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परीक्षाओं में नकल रोकने के लिये सख्त कदम उठाते हुए चार महानगरों मे किया फास्ट-ट्रैक कोर्ट का गठन

लेखक: Maroof Ahmed Khan अंतिम अपडेट: 16 अक्टूबर 2026
प्रकाशक: जनता का संदेश
परीक्षाओं में नकल रोकने के लिये सख्त कदम उठाते हुए चार महानगरों मे किया फास्ट-ट्रैक कोर्ट का गठन

विशेष फास्‍ट ट्रेक कोर्ट परीक्षाओं मे नकल रोकने के लिए बनाई गई त्‍वरित जाँच/कानूनी प्रणाली या उडनदस्‍तों से संबंधित है। इन फास्‍ट-ट्रैक अदालतों को चार्जशीट दाखिल होने के 3 महीने के भीतर मामले का निपटारा (ट्रायल पूरा) करने का लक्ष्‍य दिया गया है। फास्‍ट-ट्रैक कोर्ट मे पैरवी विशेष अभियोजक करेंगें। संबंधित जिले के पुलिस अधीक्षक के नेतृत्‍व मे एसआईटी का गठन किया गया है। फास्‍ट-ट्रैक कोर्ट भोपाल, इंदौर, ग्‍वालियर, और जबलपुर महानगरों में बनाई जायेगी, जिनका कार्यक्षेत्र निर्धारित किया गया है।

भोपाल मे फास्‍ट-ट्रेक विशेष न्‍यायालय के अंर्तगत भोपाल, सीहोर, रायसेन, बैतूल, नर्मदापुरम, हरदा, राजगढ़ और विदिशा जिलों के मामलों की सुनवाई करेगी। इंदौर में फास्‍ट-ट्रेक विशेष न्‍यायालय के अंर्तगत इंदौर, धार, रतलाम, झाबुआ, मंदसौर, उज्जैन, देवास और आसपास के मालवा-निमाड़ क्षेत्र के मामलों को देखेगी।

ग्‍वालियर मे फास्‍ट-ट्रेक विशेष न्‍यायालय के अंर्तगत ग्वालियर, भिंड, मुरैना, शिवपुरी, गुना, दतिया, अशोकनगर और टीकमगढ़ जिलों का अधिकार क्षेत्र इसके पास है। जबलपुर मे फास्‍ट-ट्रेक विशेष न्‍यायालय के अंर्तगत जबलपुर, सागर, रीवा, सतना, छिंदवाड़ा, शहडोल और महाकौशल/बुंदेलखंड के अन्य जिलों के मामले यहां सुने जाएंगे।

राज्‍य शासन ने फास्‍ट-ट्रैक कोर्ट के लिए विशेष अभियोजकों की नियुक्ति की है। विशेष अभियोजक इन प्रकरणों में साक्ष्यों के प्रभावी प्रस्तुतिकरण, गवाहों के समुचित प्रबंधन और न्यायालयीन पैरवी पर विशेष ध्यान देंगे। इससे मामलों की सुनवाई अधिक व्यवस्थित ढंग से आगे बढ़ाने और न्यायिक प्रक्रिया में तेजी लाने में सहायता मिलेगी।

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Maroof Ahmed Khan

Maroof Ahmed Khan जनता का संदेश के संस्थापक एवं प्रधान संपादक हैं। वे जनसरोकार, निष्पक्ष रिपोर्टिंग और जनता की आवाज़ को प्रमुखता देने के लिए प्रतिबद्ध हैं।