय सरकार ने लगभग 16,000 करोड़ रुपए पीएम आवास पर खर्च किए हैं। पिछली सरकार में करीब 3 लाख आवास पूर्ण हुए, जबकि हमारी सरकार में 11 लाख 75 हजार आवास बनकर तैयार हो चुके हैं।

इस पर बघेल ने कहा- कोरोना काल में आर्थिक स्थिति खराब थी। हमने रिजर्व बैंक से लोन लेकर आवास के लिए पैसा दिया, लेकिन केंद्र ने 2022-23 में आवास योजना का पोर्टल ही बंद कर दिया। हमने पत्र लिखकर कहा कि हमारा 8 हजार करोड़ केंद्र के पास है, उसे दे दीजिए या उसमें समायोजित कर दीजिए। पर ऐसा नहीं किया गया।

पोर्टल बंद था, इसलिए 84 हजार लोगों के खाते में पैसा कैसे जाता?

हमने आवास स्वीकृत कर पैसा डाल दिया था, लेकिन गरीबों के खाते में जाने नहीं दिया गया। सवाल है कि भारत सरकार ने पोर्टल क्यों बंद किया?

अब 14 दिसंबर 2023 की पहली कैबिनेट का निर्णय देखिए। उसमें 18 लाख आवास नए स्वीकृत किए गए। इसके बाद 10 जनवरी 2025 को शिवराज सिंह चौहान ने 3 लाख नए आवास स्वीकृत किए। 13 मई 2025 को अंबिकापुर में फिर 3 लाख आवास स्वीकृत किए गए। अभी 11 सितंबर को चांपा-जांजगीर में 3 लाख 65 हजार आवास स्वीकृत करने की घोषणा की। यानी आंकड़े जोड़ते जाइए तो 27-28 लाख तक पहुंचते हैं। पहले के 18 लाख जोड़ें तो 46 लाख तक पहुंच जाएंगे। इस पर शर्मा ने टोकते हुए कहा- आप आंकड़ों को गलत ढंग से पेश कर रहे हैं। भूपेश ने फिर कहा- जो पहले स्वीकृत हो चुके हैं, उसे दोबारा स्वीकृत कैसे करेंगे?

जो निर्मित हो चुके हैं, उसे कैसे स्वीकृत करेंगे?

आप मकान बना नहीं पाए, इस कारण झूठ बोल रहे हैं। शर्मा ने कहा- झूठ तो आप बोल रहे हैं। आपने मकान बनाना स्वीकार ही नहीं किया। आपके मंत्री टीएस सिंहदेव ने आप पर यह आरोप लगाते हुए ही इस्तीफा दिया था कि गरीबों के मकान के लिए पैसा नहीं दे रहे हैं। इस कारण हम गरीबों का मकान नहीं बना पा रहे हैं।

आपकी गणना पूरी तरह गलत है। आप जानबूझकर गुगली फेंक रहे हैं ताकि मैं उसको खेल ना पाऊं। इस पर भूपेश ने कहा- मैं गणित का विद्यार्थी हूं। मेरे आंकड़े गलत हैं तो बताइए कि 18 लाख पहले के और 27 बाद के, तो 45-46 लाख ही हुए न। इसका हिसाब बताइए। शर्मा ने कहा- आप काम नहीं करना चाहते थे, इस कारण केंद्र ने जो 6 लाख 48 हजार आवास ऑफर किए थे उनमें से आपने केवल 1 लाख 57 हजार ही स्वीकार किए और बाकी लिखकर वापस कर दिए कि हम नहीं बना पाएंगे।

आपको गरीबों की आह लगी और अपनी सरकार गंवा दी। तब भूपेश ने कहा – हां हम मकान नहीं पाए तो जनता ने हमें सजा दी। लेकिन केंद्र ने पैसा क्यों रोका? 14 दिसंबर 2023 को आपने कैबिनेट में 18 लाख आवास स्वीकृत किए। फिर बजट में केवल 14 लाख क्यों रखे? 4 लाख कहां गए?

शिवराज सिंह 10 लाख अलग से क्यों स्वीकृत कर रहे हैं?

शर्मा ने पलटवार में कहा- आप मुख्यमंत्री और वित्त मंत्री रहे हैं। आपको पता है कि राज्य सरकार सीधे प्रधानमंत्री आवास स्वीकृत नहीं कर सकती है। राज्य सरकार संकल्प लेती है कि 18 लाख आवासों का राज्यांश वहन करेगी। उसी संकल्प के आधार पर केंद्र हर वर्ष लक्ष्य और मंजूरी देती है। भूपेश ने कहा- अगर यह आपका संकल्प था तो होर्डिंग्स में 18 लाख आवास स्वीकृत क्यों लिखा गया?

जनता से झूठ क्यों बोला?

तब शर्मा ने कहा- कोरोना काल में पश्चिम बंगाल, राजस्थान, केरल और जम्मू-कश्मीर जैसे राज्यों ने अपने आवास के लक्ष्य स्वीकार किए और निर्माण कराया। केवल आपकी सरकार ने नहीं किया। अब तो आपको यह बताना चाहिए कि आपने गरीबों के मकान नहीं बनाए इस कारण आपकी सरकार के मंत्री ने इस्तीफा दे दिया था। इतना बोलते ही दोनों नेताओं में तीखी बहस होने लगी। इस तरह पूरी बातचीत बिना परिणाम तक पहुंचे बिना ही समाप्त हो गई। बहस के लिए ऐसे तैयार हुए...

केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह 11 सितंबर को छत्तीसगढ़ के दौरे पर थे। तब उन्होंने सक्ती में आयोजित कार्यक्रम में दो लाख हितग्राहियों को पीएम आवास की चाबी सौंपी। इसी दौरान पंचायत एवं गृहमंत्री विजय शर्मा ने कहा था कि विपक्ष अपनी नाकामी छिपाने के लिए पीएम आवास को लेकर सवाल उठा रहा है। उन्होंने पीएम आवास को लेकर भूपेश बघेल को खुली बहस की चुनौती दी थी।

उन्होंने कहा था कि प्रेस क्लब जब भी बुलाएगा, वह वहां बहस के लिए तैयार हैं। इस पर पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने मीडिया से कहा था कि वे पहले भी बहस के लिए तैयार थे और अब भी हैं। उन्होंने कहा था कि जगह व समय तय कर लीजिए। सीएम ने डिप्टी सीएम को 10 और भूपेश को 0 नंबर दिया विजय शर्मा और भूपेश बघेल के बीच हुई बहस पर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने उप मुख्यमंत्री की तारीफ की।

सीएम ने कहा कि हमने पूरी बहस सुनी है। उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा को 10 में से 10 नंबर दूंगा। वहीं पूर्व मुख्यमंत्री को शून्य दूंगा। डिबेट के बाद सोशल मीडिया पर वार विजय शर्मा और भूपेश बघेल के बीच पीएम आवास को लेकर हुई बहस के बाद सोशल मीडिया में भाजपा और कांग्रेस के नेता आपस में भिड़ गए।

दोनों तरफ से मीम बनाकर पोस्ट करने की होड़ लग गई। सियासी कटाक्ष से भरे कई कार्टून भी पोस्ट किए गए। यहां ऐसे कार्टूून की बानगी...

📡 स्रोत: NewsData.io

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