पाकिस्तानी लड़ाकू विमानों ने सुबह-सुबह बरसाए MK-82 बम, कहां की एयरस्ट्राइक?
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आज सुबह तड़के साढ़े चार बजे और 5 बजे पाकिस्तानी सेना ने शुक्रवार को कोहाट में हुए आतंकी हमले का बदला लेने के लिए अफगानिस्तान के रिहायशी इलाकों में एक बार फिर एयरस्ट्राइक की.
पक्तिका प्रांत के बरमाल जिले और कुनार प्रांत के नूरगल जिले में पाकिस्तानी वायुसेना की एयरस्ट्राइक में बच्चे और महिला समेत 3 आम नागरिक मारे गए और 4 आम नागरिक घायल हैं.
एयरस्ट्राइक के बाद मौके से आई तस्वीरों और वीडियो में देखा जा सकता है कि कुनार प्रांत में नूरगल जिले के पठान गांव में जिस घर पर पाकिस्तानी वायुसेना ने एयरस्ट्राइक की थी, वो पूरी तरह से मलबे में तब्दील हो चुका है.
इस मलबे से अमेरिका द्वारा निर्मित MK-82 बम के टुकड़े मिले हैं, जिसका इस्तेमाल पाकिस्तानी वायुसेना ने अफगान नागरिकों पर हमला करने के लिए किया था.
अमेरिकी F-16 या चीनी J-17 से किया हमला
इस हमले में 226 किलो के MK-82 बम का प्रयोग पाकिस्तानी वायुसेना अपने F-16 और J-17 लड़ाकू विमानों में करती है.
ऐसे में अंदेशा जताया जा रहा है कि सुबह-सुबह अफगानिस्तान पर पाकिस्तानी वायुसेना ने अमेरिकी F-16 लड़ाकू विमान से एयरस्ट्राइक की है या फिर चीनी J-17 से.
पक्तिका प्रांत के बरमाल जिले में जिस नागरिक ठिकाने पर पाकिस्तान ने हमला किया था वो असल में एक दुकान थी ऐसे में दुकान तो ध्वस्त हो गई, लेकिन वहाँ पर किसी की मौत नहीं हुई.
अफगानिस्तान ने कहा बदल लिया जाएगा
हमले पर बयान जारी करते हुए अफ़गानिस्तान सरकार के प्रवक्ता जबीउल्लाह मुजाहिद ने पाकिस्तान को चेतावनी देते हुए कहा की अफगानिस्तान इस हमले का उचित जवाब देगा.
साथ ही जबीउल्लाह मुजाहिद ने कहा कि पाकिस्तान का सैन्य तंत्र अपने देश की सुरक्षा नाकामियो से लोगों का ध्यान हटाने के लिए अफगानिस्तान पर हमला कर रहा है.
पाकिस्तान
📡 स्रोत: ABP Live
💡 पृष्ठभूमि (Background)
पाकिस्तानी सेना ने सुबह साढ़े चार बजे और पाँच बजे कोहाट में हुए आतंकवादी हमले के बदले अफगानिस्तान के रिहायशी इलाकों पर MK‑82 बमबारी की। यह घटना पक्तिका प्रांत के बरमाल जिले और कुनार प्रांत के नूरगल जिले में हुई, जहाँ तीन आम नागरिक, जिनमें बच्चे और महिलाएँ शामिल थीं, मारे गए और चार घायल हुए। यह खबर महत्वपूर्ण है क्योंकि यह क्षेत्रीय तनाव को बढ़ाती है और दोनों देशों के बीच शत्रुता को और गहरा करती है। आम जनता पर इसका असर मनोवैज्ञानिक भय, शरणार्थी प्रवाह और क्षेत्रीय सुरक्षा के प्रति अनिश्चितता के र