पंचायती राज चुनाव के तीसरे चरण में दोपहर एक बजे तक 36.76 प्रतिशत मतदान
ताज़ा खबरों से अपडेट रहने के लिए हमारे WhatsApp चैनल से जुड़ेंJoin करें →
जयपुर, 3 नवंबर। राजस्थान में पंचायती राज चुनाव के तीसरे चरण के तहत मंगलवार को जिला परिषद और पंचायत समिति सदस्यों के लिए मतदान जारी है। प्रदेश के 116 पंचायत समिति क्षेत्रों में दोपहर एक बजे तक 36.76 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया। प्रतापगढ़ जिले की दलोट पंचायत समिति में सर्वाधिक 46.85 प्रतिशत, जबकि बारां जिले की मांगरोल पंचायत समिति में सबसे कम 19.49 प्रतिशत मतदान हुआ।
सुबह सात बजे शुरू हुआ मतदान शाम छह बजे तक चलेगा। इस चरण में 27 जिलों की जिला परिषदों के 377 और 116 पंचायत समितियों के 2,119 वार्डों में सदस्य चुने जाएंगे। एक करोड़ छह लाख से अधिक मतदाता 9,094 प्रत्याशियों के चुनावी भविष्य का फैसला करेंगे। मतदान के लिए 11 हजार 800 से अधिक केंद्र बनाए गए हैं। शांतिपूर्ण और निष्पक्ष मतदान के लिए प्रशासन तथा पुलिस ने सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए हैं।
जयपुर जिले की पांच पंचायत समितियों के 77 और जिला परिषद के 11 वार्डों में मतदान हो रहा है। यहां कुल 264 उम्मीदवार चुनाव मैदान में हैं। मतदान के बाद ईवीएम मशीनों को देर रात तक भवानी निकेतन परिसर में बनाए गए संग्रहण केंद्र पर पहुंचाया जाएगा। हनुमानगढ़ जिले की छह पंचायत समितियों में मतदान शांतिपूर्ण ढंग से जारी है।
वहीं, चित्तौड़गढ़ जिले की पांचों पंचायत समितियों में भी मतदाता निर्भीक होकर अपने मताधिकार का उपयोग कर रहे हैं। मतदान केंद्रों पर सुरक्षा व्यवस्था के साथ प्रक्रिया की निगरानी की जा रही है। भरतपुर जिले की बयाना पंचायत समिति की गाजीपुर ग्राम पंचायत में महिला आदर्श बूथ पर मतदान के बाद महिलाओं ने सेल्फी पॉइंट पर तस्वीरें लीं।
कई महिलाएं स्थानीय लोकगीत गाते हुए मतदान केंद्रों तक पहुंचीं। कोटपूतली-बहरोड़ जिले में चार पंचायत समिति क्षेत्रों के 113 केंद्रों पर मतदान हो रहा है। यहां एक युवती ने पहली बार अपने पिता के साथ मतदान कर उत्साह जताया।
सवाई माधोपुर जिले में राज्य निर्वाचन आयोग के पर्यवेक्षक ब्रजेश चंदोलिया ने खंडार पंचायत समिति के छाण और बालेर सहित संवेदनशील मतदान केंद्रों का निरीक्षण किया। जिला निर्वाचन अधिकारी एवं जिला कलेक्टर कानाराम तथा पुलिस अधीक्षक जेष्ठा मैत्रेई ने मलारना डूंगर और बरनाला सहित विभिन्न मतदान केंद्रों का जायजा लेकर अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।