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पलमा–गुमला NH-43 पर सुगम आवागमन, झारखंड–छत्तीसगढ़ सीमा से गुमला तक ग्रीनफील्ड हाईवे का निर्माण जारी

लेखक: Maroof Ahmed Khan अंतिम अपडेट: 16 अक्टूबर 2026
प्रकाशक: जनता का संदेश
पलमा–गुमला NH-43 पर सुगम आवागमन, झारखंड–छत्तीसगढ़ सीमा से गुमला तक ग्रीनफील्ड हाईवे का निर्माण जारी

पलमा–गुमला NH-43 पर सुगम आवागमन, झारखंड–छत्तीसगढ़ सीमा से गुमला तक ग्रीनफील्ड हाईवे का निर्माण जारी, विकास, सड़क सुरक्षा और हरित आवरण का विस्तार जारी, एक लाख पौधे लगाने का लक्ष्य, सड़क सुरक्षा के लिए 1033 हेल्पलाइन की सुविधा उपलब्ध।

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एनएचएआई, गुमला, नरेश

पलमा–गुमला फोर-लेन सड़क का निर्माण कार्य पूरा

एनएच-43 पर 63 किलोमीटर लंबी सड़क पर यातायात शुरू

सड़क सुरक्षा के लिए 1033 हेल्पलाइन की सुविधा

एक लाख से अधिक पौधे लगाने का लक्ष्य

एंकर राष्ट्रीय राजमार्गों के विकास और बेहतर सड़क कनेक्टिविटी को मजबूती प्रदान करने के लिए केन्द्र सरकार ने कई परियोजनाओं पर कार्य किया है। इसी कड़ी में पलमा–गुमला फोर-लेन राजमार्ग परियोजना का निर्माण भी हुआ और अब इस मार्ग पर वाहनों का आवागमन जारी है। वहीं, सड़क सुरक्षा और पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देने के लिए एनएचएआई ने कई कदम उठाए हैं।

होल्ड अप साउंड रिपोर्ट

वीओ 01 पलमा–गुमला फोर-लेन राजमार्ग परियोजना झारखंड में सड़क अवसंरचना का बेहतर उदाहरण है। एनएच-43 पर पलमा से गुमला तक करीब 63 किलोमीटर लंबे फोर-लेन सड़क का निर्माण कार्य पूरा हो चुका है। एनएचएआई के क्षेत्रीय अधिकारी संतोष कुमार आर्या ने बताया कि परियोजना की कुल लागत करीब 1 हजार 908 करोड़ 43 लाख रुपये है।

बाइट- संतोष कुमार आर्या, क्षेत्रीय अधिकारी, एनएचएआई, रांची

वीओ 02 पलमा से गुमला तक राष्ट्रीय राजमार्ग-43 को आमजनों और वाहनों के आवागमन के लिए खोल दिया गया है। एनएचएआई के क्षेत्रीय अधिकारी ने बताया कि बेहतर सड़क संपर्क से यात्रियों को सुगम आवागमन की सुविधा मिलने के साथ स्थानीय व्यापार, रोजगार और आर्थिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलेगा।

बाइट- संतोष कुमार आर्या, क्षेत्रीय अधिकारी, एनएचएआई, रांची

वीओ 03. राष्ट्रीय राजमार्ग पर यात्रियों की सुरक्षा के लिए एनएचएआई ने 1033 हेल्पलाइन जारी की है। आपात स्थिति में इस नंबर पर संपर्क कर एंबुलेंस, पेट्रोलिंग वाहन और क्रेन जैसी सहायता प्राप्त की जा सकती है। साथ ही सड़क दुर्घटनाओं की रोकथाम के लिए क्रैश बैरियर, स्पष्ट रोड साइनेज और जंक्शन सुधार जैसे उपाय भी उपलब्ध हैं।

बाइट- संतोष कुमार आर्या, क्षेत्रीय अधिकारी, एनएचएआई, रांची

वीओ 04. सड़क विकास के साथ पर्यावरण संरक्षण को भी परियोजना का महत्वपूर्ण हिस्सा बनाया गया है। पलमा–गुमला फोर-लेन परियोजना के तहत कुल एक लाख चार हजार 250 पौधे लगाने का प्रावधान है। इनमें से 26 हजार 228 पौधे परियोजना रियायतग्राही की ओर से लगाए जा चुके हैं।

बाइट- संतोष कुमार आर्या, क्षेत्रीय अधिकारी, एनएचएआई, रांची

अंतिम वीओ राष्ट्रीय राजमार्गों का विकास, सड़क सुरक्षा और हरित आवरण का विस्तार, इन सभी पहलुओं के जरिए एनएचएआई क्षेत्रीय कनेक्टिविटी के साथ सतत विकास को भी गति देने के लिए प्रयासरत है।

गुमला से नरेश की रिपोर्ट।

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Maroof Ahmed Khan

Maroof Ahmed Khan जनता का संदेश के संस्थापक एवं प्रधान संपादक हैं। वे जनसरोकार, निष्पक्ष रिपोर्टिंग और जनता की आवाज़ को प्रमुखता देने के लिए प्रतिबद्ध हैं।